अबतक इंडिया न्यूज देशनोक, 24 जुलाई। कस्बे में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बरसात अब देशनोक वासियों के लिए राहत के बजाय आफत का सबब बन गई है। बारिश के कारण कस्बे की लगभग सभी प्रमुख सड़कें पूरी तरह जलमग्न हो चुकी हैं और अब जलभराव के बाद चारों तरफ फैले कीचड़ ने विकराल रूप ले लिया है। इस स्थिति के चलते बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूली विद्यार्थियों सहित आम राहगीरों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
निर्माण कार्य बने आफत, दुपहिया वाहन चालक जोखिम में
सड़कों पर फैले कीचड़ की वजह से उत्पन्न हुई भीषण फिसलन अब हादसों का मुख्य केंद्र बन गई है। कस्बे में हाल ही में निर्माण कार्य के लिए खोदी गई सड़कें अब गहरे दलदल में तब्दील हो चुकी हैं। हालात इतने बदतर हैं कि इन रास्तों से पैदल निकलना तो दूर, दुपहिया वाहनों का गुजरना भी पूरी तरह दूभर हो गया है। कस्बे का मुख्य सदर बाजार और उससे जुड़ने वाली तमाम संपर्क (लिंकिंग) सड़कें इस समय कीचड़ का दरिया बनी हुई हैं, जिससे व्यापारियों और खरीदारों दोनों का व्यापार प्रभावित हो रहा है।

कागजों तक सीमित रहे प्रशासनिक दावे हालांकि स्थानीय नगरपालिका प्रशासन जलभराव और कीचड़ से निजात दिलाने के दावे और प्रयास कर रहा है, लेकिन धरातल पर ये तमाम कोशिशें नाकाफी साबित हो रही हैं। मानसून से पहले की गई तैयारियों के लंबे-चौड़े दावे सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह गए हैं। जिला प्रशासन द्वारा मानसून की मुस्तैदी और हेल्पलाइन नंबर जारी करने के निर्देश देशनोक में पूरी तरह ‘हवा-हवाई’ साबित हो रहे हैं।
जिला प्रशासन से गुहार
नाराज और परेशान स्थानीय निवासियों ने अब जिला प्रशासन और उच्च अधिकारियों से गुहार लगाई है कि वे तुरंत मामले में हस्तक्षेप करें। ग्रामीणों की मांग है कि जलभराव की त्वरित निकासी कराई जाए और खोदे गए गड्ढों व कीचड़ पर मलबे/गिट्टी की व्यवस्था कर देशनोक वासियों को इस आफत से जल्द से जल्द निजात दिलाई जाए।












