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एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित बने एयरफोर्स चीफ,कारगिल वॉर से ऑपरेशन सिंदूर तक में अहम रोल,

एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित बने एयरफोर्स चीफ
अबतक इंडिया न्यूज 31 अक्टूबर दिल्ली । 40 का सैन्य अनुभव रखने वाले एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित भारतीय वायुसेना के नए प्रमुख का पदभार ग्रहण कर लिया है. उन्‍होंने एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह का स्थान लिया है. वह भारतीय वायुसेना के 29वें प्रमुख हैं. उनके नेतृत्व में स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस सहित देश में विकसित हो रहे विभिन्न रक्षा और एयरक्राफ्ट प्रोग्राम को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर रहने की उम्मीद है. एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित कारगिल युद्ध के साथ ही ऑपरेशन सिंदूर में भी अहम भूमिका निभा चुके हैं. लाइट कॉम्‍बैट एयरक्राफ्ट तेजस से जुड़े प्रोजेक्‍ट को आगे बढ़ाने में भी उनका अहम रोल माना जाता है. एयर मार्शल दीक्षित इससे पहले वायुसेना उपप्रमुख के पद पर कार्यरत थे.
एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित बने एयरफोर्स चीफ
एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित बने एयरफोर्स चीफ
एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने एयरफोर्स में ऑपरेशन, रणनीतिक योजना और विभिन्न महत्वपूर्ण कमान संबंधी जिम्मेदारियां निभाई हैं. स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में भी उनका योगदान रहा है. वर्ष 2023 में उन्होंने हल्के लड़ाकू विमान (एलसीए) तेजस और स्वदेशी लड़ाकू विमान परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लिया था. इस दौरान वायुसेना की जरूरतों के अनुरूप स्वदेशी तकनीक और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया था. अब उनकी अगुआई में इंडियन एयरफोर्स में स्‍वदेशी तकनीक को बढ़ावा मिलने की उम्‍मीद है.
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40 साल का सैन्य अनुभव

एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित का जन्म 9 दिसंबर 1966 को हुआ था. उन्हें 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन मिला था. राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, बांग्लादेश के डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज और राष्ट्रीय रक्षा कॉलेज के पूर्व छात्र दीक्षित के पास विभिन्न प्रकार के विमानों पर 3,500 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव है. उन्होंने मिराज-2000, मिग के विभिन्न संस्करणों, किरण, जगुआर, IL-78, हॉक और तेजस जैसे विमानों को उड़ाया है. वह प्रायोगिक परीक्षण पायलट होने के साथ-साथ योग्य उड़ान प्रशिक्षक भी हैं. विमान परीक्षण और प्रशिक्षण से जुड़े उनके अनुभव को वायुसेना की ऑपरेशनल तैयारियों तथा नए विमानों के विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है.

महत्वपूर्ण कमान और ऑपरेशनल जिम्मेदारियां

वायुसेना उपप्रमुख बनने से पहले एयर मार्शल दीक्षित ने मुख्यालय एकीकृत रक्षा स्टाफ में चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ टू द चेयरमैन, चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी (सीआईएससी) के रूप में जिम्मेदारी निभाई. इसके अलावा वह सेंट्रल एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ भी रह चुके हैं. अपने सेवाकाल के दौरान उन्होंने पश्चिमी क्षेत्र में अग्रिम पंक्ति के लड़ाकू वायुसेना स्टेशन और दक्षिणी क्षेत्र में प्रमुख लड़ाकू प्रशिक्षण स्टेशन की कमान संभाली. उन्होंने ऑपरेशन सफेद सागर, ऑपरेशन रक्षक और ऑपरेशन सिंदूर सहित विभिन्न अभियानों तथा सैन्य अभ्यासों में भी भाग लिया.

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