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भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में कानूनी पेच , सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल, पुलिसकर्मियों पर FIR की मांग

अबतक इंडिया न्यूज 21 जून । बिहार के भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में भरत तिवारी के कथित एनकाउंटर को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है. इस याचिका में घटना की निष्पक्ष जांच और इसमें कथित तौर पर शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की गई है. यह याचिका सुप्रीम कोर्ट के वकील विशाल तिवारी ने दायर की है.

इसमें एनकाउंटर की परिस्थितियों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की गई है और घटना के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है. याचिकाकर्ता ने घटना स्थल पर मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की जांच की भी मांग की है और अनुरोध किया है कि पूरे मामले में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए उनके खिलाफ भी FIR दर्ज की जाए.

बिलौटी गांव में भरत तिवारी एनकाउंटर के अलावा, याचिका में उत्तर प्रदेश में कथित पूरे और आधे एनकाउंटर मामलों की व्यापक जांच की भी मांग की गई है. याचिकाकर्ता का तर्क है कि ऐसे मामलों में कानून के शासन को बनाए रखने और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए न्यायिक निगरानी में जांच जरूरी है. फिलहाल, सुप्रीम कोर्ट में याचिका पर सुनवाई की तारीख का इंतजार है. इस मामले ने कानूनी और राजनीतिक हलकों में भी जोरदार चर्चा छेड़ दी है.

बीजेपी नेता अश्विनी चौबे ने भी उठाए सवाल

वहीं इस पूरे मामले में बीजेपी के सीनियर नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने भी सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि अगर भरत तिवारी ने सरेंडर कर दिया था और उनके पास कोई हथियार नहीं था, तो पुलिस ने गोली क्यों चलाई. आरा के सांसद सुदामा प्रसाद ने भी उपलब्ध वीडियो फुटेज और दूसरे सबूतों का हवाला देते हुए इस एनकाउंटर को संदिग्ध बताया है. हालांकि, प्रशासन का कहना है कि तिवारी ने उस पुलिस टीम पर गोली चलाई जो उन्हें पकड़ने गई थी, जिसके जवाब में पुलिस को भी गोली चलानी पड़ी.

परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस पर लगाए आरोप

वहीं, भरत तिवारी के परिवार के लोग और ग्रामीण पुलिस के दावे को खारिज करते हुए आरोप लगा रहे हैं कि सरेंडर करने के बाद उन्हें गोली मारी गई. सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला और भी विवादित हो गया है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या पुलिस कार्रवाई के दौरान तय नियमों का पालन किया गया था.

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