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पेपर लीक पर अब और सख्त होगा कानून, सरकार के नए बिल में क्या-क्या होगा ?जुर्माना व सजा दोनों बढ़ सकती हैं …

अबतक इंडिया न्यूज 24 जुलाई दिल्ली । पेपर लीक और नकल माफिया पर शिकंजा कसने के लिए केंद्र सरकार आज बड़ा फैसला ले सकती है. थोड़ी देर में होने वाली केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 को और सख्त बनाने वाले संशोधनों को मंजूरी मिलने की संभावना है. सूत्रों के मुताबिक, सरकार परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने और दोषियों को कड़ी सजा देने के लिए कानून में कई अहम बदलाव करने जा रही है.
सूत्रों के अनुसार, संशोधित कानून में पेपर लीक और नकल से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का प्रावधान जोड़ा जा सकता है. इन अदालतों को विशेष अधिकार दिए जाने की भी तैयारी है. इसके अलावा व्यक्तिगत अपराधों में मौजूदा 3 से 5 साल की सजा और 10 लाख रुपये तक के जुर्माने को और बढ़ाया जा सकता है. वहीं संगठित गिरोहों और सर्विस प्रोवाइडर्स के खिलाफ कम से कम 1 करोड़ रुपये तक के जुर्माने और 5 से 10 साल की सजा का प्रावधान किए जाने पर भी विचार है.
कैबिनेट की मंजूरी मिली तो सोमवार को आएगा बिल
सरकारी सूत्रों का कहना है कि यदि आज कैबिनेट इस प्रस्ताव को मंजूरी दे देती है तो संशोधन विधेयक सोमवार को लोकसभा में पेश किया जा सकता है. सरकार का उद्देश्य परीक्षा माफिया के पूरे नेटवर्क पर कानूनी शिकंजा कसना और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ा संदेश देना है.

10 साल तक की जेल और ₹1 करोड़ तक जुर्माने का प्रस्ताव

  • दोषी पाए जाने पर 5 से 10 साल तक की जेल का प्रावधान किया जा सकता है.
  • न्यूनतम जुर्माना ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹1 करोड़ तक किया जा सकता है.
  • मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट को अधिक अधिकार दिए जाने का भी प्रस्ताव है, ताकि फैसले जल्दी हो सकें.

मानसून सत्र में पेश हो सकता है संशोधन विधेयक

सरकार की योजना है कि संसद के मानसून सत्र के दूसरे सप्ताह में यह संशोधन विधेयक पेश किया जाए. इसके बाद इसे लोकसभा और राज्यसभा दोनों में पारित कराने की कोशिश होगी. सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों पर प्रभावी रोक लगाना और नकल माफिया के खिलाफ मजबूत कानूनी ढांचा तैयार करना है.

विपक्ष ने उठाए सवाल

हालांकि, प्रस्तावित संशोधनों को लेकर विपक्ष ने सवाल भी खड़े किए हैं. विपक्षी दलों का कहना है कि 2024 का कानून पहले से लागू है, इसलिए नया संशोधन लाने से पहले यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि मौजूदा कानून को प्रभावी ढंग से लागू क्यों नहीं किया जा सका.

NEET मामले का भी दिया गया उदाहरण

सरकार की ओर से बताया गया है कि NEET पेपर लीक मामले में 13 आरोपियों के खिलाफ 2024 के कानून के तहत कार्रवाई की गई थी. इस मामले की सुनवाई के लिए पहले ही एक फास्ट-ट्रैक कोर्ट का गठन किया जा चुका है. सरकार का मानना है कि कानून को और मजबूत बनाने से भविष्य में इस तरह के अपराधों पर ज्यादा प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा.

अभी क्या है कानून का प्रावधान?

  • व्यक्तिगत अपराध के मामलों में 3 से 5 साल तक की जेल और ₹10 लाख तक जुर्माने का प्रावधान है.
  • सर्विस प्रोवाइडर पर ₹1 करोड़ तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.
  • संगठित अपराध की श्रेणी में 5 से 10 साल तक की सजा और कम से कम ₹1 करोड़ जुर्माने का प्रावधान.

अब सरकार इन प्रावधानों को और अधिक कठोर बनाकर परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने और पेपर लीक जैसे अपराधों पर सख्त रोक लगाने की दिशा में आगे बढ़ रही है.

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