अबतक इंडिया न्यूज 12 मार्च । राजस्थान के बारां जिले के अंता कस्बे में अचानक पानी की सप्लाई ठप्प हो गई है. अंता–नागदा–बलदेवपुरा पेयजल परियोजना से जुड़े करीब 30 ठेका कर्मचारी पिछले दस महीने से वेतन न मिलने के कारण हड़ताल पर चले गए हैं. वे कहते हैं कि बिना पैसे के काम करना अब नामुमकिन हो गया था. हड़ताल पिछले दो दिनों से चल रही है लेकिन आज यह मुद्दा सामने आया.
हड़ताल के चलते पूरी परियोजना बंद हो गई है. अब अंता कस्बा और आसपास के 44 गांवों में एक भी बूंद शुद्ध पानी नहीं पहुंच रहा है. करीब एक लाख उपभोक्ता इस समस्या से जूझ रहे हैं. घरों में नल सूख गए हैं और लोग पानी के लिए तरस रहे हैं.
शुद्ध पानी बंद होने से लोग मजबूरी में फ्लोराइड युक्त पानी पी रहे हैं. डॉक्टरों का कहना है कि इससे स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है. बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा परेशान हैं. कई परिवारों में बीमारी का डर घर कर गया है. ठेका कर्मचारी साफ कह चुके हैं कि जब तक बकाया वेतन का पूरा भुगतान नहीं होता वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे. उनकी मांग है कि सरकार तुरंत कदम उठाए.
लोगों की प्रशासन से गुहार
स्थानीय लोग अब प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं. वे चाहते हैं कि जल्द से जल्द हड़ताल खत्म हो और पानी की आपूर्ति बहाल की जाए. अगर समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो संकट और बढ़ सकता है. इस संकट ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है. लोग उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन जल्द ही ठेका कर्मचारियों के साथ बात करके समस्या सुलझाएगा ताकि हर घर में फिर से शुद्ध पानी पहुंच सके.









