अबतक इंडिया न्यूज 5 नवंबर । SIR को लेकर विपक्ष और कुछ संगठन लगातार विरोध कर रहे हैं, इस बीच राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ( RSS ) ने SIR प्रक्रिया को खुलकर अपना समर्थन दिया है। संघ ने SIR को सही और सटीक वोटर लिस्ट तैयार करने के लिए जरूरी बताया है। साथ ही दत्तात्रेय होसबाले ने घरेलू और विदेशी अराजक तत्वों को लेकर भी कड़ी चेतावनी दी है।
RSS के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने आरोप लगाया कि देश के भीतर और बाहर कुछ अराजक ताकतें युवाओं को उकसाने और अशांति व हिंसा के जरिए सत्ता परिवर्तन कराने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि उन्होंने सरकार से अपील भी की है कि वह युवाओं की बातें उनकी चिंताओं पर ध्यान दे।

युवाओं से संवाद करे सरकार: होसबाले
दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल में हुए Gen Z आंदोलन को लेकर पूछे गए सवाल पर होसबाले ने कहा कि किसी भी समाज और सरकार को युवाओं की आकांक्षाओं और उनकी चिंताओं पर ध्यान देना चाहिए। संघ भी युवाओं के साथ संवाद की अपील करता है।
हिंसा से नहीं, चुनाव से हो राजनीतिक बदलाव
होसबाले ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक परिवर्तन का रास्ता चुनाव है। इसे हिंसा या व्यवधान के जरिए हासिल करने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने आंतरिक और बाहरी अराजक ताकतों पर युवाओं को भड़काकर अशांति फैलाने का आरोप लगाया।

SIR क्या है?
- SIR का पूरा नाम स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी विशेष गहन पुनरीक्षण है। यह चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची की व्यापक जांच और उसे अपडेट करने की प्रक्रिया है। यह प्रक्रिया इसलिए कराई जा रही है, जिससे कोई भी पात्र भारतीय नागरिक वोटर लिस्ट से बाहर न रहे। किसी अपात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में शामिल न हो या मृत व्यक्तियों के नाम हटाए जाएं। स्थायी रूप से दूसरी जगह जा चुके मतदाताओं के रिकॉर्ड अपडेट किए जाएं।
- सामान्य प्रक्रिया और SIR में क्या अंतर है। सामान्य तौर पर मतदाता सूची में समय-समय पर नए नाम जोड़ने, हटाने और सुधार करने का काम होता है। SIR में चुनाव आयोग बूथ लेवल ऑफिसर के जरिए घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन कराता है। इसके लिए एन्यूमरेशन फॉर्म भरवाए जाते हैं।
SIR पर क्या है विवाद?
SIR को लेकर विपक्ष और कई सामाजिक संगठन लगातार विरोध कर रहे हैं। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि इस प्रक्रिया का इस्तेमाल सत्ताधारी दल अपने फायदे के इस्तेमाल के लिए कर रही है। विपक्ष ने SIR प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए दावा किया है कि बड़ी संख्या में लोगों के नाम काटे गए हैं।










