अबतक इंडिया न्यूज 2 जुलाई बीकानेर। साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘साइबर शील्ड’ और ‘ऑपरेशन म्यूल हंटर’ अभियान के तहत बीकानेर साइबर थाना पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने मणप्पुरम गोल्ड लोन अकाउंट के जरिए बैंकिंग सिस्टम में सेंध लगाकर साइबर ठगी की करोड़ों रुपये की काली कमाई को ठिकाने लगाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। मामले के मुख्य आरोपी सुनील ज्याणी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक स्विफ्ट कार और तीन महंगे मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।
ठगी का अनूठा तरीका: ऐसे बनता था ‘काला धन’ लीगल
पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने बताया कि इस गिरोह का ठगी को ठिकाने लगाने का तरीका बेहद शातिर था।
पहला कदम: आरोपी सुनील और उसके साथी अपने या अन्य लोगों के नाम पर मात्र थोड़ा सा सोना गिरवी रखकर गोल्ड लोन लेते थे।
दूसरा कदम: इसके बाद देशभर में की जा रही साइबर ठगी की रकम को ऑनलाइन माध्यम से सीधे उसी गोल्ड लोन खाते में जमा करवाकर लोन चुका देते थे।
फायदा: इस प्रक्रिया से ठगी की अवैध रकम वैध बैंकिंग लेनदेन के रूप में दिखने लगती थी। पुलिस जब तक ठगी वाले बैंक खातों को फ्रीज करती, उससे पहले ही पैसा सुरक्षित रूप से गोल्ड लोन में एडजस्ट हो जाता था। इसके बाद आरोपी इस रकम को पूरी तरह वैध तरीके से अपने बैंक खातों में ट्रांसफर कर मोटा कमीशन कमाते थे।
डिजिटल अरेस्ट और निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी
पकड़े गए आरोपी सुनील पुत्र रोशनलाल (निवासी मिठड़िया, बज्जू) ने महज 56 ग्राम सोने पर 6 बार गोल्ड लोन लिया और साइबर ठगी के ₹25 लाख लोन अकाउंट के जरिए अपने निजी खाते में ट्रांसफर कर लिए। आरोपी के खिलाफ विभिन्न राज्यों में कई मामले दर्ज हैं। उसने छत्तीसगढ़ के एक व्यक्ति से निवेश के नाम पर ₹5 लाख और एक वृद्ध महिला को ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर करीब ₹1.50 करोड़ की भारी-भरकम ठगी को अंजाम दिया था।
शराब दुकानों में साझेदारी, पुलिस खंगाल रही रिकॉर्ड
तकनीकी जांच और बैंक रिकॉर्ड के विश्लेषण के बाद साइबर थाना पुलिस ने मणुप्पूरम फाइनेंस तथा संबंधित बैंकों से डेटा जुटाकर इस मुख्य आरोपी को दबोचा। जांच में सामने आया है कि आरोपी सुनील बीकानेर और कोलायत क्षेत्र में शराब की 7 दुकानों का साझेदारी में संचालन भी करता है। पुलिस अब इन शराब दुकानों के साझेदारों और उनसे संबंधित बैंक खातों की गहनता से जांच कर रही है ताकि इस सिंडिकेट के अन्य चेहरों को भी बेनकाब किया जा सके।











