अबतक इंडिया न्यूज 26 जुलाई देशनोक /बीकानेर। संभाग के सबसे बड़े पीबीएम अस्पताल (PBM Hospital) में इलाज व्यवस्था और डॉक्टरों की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। देशनोक निवासी 24 वर्षीय प्रसूता की इलाज के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज में घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
प्रसव के लिए कराया गया था भर्ती
देशनोक पुलिस थाने में दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार, ‘पांचावतो का बास’ (देशनोक) निवासी प्रदीपदान चारण ने बताया कि उन्होंने अपनी 24 वर्षीय पत्नी वसुंधरा को 23 जुलाई को प्रसव (डिलिवरी) के लिए पीबीएम अस्पताल में भर्ती कराया था। उपचार के दौरान 25 जुलाई की देर रात (करीब 1:30 बजे) वसुंधरा की मौत हो गई।
पति प्रदीपदान का आरोप है कि डॉक्टरों और ऑन-ड्यूटी स्टाफ ने समय पर सही इलाज नहीं दिया, जिससे उनकी पत्नी की स्थिति बिगड़ती गई और आखिरकार उसकी जान चली गई।
पुलिस ने दर्ज की मर्ग, निष्पक्ष जांच की मांग
घटना के बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषी डॉक्टरों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मामले की जानकारी देते हुए देशनोक थानाधिकारी सुमन शेखावत ने बताया, “परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर मर्ग दर्ज कर ली गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के आरोपों के आधार पर जांच की जा रही है। यदि डॉक्टरों या स्टाफ की लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित धाराओं के तहत अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
पीबीएम अस्पताल की व्यवस्थाओं पर उठते सवाल
यह पहला मौका नहीं है जब बीकानेर का पीबीएम अस्पताल विवादों के घेरे में आया हो। उत्तर-पश्चिम राजस्थान का सबसे बड़ा चिकित्सीय केंद्र होने के बावजूद यहाँ समय-समय पर लापरवाही, आपातकालीन सेवाओं में देरी, ओपीडी में अव्यवस्था और सुरक्षाकर्मियों के दुर्व्यवहार की शिकायतें सामने आती रही हैं।
हालिया घटना के बाद एक बार फिर मरीजों के परिजनों में आक्रोश है। फिलहाल इस पूरे मामले में अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।












