अबतक इंडिया न्यूज 5 नवंबर । बड़ी खबर सामने आई है, ईरान ने एलान कर दिया है कि उसने अब भारतीय जहाजों के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से खोल दिया है। भारत के लिए सबसे बड़ी राहत की बात ये है कि होर्मुज में भारतीय जहाजों को लेकर अमेरिका के रुख में भी बड़ा बदलाव आ चुका है।पश्चिम एशिया युद्ध के दौरान फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच होर्मेज स्ट्रेट जहाजों की आवाजाही के लिए पूरी तरह से बंद होने से पहले कई अंतरराष्ट्रीय टैंकरों को मोटी रकम देने के बाद वहां से गुजरने की अनुमति दी जा रही थीं। बाद में भी यही स्थिति बनी रही। लेकिन, हमारे सहयोगी अंग्रेजी अखबार ET ने मामले की जानकारी रखने वालों के हवाले से रिपोर्ट दी है कि जिन जहाजों को भारतीय विदेश मंत्रालय ने ईरान से बातचीत करके इजाजत दिलवाई, उसके लिए भारत सरकार को कोई ट्रांजिट फीस नहीं देने पड़े।
होर्मुज से बिना पैसे दिए गुजरे भारतीय जहाज
होर्मुज स्ट्रेट लगभग पूरी तरह से बंद होने से पहले मार्च और जून के बीच विशेष तौर पर तेल और गैस टैंकरों को निकालने के लिए भारत और ईरान ने कई दौर की विस्तृत बातचीत की। तब भारत उन कुछ चुनिंदा देशों में शामिल था, जिसके जहाजों को तेहरान ने इस रास्ते गुजरने दिया। उसी दौरान ऐसी बातें आईं कि ईरान ने ओमान के साथ मिलकर इसके लिए टॉल भी वसूलना शुरू किया है। लेकिन, अब यह बात साफ हो चुकी है कि अगर भारत और ईरान ने आधिकारिक स्तर पर किसी टैंकर को लेकर बात की तो उसके लिए भारतीय जहाजों को अठन्नी भी नहीं देनी पड़ी।
हमने अभी भारत, चीन, इराक और कतर को होर्मुज स्ट्रेट में आवाजाही प्रतिबंधों से छूट दी है। इन देशों के जहाज आराम से गुजरेंगे और अमेरिकी भी उन्हें रोकने-टोकने की कोशिश नहीं करेंगे।अमीर हयात मोकद्दम,डिप्टी चेयरमैन, ईरानी पार्लियामेंट नेशनल सिक्योरिटी एंड फॉरेन पॉलिसी कमिटी (ईरानी स्टूडेंट्स न्यूज एजेंसी से बातचीत में)












