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राजस्थान में ट्रांसफर पर मुख्यमंत्री कार्यालय की सख्ती, मंत्रियों की लिस्ट भी बिना मंजूरी नहीं होगी जारी

अबतक इंडिया न्यूज 2 जुलाई जयपुर । राजस्थान में तबादलों को लेकर सरगर्मियां जोरों पर हैं . लेकिन भजनलाल सरकार तबादलों में जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करेगी. सीएम भजनलाल शर्मा के निर्देश पर सीएमओ की तबादला प्रक्रिया पर पूरी नजर है. मंत्रियों को तबादला सूची जारी करने से पहले सीएमओ से हरी झंडी लेनी होगी.

एक से ज्यादा डिजायर तो सीएमओ भेजनी होगी सूची
मंत्रियों के यहां तबादलों के तलबगारों की लंबी कतारें हैं. सब अपनी पहुंच का इस्तेमाल कर पसंदीदा जगह पाने के लिए बेकरार हैं. मंत्रियों के बंगलों पर भीड़ कम होने का नाम ही नहीं ले रही है. इस बीच मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर सीएमओ की पूरी तबादला प्रक्रिया पर पैनी नजर है.

 

भ्रष्टाचार मुक्त और पूर्ण पारदर्शिता के साथ तबादले हों. इसके लिए सीएमओ ने खास हिदायतें दी हैं, जो अधिकारी कर्मचारी एक ही जगह बरसों से जमे बैठे हैं और फिर से यथावत बने रहने के लिए अपनी ऊंची पहुंच का इस्तेमाल कर रहे हैं, उन्हें इस बार की तबादला सूचियों में निराश होना पड़ सकता है. ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर का दावा है कि ट्रांसफर में जुगाड़ नहीं चलेगा न ही कोई रसूख जो बेहतर काम कर रहे हैं, उन्हें बेहतर पोस्टिंग दी जाएगी. उन्हेांने महकमें में पूरी पारदर्शिता के साथ तबादला प्रक्रिया का दावा किया.

हीरालाल नागर ने कहा कि तबादलों में न तो किसी तरह की अनियमितता बर्दाश्त होगी और न ही भ्रष्टाचार होने दिया जाएगा, जिनको अपने घर के पास पोस्टिंग चाहिए, वो उनसे सीधे आकर मिल सकते हैं. अगर उनका परफोरमेंस ठीक है तो उन्हें ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले करने में कोई झिझक नहीं है. कई अधिकारी कर्मचारी एक से ज्यादा डिजायर करा कर हर हाल में तबादलों के लिए चौतरफा दबाव बनाने की कोशिश करते हैं. ऐसी डिजायर पर फैसला सीएमओ ही करेगा.

 

पूरी जांच पड़ताल के बाद ही होंगे तबादले
यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा के विभाग में सैंकड़ों कर्मचारी इधर से उधर होने के लिए जी जान लगा रहे हैं. नगर पालिकाओं से लेकर नगर परिषदों तक और नगर निगमों से लेकर यूआईटी तक में कर्मचारी अपनी पसंदीदा पोस्टिंग पाने के लिए नेताओं की डिजायर के अंबार लगा रहे हैं. जयपुर विकास प्राधिकरण से लेकर कोटा , भरतपुर अजमेर जोधपुर के विकास प्राधिकरण में कर्मचारियों की मलाईदार पोस्टिंग पर निगाहें टिकी हैं.

मंत्रियों से लेकर विधायकों तक की अनुशंषाएं कराई जा रही हैं. कई कर्मचारी अधिकारी पांच-पांच छह- छह डिजायर तक करा कर पसंदीदा पेास्ट पर तबादले के लिए मंत्री पर दबाव तक बनाने की कोशिश कर रहे हैं.

सीएमओ से आए  एक फरमान ने प्रक्रिया को पारदर्शी बनाये रखने का एक तरह से रास्ता खोल दिया है. तबादला सूचियां तैयार कर पहले सीएमओ भेजी जाएंगी. फिर हरी झंडी मिलने पर ट्रांसफर लिस्ट जारी होगी ताकि भ्रष्टाचार की कहीं गुंजाइश ही न रहे. मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने सीएमओं की इस पहल को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का बेहतरीन कदम करार दिया है.

 

सरकार सावधान नहीं देना चाहती विपक्ष को कोई मौका
सरकार चाहे किसी की भी हो तबादलों को लेकर विपक्ष हमेशा सरकार पर हमलावर रहता है. तबादला उद्योग पनपने तक के आरोप लगाये जाते हैं इसलिए भजनलाल सरकार इस बार विपक्ष को किसी भी तरह का कोई मौका नहीं देना चाहती इसलिए पूरी ट्रांसफर प्रक्रिया पर पैनी निगाह हैं. सीएमओ एक्टिव है और मंत्रियों की भारी भरकम तबादला सूचियों पर बारीकी से नजर रखी जा रही है जहां संदेह है वहां सीएमओ ने ट्रांसफर लिस्ट से जुड़ी फाइल भी तलब करने का फैसला किया है.

 

बहरहाल तबादलों के लिए सरकार ने पांच जुलाई की डेडलाइन तय की है पर जिस तरह से कर्मचारियों का राजधानी की सड़कों पर सैलाब उमड़ रहा है,उससे साफ है कि सरकार ऐन वक्त पर तबादलों की समय सीमा बढा भी सकती है समय नहीं बढा तो बैक डेट में भी कुछ दिन सूचियां आती रहेंगी पर सबसे बड़ा सवाल पारदर्शिता का है इसलिए सरकार का हर महकमा पूरी सावधानी और सतर्कता के साथ ट्रांसफर की प्रक्रिया को अंजाम देने में जुटा है.

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