अबतक इंडिया न्यूज बीकानेर 23 जुलाई । जयपुर स्थित श्री परशुराम ज्ञानपीठ की तर्ज पर अब बीकानेर में भी भव्य ‘श्री परशुराम ज्ञानपीठ’ का निर्माण कराया जाएगा। इस प्रस्तावित परियोजना को गति देने के लिए विप्र फाउंडेशन (जोन 1-बी) के प्रभारी मुकेश रामपुरा ने अपने एक दिवसीय बीकानेर प्रवास के दौरान संगठन को आवंटित भूमि का गहन अवलोकन किया। इस दौरान जल्द से जल्द निर्माण कार्य शुरू कराने और आगामी रूपरेखा को लेकर पदाधिकारियों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।

शिक्षा, संस्कार और युवा नेतृत्व का केंद्र बनेगा ज्ञानपीठ
भूमि निरीक्षण के दौरान जोन 1-बी के प्रदेश अध्यक्ष धनसुख सारस्वत ने कहा कि प्रस्तावित श्री परशुराम ज्ञानपीठ केवल एक भवन मात्र नहीं, बल्कि विप्र समाज के भविष्य की मजबूत नींव का केंद्र साबित होगा। यह ज्ञानपीठ समाज की शैक्षणिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनने के साथ-साथ युवाओं को शिक्षा, संस्कार और नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए एक निर्णायक मंच प्रदान करेगा।
वहीं, युवा प्रदेश महामंत्री एडवोकेट पंकज पीपलवा ने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज समाज को ऐसे संस्थानों की महती आवश्यकता है जो नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध संस्कृति और संस्कारों से जोड़ते हुए आधुनिक शिक्षा व प्रगतिशील सोच के साथ आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त करें।
अतिथियों का किया गया सम्मान
कार्यक्रम के दौरान सांगठनिक परंपरा के अनुसार अतिथियों का स्वागत किया गया। जोन 1-बी के प्रदेश अध्यक्ष धनसुख सारस्वत ने प्रभारी मुकेश रामपुरा का दुपट्टा पहनाकर अभिनंदन किया। इसके साथ ही रतनगढ़ से आए युवा प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव सुनील शर्मा का एडवोकेट पंकज पीपलवा ने तथा शंकर महर्षि का संगठन साथी युवराज व्यास ने दुपट्टा पहनाकर स्वागत-सत्कार किया।
इस अवसर पर पीयूष भूषण शर्मा, केशव आचार्य सहित विप्र फाउंडेशन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।












