अबतक इंडिया न्यूज 1 अक्टूबर बीकानेर । प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत बीकानेर जिले में चल रहे कार्यों की समीक्षा बैठक गुरुवार को आत्मा सभागार, कृषि भवन में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता योजना के प्रभारी अधिकारी एवं भारत सरकार के श्रम विभाग के संयुक्त सचिव आशुतोष ए.टी. पेडणेकर ने की।
बैठक में उद्यान विभाग के सहायक निदेशक मुकेश गहलोत ने बताया कि कम फसल उत्पादकता, मध्यम फसल सघनता और कम ऋण उपलब्धता के मानकों के आधार पर देश भर में चयनित 100 जिलों में बीकानेर को शामिल किया गया है।

समीक्षा के दौरान योजना के अंतर्गत 11 विभागों की 36 योजनाओं की प्रगति को 73 आउटपुट और 46 आउटकम इंडिकेटर्स के आधार पर परखा गया। संयुक्त सचिव आशुतोष पेडणेकर ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को माहवार लक्ष्य निर्धारित कर त्वरित गति से कार्य करने और शत-प्रतिशत प्रगति सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए। बैठक में कृषि, उद्यान, पशुपालन, सहकारिता, डेयरी, ग्रामीण विकास और लीड बैंक सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
विभिन्न अनुसंधान संस्थानों का लिया जायजा
बैठक के पश्चात संयुक्त सचिव ने कृषि समृद्धि एवं विकास से जुड़े प्रमुख भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के संस्थानों का निरीक्षण किया। उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र (KVK), केंद्रीय शुष्क बागवानी संस्थान (CIAH), राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केंद्र (NRCC) तथा राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र (NRCE) का दौरा कर प्रगति का जायजा लिया।
संस्थानों के प्रभारियों एवं वैज्ञानिकों से चर्चा करते हुए पेडणेकर ने कहा कि किसान की समृद्धि और विकास को ध्यान में रखते हुए संस्थान अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि प्रयोगशालाओं में किए जा रहे अनुसंधान के परिणाम कृषि विस्तार के माध्यम से सीधे धरातल पर किसानों के खेतों में नजर आने चाहिए।
निरीक्षण एवं बैठक के दौरान सहायक निदेशक (उद्यान) मुकेश गहलोत, सहायक निदेशक (कृषि) सुरेंद्र मारू, अधीक्षण अभियंता देवराज हटीला, उद्यान अधिकारी रमेश भाम्भू सहित विभिन्न संस्थानों के प्रभारी अधिकारी व वैज्ञानिक उपस्थित रहे।












