अबतक इंडिया न्यूज 24 जुलाई दिल्ली । सोनम वांगचुक ने अनशन तोड़ दिया. सोनम वांगचुक 26 दिनों से भूख हड़ताल कर रहे थे. गुरुवार की रात को जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया. सोनम वांगचुक ने एक वीडियो संदेश जारी किया . इस वीडियो में सोनम वांगचुक ने अपने समर्थकों को संदेश देते हुए कहा कि उन्हें सरकार और सभी राजनीतिक दलों के सांसदों से यह भरोसा मिला कि भारतीय संसद में खराब होती परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही के मुद्दे पर चर्चा की जाएगी. लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता ने जारी किए गए वीडियो में आगे ये भी बताया कि सरकार ने यह भी भरोसा दिलाया कि हाल ही में NEET परीक्षा का पेपर लीक होने के कारण आत्महत्या करने वालों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाएगा और शांतिपूर्ण ढंग से विरोध कर रहे छात्रों और युवाओं के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया जाएगा.

आखिरकार सरकार से मिला लिखित भरोसा
सोनम वांगचुक ने साफ कहा कि बिना ठोस आश्वासन के वे अपना आंदोलन नहीं छोड़ने वाले थे. आखिरकार केंद्र सरकार और संसद के सभी दलों के सांसदों ने उन्हें लिखित में भरोसा दिया कि परीक्षा व्यवस्था में हो रही गंभीर लापरवाहियों और जवाबदेही के मुद्दे को संसद के दोनों सदनों में चर्चा किया जाएगा. ये कोई छोटी-मोटी बात नहीं है. सालों से NEET, NET जैसी परीक्षाओं में हो रहे पेपर लीक, घोटाले और सुसाइड के मामले सामने आ रहे हैं, लेकिन अब पहली बार ये मुद्दा संसद की मिट्टी पर उठेगा.

NEET पीड़ित परिवारों को मिलेगा मुआवजा
सरकार ने ये भी वादा किया है कि हाल ही में NEET पेपर लीक में जिन छात्रों ने आत्महत्या कर ली, उनके परिवारों को पर्याप्त मुआवजा दिया जाएगा. ये फैसला उन मां-बाप के लिए बहुत जरूरी था जो अपने बच्चे की मौत का दर्द लेकर अब भी तड़प रहे हैं. साथ ही, शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं के खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया जाएगा. ये आश्वासन उन हजारों स्टूडेंट्स के लिए बड़ी राहत है जो सड़कों पर उतरकर अपनी आवाज बुलंद कर रहे थे.
END OF HUNGER… BEGINNING OF ACCOUNTABILITY…!
Sonam Wangchuk ends his fast after 26 days upon getting assurance from the government and members of parliament of all political parties that the issue of accountability in the failing examination system will be discussed on the… pic.twitter.com/0C9YX5VlsL— Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) July 24, 2026
सवाल अब भी बाकी हैं…
सोनम वांगचुक का 26 दिन का उपवास खत्म हुआ, लेकिन लड़ाई अभी पूरी नहीं हुई. परीक्षा प्रणाली में सुधार, NTA की जवाबदेही, और भविष्य में ऐसे घोटालों को रोकने के लिए ठोस कदम ये सब अब संसद पर निर्भर है. लोग देख रहे हैं. छात्र देख रहे हैं. और सबसे जरूरी, वो मां-बाप देख रहे हैं जिन्होंने अपने बच्चों को खो दिया. अब वक्त है कि बातें सिर्फ वादों तक न रहें, असल बदलाव दिखे.एक छात्र की जिंदगी की कीमत सिर्फ एक पेपर लीक नहीं हो सकती. ये आंदोलन उस सच की याद दिलाता है.












