अबतक इंडिया न्यूज 1 मई । वैशाख पूर्णिमा को हिंदू धर्म में बेहद ही शुभ दिन माना जाता है। इस दिन किए गए धर्म-कर्म और दान-पुण्य का कई गुना अधिक फल प्राप्त होता है। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। वैशाख पूर्णिमा के दिन ही भगवान बुद्ध का जन्म हुआ था और इसी दिन बौद्ध धर्म की स्थापना भी हुई थी। इसलिए हिंदू धर्म के साथ-साथ बौद्ध धर्म के लोगों के लिए भी यह दिन बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। आइए जानते हैं कि वैशाख पूर्णिमा के दिन क्या करना चाहिए और किन चीजों से परहेज करना चाहिए।
वैशाख मास की पूर्णिमा तिथि को हर साल यह त्योहार मनाया जाता है। इस बार वैशाख पूर्णिमा 1 मई को मनाई जाएगी। पूर्णिमा तिथि 30 अप्रैल को रात 9 बजकर 13 मिनट से शुरू होकर अगले दिन रात 10 बजकर 53 मिनट तक रहेगी। मान्यता है कि इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने और जरूरतमंद लोगों को दान देने से पापों का नाश होता है और सुख-समृद्धि प्राप्त होती है।
वैशाख पूर्णिमा के दिन क्या करें?
- वैशाख पूर्णिमा के दिन ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करना शुभ माना जाता है। इस दिन सुबह जल्दी उठकर पवित्र नदी में स्नान करें। अगर नदी में स्नान करना संभव न हो तो पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें।
- इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करें। भगवान विष्णु को पीले फूल और पीले वस्त्र अर्पित करें। माता लक्ष्मी को श्रृंगार की वस्तुएं अर्पित करें।
- वैशाख पूर्णिमा के दिन दान का विशेष महत्व हैं। इस दिन जरूरतमंद लोगों को जल से भरा घड़ा, छाता, पंखा दान करें। इस दिन जल का दान करने से गोदान के बराबर फल प्राप्त होता है।
- इस दिन भगवान सत्यनारायण की कथा पढ़ने और सुनने से घर में सुख-समृद्धि आती है।
वैशाख पूर्णिमा के दिन क्या न करें?
- वैशाख पूर्णिमा बेहद ही पवित्र दिन माना जाता है। ऐसे में इस दिन तामसिक भोजन से परहेज करें। इससे पूजा का संपूर्ण फल नहीं मिलता।
- इस दिन काले रंग के कपड़े न पहने और काली रंग की वस्तुओं का दान करने से बचें।
- इस दिन देर तक न सोएं और सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें।
- वैशाख पूर्णिमा के दिन किसी का अपमान न करें और वाद विवाद से बचें।
- इस दिन नाखून काटने से भी बचना चाहिए।










