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बीकानेर के युवा किसान ने पाॅली हाउस के जरिए की खीरे की खेती , दोगुनी हुई आमदनी

अबतक इंडिया न्यूज 23 अप्रैल  बीकानेर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को संरक्षित खेती अपनाने व विभिन्न योजनाओं के अनुदान से आत्मनिर्भर बनाने के लिए सतत प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार किसानों की आय बढ़ाने और आधुनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए संरक्षित खेती पर जोर दे रही है। कृषि विभाग का लक्ष्य हर जिले में किसानों को पॉलीहाउस, शेडनेट हाउस जैसी तकनीकों से जोड़ना है, जिससे जलवायु की मार से फसल बचे और उत्पादन बढ़े।

इसी क्रम में बीकानेर जिले के गांव किलचू देवडा़न के प्रगतिशील एवं युवा किसान सही तकनीक एवं सलाह से पाॅली हाउस के जरिए खीरे की खेती कर, लाखों की आमदनी कर रहा है। इस गांव का युवा अजय रैण आधुनिक तकनीक से व्यावसायिक खेती कर सालाना बीस लाख रुपए की कमाई करने लगा है।

उद्यानिकी तकनीकों को जानने से बढ़ा उत्पादन

अजय पहले परंपरागत खेती ही कर रहा था, लेकिन इस दौरान आत्मा योजना के तहत भ्रमण कार्यक्रम में जाकर, अन्य राज्यों में हो रही उन्नत उद्यानिकी तकनीक को जाना और इसे अपनाने का निर्णय लिया। अजय ने वर्ष 2023 में उद्यान विभाग अधिकारियों के साथ संपर्क कर अनुदान पर अपने खेत की एकड़ जमीन में पॉली हाउस लगाने का निर्णय लिया। शुरुआती वर्षों में खीरे की खेती से लागत के हिसाब से लाभ प्राप्त नहीं हुआ पर युवा किसान ने हार नहीं मानी।

उसने बताया कि प्रभावी संसाधन के जरिए खीरे की खेती को जारी रखा। उद्यान विभाग की मदद व अजय की सूझबूझ और शिक्षा से एक एकड़ जमीन पर एक पाॅली हाउस से साल में दो फसलों पर लाखों रुपए की आमदनी हुई।

खीरे की खेती से दोगुनी हुई आमदनी

अजय ने बताया कि दो फसलों के दौरान एक एकड़ में करीब चार से पांच सौ क्विंटल खीरा का उत्पादन हो रहा है। उनके खेत का खीरा, जिले के अलावा दिल्ली, चंडीगढ़, लुधियाना, पंजाब इत्यादि क्षेत्र में बिक रहा है। जिसका बाजार भाव 22 से 40 रुपए प्रति किलो तक मिल जाता है।

खेती पर आ रही लागत से दुगुना मुनाफा होने की जानकारी देते हुए उसने बताया कि एक एकड़ में दोनों फसलों के बिजान व अन्य खर्च करीबन पांच लाख रुपए का हो जाता है, वहीं पैदावार की अच्छी कीमत मिलती रहे, तो लगभग पन्द्रह लाख रुपए तक की बिक्री हो जाती है। साथ ही एक एकड़ के पाॅलिहाउस से दो फसल से बीस लाख रुपए की बचत हो जाती है।

हर आधुनिक तकनीक को अपनाया युवा किसान ने

युवा कृषक से युवा उद्यमी बनने तक के सफर में पॉलीहाउस के साथ उद्यान विभाग की अन्य योजनाएं फार्म पौण्ड, सूक्ष्म सिंचाई संयंत्र व वर्षा जल संरक्षण इत्यादि को अजय ने अपनाया। उद्यान विभाग द्वारा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना अंतर्गत सरक्षित खेती कार्यक्रम के तहत पॉलीहाउस स्थापना पर सामान्य किसान को 50 प्रतिशत तक अनुदान देय है। वहीं अनुसूचित जाति, जनजाति किसानों को, लघु व सीमांत कृषकों को 70 प्रतिशत तक अनुदान दिए जाने का प्रावधान है।

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