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बुटाटी धाम मंदिर समिति पर गबन का आरोप, जांच में 22 करोड़ 74 लाख रुपये के गबन का खुलासा

अबतक इंडिया न्यूज 13 जुलाई  नागौर । राजस्थान के नागौर जिले के बूटाटी धाम स्थित संत श्री चतुरदास महाराज मंदिर में विकास समिति पर गबन का गंभीर आरोप लगा है. मंदिर विकास समिति पर 22 करोड़ से अधिक की गबन करने का आरोप लगा है. जिला कलेक्टर की ओर से जांच कमेटी गठित की गई. वहीं जांच कमेंटी ने अपनी जांच नागौर जिला कलेक्टर को भी सौंप दी.

 

जांच में 22 करोड़ 74 लाख रुपये के गबन का खुलासा

 

जांच में मंदिर समिति के कार्यकाल में करीब 22 करोड़ 74 लाख रुपये का गबन का खुलासा हुआ है. पिछले कई दिनों से ग्रामीणो व मंदिर समिति में विवाद चल रहा था. ग्रामीणो ने मंदिर समिति अध्यक्ष पर गबन करने का आरोप लगाया था. जिसके बाद जिला कलेक्टर ने जांच कमेटी गठित कर जांच शुरू की. वहीं जांच रिपोर्ट मे मंदिर समिति के लेखा जोखा, बैंक लेनदेन, वाउचर सहित अन्य दस्तावेजों की जांच के बाद रिपोर्ट जिला कलेक्टर को भेजी है. रिपोर्ट में सोना चांदी के लेखांकन, भोजनशाला निर्माण, रसोई, ग्राम विकास, किराया आय, सीसीटीवी, सुरक्षा, गौशाला, विभिन्न खरीद, मरम्मत कार्य, वेतन और पेट्रोल डीजल के खर्च में गबन और निधि का दुरुपयोग माना है.

 

किस साल में हुआ कितने करोड़ का गबन

 

जांच रिपोर्ट में वर्ष 2023-24 और 2024-25 में 15.16 करोड़ रुपये का प्रमाणित गबन सामने आया है. वहीं वर्ष 2025-26 के रिकॉर्ड जांच दल को उपलब्ध नहीं कराने पर प्रतिकूल अनुमान के आधार पर 7.58 करोड का गबन जोड़ते हुए कुल 22.74 करोड़ का गबन का आकलन किया गया है.

 

मामले में बूटाटी मंदिर समिति अध्यक्ष ने क्या कहा ?

 

वहीं इस पूरे मामले को लेकर बूटाटी मंदिर समिति अध्यक्ष देवेंद्र सिंह ने बताया कि हमारी तरफ से किसी भी प्रकार का कोई गबन नहीं किया गया. जब भी जांच कमेटी ने हमारे से डोक्यूमेंट मांगे थे हमने पेश किए हैं और  मांगे जाते, तो हम देने के लिए तैयार हैं. वहीं अध्यक्ष ने बताया कि हमें भी जानकारी नहीं है कि जांच कमेटी ने क्या रिपोर्ट पेश की है. इसकी जानकारी हमें नहीं है. मैं कल जिला कलेक्टर से मिलकर सारे डाक्यूमेंट्स पेश करूंगा.

 

वहीं इस पूरे मामले को लेकर डेगाना एसडीएम ने समिति अध्यक्ष सहित समिति के 11 सदस्यों पर अपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी, खातों का मिथ्याकरण और साक्ष्य नष्ट करने जैसी धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की सिफारिश की है.

 

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