अबतक इंडिया न्यूज 7 सितंबर देशनोक । देशनोक नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष के कार्यकाल के काले कारनामे और आर्थिक अनियमितताएं खुलकर सामने आ गई हैं। भारतीय जनता पार्टी ने पूर्व पालिका प्रशासन और तत्कालीन पालिकाध्यक्ष पर भ्रष्टाचार, तुष्टीकरण, मनमानी वसूली और जन आस्था के साथ खिलवाड़ करने के कई संगीन आरोप लगाते हुए खुलासे किए हैं। आरोपों के केंद्र में पट्टा वितरण में धांधली से लेकर करोड़ों रुपये के चारा और पक्षी चुगा घोटाले शामिल हैं।
पट्टा आवंटन में मनमानी वसूली और ओरण भूमि पर डाका
सरकारी नियमों को ताक पर रखकर देशनोक में पट्टा वितरण की आड़ में आम जनता से भारी लूट की गई। सरकार द्वारा निर्धारित 500 रुपये की पट्टा दर के विपरीत पालिका प्रशासन ने अवैध वसूली करते हुए प्रति पट्टा हजारों रुपये वसूले। यही नहीं, पवित्र ओरण भूमि पर अपने चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए नियमों को दरकिनार कर अवैध रूप से पट्टे जारी किए गए और ओरण क्षेत्र में अवैध निर्माण को संरक्षण दिया गया।
पीएम आवास में भेदभाव, तेमड़ाराय मार्ग पर जन आस्था से खिलवाड़
केंद्र सरकार की अतिमहत्वाकांक्षी ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ में भी भारी राजनीतिक भेदभाव बरता गया। पात्र और वास्तविक जरूरतमंद गरीबों को योजना के लाभ से वंचित रखा गया, जबकि चहेतों को इसका लाभ पहुंचाया गया। इसके अलावा, प्रसिद्ध करणी माता-तेमड़ाराय मंदिर मार्ग का नाम बदलने का षड्यंत्र रचकर स्थानीय लोगों की धार्मिक भावनाओं को आहत किया गया। जनाक्रोश और बड़े जन आंदोलन के दबाव के आगे अंततः पालिकाध्यक्ष को सार्वजनिक रूप से माफी मांगने पर मजबूर होना पड़ा था। इतना ही नहीं, अपनी व्यक्तिगत हठधर्मिता और घमंड की संतुष्टि के लिए ऐतिहासिक करणी माता-तेमड़ाराय मार्ग का निर्माण अटकाकर उसे कीचड़ के दरिया में तब्दील कर दिया गया, जिससे श्रद्धालुओं को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
पशु चारा, पक्षी चुगा और आयोजनों के नाम पर करोड़ों की हेराफेरी
- चारा एवं पक्षी चुगा घोटाला: बेज़ुबान मूक पशुओं के नाम पर 1 करोड़ रुपये से अधिक का चारा घोटाला अंजाम दिया गया। वहीं पक्षियों के दाने-पानी के नाम पर जारी 50 लाख रुपये से अधिक के बजट में भी भारी घपला किया गया।
- सांस्कृतिक आयोजन घोटाला: देशनोक में विभिन्न सांस्कृतिक और सार्वजनिक आयोजनों के नाम पर करोड़ों रुपये का फर्जीवाड़ा कर सार्वजनिक धन की खुली बंदरबांट की गई।
भाजपा नेताओं ने कहा कि पूर्व पालिका प्रशासन ने देशनोक के विकास को पीछे धकेलने के साथ-साथ धार्मिक स्थलों की पवित्रता और जनहित के पैसों पर डाका डालने का काम किया है, जिसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।












