Home » देश » केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित ओरण भूमि में सड़क निर्माण के स्थान व दिशा परिवर्तन की मांग को लेकर प्रन्यास ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, सरकार व प्रशासन जनभावना व जनआस्था के अनुरूप पुनः विचार करें- बादल सिंह

केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित ओरण भूमि में सड़क निर्माण के स्थान व दिशा परिवर्तन की मांग को लेकर प्रन्यास ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, सरकार व प्रशासन जनभावना व जनआस्था के अनुरूप पुनः विचार करें- बादल सिंह

अबतक इंडिया न्यूज देशनोक 27 मई ।  राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम  1956 के तहत जारी राजपत्र के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग 62 के चौड़ाईकरण के लिए देशनोक करणी माता ओरण की भूमि अर्जन के लिए अखबार में प्रकाशित अधिसूचना को लेकर बुधवार को श्री करणी मंदिर निजी प्रन्यास के अध्यक्ष बादल सिंह के नेतृत्व प्रन्यास प्रतिनिधि मंडल ने बीकानेर उपखण्ड अधिकारी से भेंटवार्ता कर ज्ञापन सौंपकर अपना पक्ष प्रस्तुत किया।12 मई 2026 को जारी अधिसूचना 26 मई को अखबार में प्रकाशित की गई है के अनुसार गांव देशनोक,उदयरामसर, पलाना ,पलाना तालुका बीकानेर में एनएच 62 किमी 247 से किमी 269.26 तक भू-खण्ड के निर्माण (चौड़ाईकरण/पेब्ड शोल्डर सहित 2-लेन/4-लेन का बनाना आदि) के लिए अधिसूचित किया गया है।
        प्रन्यास अध्यक्ष बादल सिंह ने बताया कि इस अधिसूचना के अनुसरण में जो भूमि है वो करणी माता ओरण के खसरा से संख्या 1386,785,788,671/2,858/1,885 व 856 के नाम से राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज हैं। गांव की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए इस रोड़ की कोई प्रासंगिकता नहीं है और न ही आमजन व राष्ट्रीय राजमार्ग की समस्या का हल होगा ,बल्कि समस्या अत्यधिक बढ़ेगी।यही रोड़ पश्चिमी दिशा के बदले पूर्व दिशा से निकाली जाए तो पवित्र ओरण  भूमि भी सुरक्षित व संरक्षित रहेगी बल्कि आमजन के लिए सुविधाजनक होने के साथ -साथ यातायात संचालन भी सुगम होगा। उप खण्ड अधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में इस पर पुनः विचार करने की मांग की गई है।
         केंद्र सरकार द्वारा जारी अधिसूचना में ओरण भूमि के जो खसरे सम्मिलित किए गए है ओरण की  उस दिशा(पश्चिम) में मां करणी का प्राचीन नेहड़ी जी मंदिर सहित कई प्राचीनतम व स्थापित धरोहरें हैं जिनका संरक्षण अति आवश्यक हैं।प्रति वर्ष कार्तिक शुल्क चतुर्थदर्शी को देशभर के लाखों श्रद्धालु  इस पवित्र ओरण की आस्था के साथ परिक्रमा करते हैं।इसलिए यह श्रद्धालुओ के लिए दुविधा जनक ही नहीं उनकी आस्था के साथ खिलवाड़ होगा।यह ओरण भूमि पूरे देश में जनआस्था का केंद्र के रूप सुविख्यात हैं।
        ज्ञापन में प्रन्यास के सुझावों पर जनभावनाओं व जनआस्था के अनुरूप  गंभीरतापूर्वक पुनः विचार करते हुए प्रन्यास के साथ विचार-विमर्श कर ही प्रस्तावित सड़क का निर्माण करवाने की मांग की गई हैं।प्रतिनिधि मंडल में प्रन्यास अध्यक्ष बादल सिंह,उपाध्यक्ष सीता दान,मंडलीय चारण सभा अध्यक्ष भंवर दान,संतोष दान आदि शामिल रहे।

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