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कफन के गबन का खुला राज, जिंदा लोगों का किया अंतिम संस्कार! 4,50,000₹ हड़प कर भी नहीं ली डकार

अबतक इंडिया न्यूज बिहार 21 जून । कफन के गबन का अनोखा मामला सामने आया.बिहार के पूर्वी चंपारण में जहां अफसरों ने गरीबों के हक का साढ़े 4 लाख रुपया हड़प लिया और डकार तक न ली. इतना ही नहीं बल्कि कागजों में जिंदा लोगों का अंतिम संस्कार तक कर दिया. दरअसल, मामला गरीबों के लिए चलने वाली कबीर अंत्येष्टि योजना से जुड़ा है. आरोप है कि पूर्वी चंपारण के कल्याणपुर प्रखंड की दरमाहा पंचायत में मृतकों के कफन और अंतिम संस्कार के लिए मिलने वाली राशि में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई.

मामले का खुलासा विभागीय जांच में हुआ है. जांच में सामने आया कि कई जीवित लोगों के नाम पर कबीर अंत्येष्टि योजना की राशि निकाल ली गई. कई ऐसे लोगों को भी योजना का लाभ दे दिया गया, जो गरीबी रेखा से नीचे (BPL) नहीं बल्कि APL श्रेणी में आते हैं. जबकि असली जरूरतमंद लाभ से वंचित रह गए. बताया जा रहा है कि यह मामला लगातार 20 सूत्री की बैठकों में उठता रहा.
साढ़े चार लाख के गबन की पुष्टि
स्थानीय विधायक शालिनी मिश्रा ने जिलाधिकारी से जांच की मांग की. डीएम के निर्देश पर डीआरडीए निदेशक कुंदन कुमार ने जांच कराई. जांच रिपोर्ट में करीब साढ़े चार लाख रुपये के गबन की पुष्टि हुई है. जांच के दौरान यह भी सामने आया कि पंचायत स्तर पर नियमों की अनदेखी कर अपात्र लोगों को योजना का लाभ दिया गया. आरोप है कि मुखिया और पंचायत कर्मियों की मिलीभगत से सरकारी राशि का गलत तरीके से भुगतान किया गया. डीआरडीए निदेशक कुंदन कुमार ने भी स्वीकार किया है कि योजना के तहत अनियमित तरीके से राशि निकाली गई है. उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी गई है और आगे की कार्रवाई प्रशासनिक स्तर पर की जाएगी.
लगातार सामने आ रहे गबन के मामले
गौरतलब है कि पूर्वी चंपारण में हाल के दिनों में कई योजनाओं में गड़बड़ी के मामले सामने आ चुके हैं. केसरिया और पताही में बिना सड़क के पुलिया निर्माण का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था, कि अब कबीर अंत्येष्टि योजना में कथित घोटाले का मामला सामने आ गया. ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि अगर जिले की अन्य पंचायतों की भी गहन जांच कराई जाए तो गबन की राशि लाखों से बढ़कर करोड़ों तक पहुंच सकती है.

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