अबतक इंडिया न्यूज 27 देशनोक। बीकानेर के देशनोक में उस समय सनसनी फैल गई, जब राष्ट्रीय राजमार्ग 62 (नोखा की ओर) के पश्चिमी दिशा की रोही में एक युवक का क्षत-विक्षत नरकंकाल मिला। चौंकाने वाली बात यह है कि यह कंकाल जमीन पर गिरे हुए एक काफी पुराने पेड़ पर संदिग्ध परिस्थितियों में लटका हुआ पाया गया।
सूचना मिलते ही देशनोक पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंची और पूरे इलाके को अपने नियंत्रण में ले लिया।
मोबाइल से हुई पहचान, ससुराल पक्ष सबसे पहले पहुंचा
पुलिस को कंकाल के पास से एक मोबाइल फोन बरामद हुआ है, जिसके जरिए मृतक के परिजनों को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही सबसे पहले युवक के ससुराल पक्ष के लोग मौके पर पहुंचे।
मृतक की पत्नी के भाई (साले) महेंद्र सिंह (निवासी: दातारामगढ़) ने प्रथम दृष्टया शव की पहचान शिवराज सिंह राठौड़ (पुत्र महेंद्र सिंह राठौड़, निवासी: बड़ा गांव, जिला नागौर) के रूप में की है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि मौत की आधिकारिक और कानूनी पुष्टि डीएनए (DNA) टेस्ट के बाद ही हो सकेगी।
30 मार्च से बंद था मोबाइल, हाईवे के ढाबे पर रहने की बात आई सामने
परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक, मृतक शिवराज सिंह पिछले करीब तीन महीने से देशनोक में ही रह रहा था। वह हाईवे पर स्थित एक ढाबे पर रुकता था। ससुराल पक्ष के अनुसार, 30 मार्च 2026 से ही शिवराज सिंह का मोबाइल फोन लगातार बंद आ रहा था।
प्रॉपर्टी विवाद और रंजिश का अंदेशा!
ससुराल पक्ष के ही प्रताप सिंह ने बताया कि शिवराज सिंह ठेके पर बिजली फिटिंग (Electricity Fitting) का काम करता था और साथ ही प्रॉपर्टी डीलिंग से भी जुड़ा हुआ था। उन्होंने अंदेशा जताया है कि प्रॉपर्टी को लेकर उसकी किसी से रंजिश चल रही थी, जिसके चलते परिस्थितियां अत्यधिक संदिग्ध नजर आ रही हैं।
पिता के आने का इंतजार, डीएनए के बाद होगा आधिकारिक खुलासा
फिलहाल युवक का शव (कंकाल) मौके पर ही सुरक्षित रखा गया है। मृतक के पिता महेंद्र सिंह के देशनोक पहुंचने के बाद ही शव को देशनोक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया जाएगा।
देशनोक पुलिस के अनुसार, मृतक के परिजनों ने अभी तक इस मामले में औपचारिक रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई है। युवक की मौत हत्या है या आत्महत्या, इसका पुख्ता खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट, डीएनए (DNA) रिपोर्ट और परिजनों द्वारा दी जाने वाली रिपोर्ट के बाद ही हो पाएगा।











