Home » देश » रेल सुरक्षा को बड़ा बूस्ट देने की तैयारी , जोधपुर मंडल में ‘कवच 4.0’ के लिए 80 करोड़ मंजूर,मेड़ता रोड-बीकानेर सहित इन रेलखंडों में बिछेगा फाइबर नेटवर्क

रेल सुरक्षा को बड़ा बूस्ट देने की तैयारी , जोधपुर मंडल में ‘कवच 4.0’ के लिए 80 करोड़ मंजूर,मेड़ता रोड-बीकानेर सहित इन रेलखंडों में बिछेगा फाइबर नेटवर्क

अबतक इंडिया न्यूज 10 मार्च जोधपुर। रेल यात्रियों की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल में स्वदेशी ट्रेन सुरक्षा प्रणाली ‘कवच’ को विस्तार दिया जा रहा है।

इसके तहत विभिन्न रेलखंडों में ऑप्टिकल फाइबर केबल (ओएफसी) और फाइबर नेटवर्क बिछाने का कार्य किया जाएगा। इस परियोजना के लिए 79 करोड़ 17 लाख 66 हजार 128 रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी गई है और टेंडर प्रक्रिया जारी है।

जोधपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने मंगलवार को बताया कि भारतीय रेलवे द्वारा विकसित ‘कवच 4.0’ एक अत्याधुनिक स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली है,जो एक ही ट्रैक पर आमने-सामने आ रही दो ट्रेनों के बीच संभावित टक्कर को स्वतः रोकने में सक्षम है। यह तकनीक लगभग पांच किलोमीटर के दायरे में ट्रेनों की स्थिति पर नजर रखती है और खतरे की स्थिति में ट्रेन को स्वतः नियंत्रित कर देती है।

कवच-4.0 से मिलेगी दोहरी सुरक्षा
कवच-4.0 को रेलवे सुरक्षा का उन्नत मानक माना जाता है। यह सिग्नल पासिंग डेंजर (SPAD) की स्थिति को रोकने,कोहरे या कम दृश्यता में भी ट्रेनों के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखने और तेज गति के दौरान ट्रेन को स्वतः नियंत्रित करने में सक्षम है। इस तकनीक के विस्तार से यात्रियों को दोहरी राहत मिलेगी।

 

उन्होंने बताया कि प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए जोधपुर मंडल के कई रेलखंडों पर 48 फाइबर वाली ओएफसी लाइन बिछाई जाएगी। मजबूत संचार नेटवर्क तैयार होने से कवच प्रणाली का संचालन और अधिक प्रभावी हो सकेगा।

9 रेलखंडों में बिछेगा फाइबर नेटवर्क
परियोजना के तहत मेड़ता रोड-बीकानेर,डेगाना-रतनगढ़,मकराना-परबतसर,मेड़ता रोड-मेड़ता सिटी,पीपाड़ रोड-बिलाड़ा,राईका बाग-जैसलमेर, थैयातहमीरा-सोनू, समदड़ी-बाड़मेर और बाड़मेर-मुनाबाव रेलखंडों में ओएफसी नेटवर्क बिछाया जाएगा।

18 माह में पूरा करने का लक्ष्य
रेलवे द्वारा जारी टेंडर के अनुसार कार्य शुरू होने के बाद इसे करीब 18 माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद इन रेलखंडों पर ट्रेन संचालन और अधिक सुरक्षित,सुचारु और विश्वसनीय हो सकेगा।

 

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