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कोलायत: मंत्री गोदरा के लाभार्थी सम्मेलन व जनसुनवाई में हंगामा, विधायक की अनदेखी पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने मंत्री को घेरा, ‘अपनों’ की अनदेखी और ‘बाहरी लोगों’ को तरजीह देने के लगे आरोप

अबतक इंडिया न्यूज कोलायत, 14 जुलाई। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा के मुख्य आतिथ्य में मंगलवार को कोलायत पंचायत समिति परिसर में आयोजित लाभार्थी सम्मेलन एवं जनसुनवाई कार्यक्रम हंगामे की भेंट चढ़ गया। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधि की उपेक्षा और जनहित के मुद्दों को लेकर मंत्री के समक्ष अपनी गहरी नाराजगी दर्ज कराई।

विधायक की फोटो गायब होने पर जताया कड़ा विरोध

 
 

कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही भाजपा विधायक अंशुमान सिंह भाटी के समर्थक, स्थानीय कार्यकर्ता और नागरिक एकजुट हो गए। उन्होंने कार्यक्रम के मुख्य बैनर और प्रचार सामग्री में क्षेत्रीय विधायक की तस्वीर शामिल नहीं करने तथा कार्यक्रम में विधायक की अनुपस्थिति को लेकर मंत्री सुमित गोदारा के समक्ष कड़ा विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने सीधे तौर पर मंत्री से जवाब-तलब करते हुए कहा कि क्षेत्र के निर्वाचित जनप्रतिनिधि की इस तरह उपेक्षा करना स्थानीय जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है।

मंत्री गोदारा ने कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचकर संभाला मोर्चा

 
 

हंगामे की स्थिति और कार्यकर्ताओं के भारी आक्रोश को देखते हुए मंत्री सुमित गोदारा स्वयं मंच से उतरकर सभागार में बैठे कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचे। उन्होंने कार्यकर्ताओं की शिकायतों को बेहद गंभीरता से सुना और माहौल को शांत कराया। मंत्री ने सभी विषयों पर सकारात्मक विचार करने और संबंधित मुद्दों के उचित समाधान का ठोस आश्वासन दिया।

‘अपनों’ की अनदेखी और ‘बाहरी लोगों’ को तरजीह देने के आरोप

 
 

जनसुनवाई के दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रशासनिक व्यवस्था पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यक्रम को सफल दिखाने के लिए स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं की अनदेखी की गई। इसके विपरीत कांग्रेस से जुड़े कार्यकर्ताओं, ब्लॉक अध्यक्ष, कांग्रेस पदाधिकारियों और बाहरी लोगों की भागीदारी जबरन सुनिश्चित की गई, जिससे निष्ठावान स्थानीय कार्यकर्ताओं में भारी असंतोष है।

अधिकारियों की अनुपस्थिति से ग्रामीण सेवा शिविर हुए ठप

 
 

ग्रामीणों ने मंत्री के सामने एक और गंभीर प्रशासनिक लापरवाही का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि कोलायत विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में वर्तमान में राज्य सरकार के ‘ग्रामीण सेवा शिविर’ चल रहे हैं। लेकिन, पंचायत समिति के इस एकल कार्यक्रम के चक्कर में अधिकांश विभागीय अधिकारी और कर्मचारी गांवों को छोड़कर मुख्यालय पर डटे रहे। इसके चलते गांवों के शिविरों में सन्नाटा पसरा रहा और अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर पहुंचे सैकड़ों ग्रामीणों को निराश होकर लौटना पड़ा। कार्यकर्ताओं ने मांग की कि भविष्य में ऐसे कार्यक्रमों का नियोजन इस तरह किया जाए जिससे आमजन की सेवाएं प्रभावित न हों।

टकराव नहीं, जनता के सम्मान की लड़ाई: कार्यकर्ता

कार्यकर्ताओं ने साफ तौर पर कहा कि उनका उद्देश्य किसी भी तरह का गतिरोध या टकराव पैदा करना नहीं है। वे केवल लोकतांत्रिक तरीके से क्षेत्र की जनता की भावनाओं, निर्वाचित जनप्रतिनिधि के सम्मान और ठप पड़े विकास कार्यों को गति देने के लिए अपनी आवाज सरकार तक पहुंचा रहे हैं।

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