Home » ब्रेकिंग न्यूज़ » स्वच्छ भारत मिशन के ब्रांड एंबेसडर गुप्ता ने नगर निगम सहित जिले के सभी निकायों के अधिकारियों की ली बैठक, दिए दिशा निर्देश

स्वच्छ भारत मिशन के ब्रांड एंबेसडर गुप्ता ने नगर निगम सहित जिले के सभी निकायों के अधिकारियों की ली बैठक, दिए दिशा निर्देश

अबतक इंडिया न्यूज बीकानेर, 16 अप्रैल। स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के लगातार तीसरी बार स्टेट ब्रांड एंबेसडर बनाए गए  के के गुप्ता ने गुरुवार को जिला परिषद सभागार में स्वच्छ भारत मिशन (शहर) से संबंधित आवश्यक बैठक लेते हुए शहर को स्वच्छ बनाने को लेकर महत्वपूर्ण दिशा निर्देश जारी किये। कार्यक्रम में निगम कमिश्नर  सिद्धार्थ पलनीचामी ,श्याम पंचारिया, निगम उपायुक्त  यशपाल आहूजा, स्वच्छ भारत मिशन के जिला संयोजक भंवर लाल जांगिड़, सह संयोजक  सुरेन्द्र स्वामी समेत नगर निगम व जिले के सभी शहरी निकायों के अधिकारी व कार्मिक उपस्थित रहे।

5 प्रमुख बिंदुओं पर करें विशेष फोकस

के.के. गुप्ता ने बताया कि शहरों में पूर्ण सफाई को लेकर पांच बिंदुओं पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। इससे शहर 90 फीसदी तक साफ नजर आएंगे।

1~प्रतिदिन हो डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण –  गुप्ता ने बताया कि साल के सभी 365 दिन डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण सुबह 10 बजे से पूर्व हो व टाइम बाउंड हो यानी टिपर अगर सुबह 9 बजे आता है तो प्रतिदिन उसी समय पर आए। गीला व सूखा कचरा अलग अलग संग्रहित किया जाए। कचरा संग्रहण की सूक्ष्म मॉनिटरिंग हो। टिपर अगर एक भी घर छोड़ दे तो पेनल्टी लगे। गुप्ता ने बताया कि एक टीपर प्रतिदिन करीब 400 घर से कचरा संग्रहण कर सकता है। बीकानेर शहर में करीब 2 लाख घर हैं। लिहाजा करीब 500 टीपर की आवश्यकता है जबकि शहर में निगम ठेकेदार ने कुल 150 टीपर व 60 ट्रैक्टर ही कचरा संग्रहण में लगा रखे हैं। गुप्ता ने ठेकेदार को टीपर्स की संख्या बढ़ाने और ऐसा नहीं करने पर टेंडर से डिबार करने की चेतावनी दी। ठेकेदार को आईईसी एक्टिविटी हेतु भी निर्देशित किया गया।
2- वाणिज्यिक क्षेत्रों में हो नाइट स्वीपिंग –  गुप्ता ने कहा कि वाणिज्यिक क्षेत्रों में 365 दिन रात्रिकालीन सफाई रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक होनी चाहिए। प्रत्येक 400 मीटर क्षेत्र में एक कर्मचारी सफाई करे। इससे दुकानों में चोरियां भी नहीं होगी।
3-सार्वजनिक शौचालयों में हो दिन में तीन बार सफाई –  गुप्ता ने कहा कि नगरीय निकायों के लिए टॉयलेट मंदिर के समान है। सार्वजनिक शौचालयों व मूत्रालयों में दिन में तीन बार सफाई हो।  गुप्ता ने कहा कि सफाई ऐसी हो कि लोग उसे जाकर देखें। अधिकारी इनका इस्तेमाल शुरू करेंगे तो सफाई अपने आप रहने लगेगी।
4- प्लास्टिक थैली नजर ना आए –  गुप्ता ने कहा कि प्लास्टिक की थैली हमारी आंखों के सामने नजर ही नहीं आनी चाहिए। एक बार पूरे शहर से प्लास्टिक की थैलियों हटा दी तो अगले तीन साल तक हमें ये नजर नहीं आएंगी।प्लास्टिक थैली हमारे पर्यावरण, मानव स्वास्थ्य और पशुओं के लिए हानिकारक है। प्लास्टिक थैली का उत्पादन और व्यापार करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्यवाई करें।
5- निजी प्लॉट्स की भी हो सफाई –  के.के.गुप्ता ने बताया कि शहर में खाली प्लाट्स कचरे का बड़ा केंद्र बन चुके हैं। विज्ञप्ति जारी कर ऐसे सभी खाली प्लाट्स को 3 दिन में साफ करने का एल्टीमेटम दें। फिर भी साफ ना हो तो नगरीय निकाय उसे साफ करे और मालिक पर सफाई के खर्च का 10 गुना पेनल्टी लगाएं। पेनल्टी नहीं देने पर प्लाट सीज करें। फिर भी ना दे तो कुर्की कर दें।

इन बिंदुओं पर भी दें ध्यान

एसबीएम के स्टेट ब्रांड अंबेसडर गुप्ता ने बताया कि इसके अलावा शहर के प्रत्येक पोल पर लाइट हो और शत-प्रतिशत जलनी भी चाहिए। खराब हो तो 24 घंटे में रिप्लेस हो। सीवरेज ओवरफ्लो ना हो, चॉक ना हो।बाग-बगीचों की नियमित सफाई हो। वहां झूले लगे हों तथा फव्वारे कार्यशील हों। निर्माण सामग्री सडक़ो और नालियों को बाधित नहीं करे। बिना लाइसेंस के मांस की दुकानों को बंद करवाया जाए। डिवाइडर कचरा पात्र नहीं बनें। सरकारी संपत्तियों पर पोस्टर नहीं चिपके। कचरा यार्ड में आग नहीं लगनी चाहिए। नालियां साफ हों। सड़क टूटी फूटी ना हो। शहर में झील या तालाब हो तो उसमें गंदा पानी ना जा पाए। छोटे-छोटे ट्रीटमेंट प्लांट हो। कचरा यार्ड में आग ना लगे, वहां जानवर ना हो। कचरे का 100 फीसदी प्रोसेस हो।

स्वच्छता को जन आंदोलन बनाने की जरूरत
गुप्ता ने कहा कि स्वच्छता को लेकर कर्मचारी और बजट कम होने का बहाना बनाने की जरूरत नहीं है।स्वच्छता में धन दौलत की जरूरत नहीं बल्कि इसे जन आंदोलन बनाने और इच्छाशक्ति की जरूरत है। जब हम डूंगरपुर जैसे आदिवासी जिले को स्वच्छ बना सकते हैं तो राज्य का हर शहर और कस्बा स्वच्छ बन सकता है। उन्होंने बताया कि देश में प्रतिवर्ष करीब 25 लाख लोग गंदगी से होने वाली बीमारियों की चपेट में आकर अपनी जान गंवा बैठते हैं। राज्य में करीब 3500 करोड़ रुपए गंदगी से फैलने वाली बीमारियों के इलाज में खर्च हो जाता है।देश को हम 2047 तक विकसित तभी बना पाएंगे जब देश और प्रदेश स्वच्छ होंगे।

स्वच्छता से बढ़ जाती है 10 साल उम्
के.के.गुप्ता ने कहा कि साफ सफाई और हरियाली से व्यक्ति की उम्र 10 साल तक बढ़ जाती है। साथ ही कहा कि सब कामों का मठाधीश स्वच्छ भारत मिशन है। उसके बिना विकास के सब कार्य बौने हैं। अगर हमने विकास कर लिया और सफाई नहीं है तो सब कार्य बेमानी है।

स्वच्छता के आधार पर करेंगे निकायों की ग्रेडिंग
उन्होंने कहा कि जिले के सभी निकायों को स्वच्छता पर चल रहे कार्यो के आधार पर चार भागो में बाँटा जाएगा। श्रेष्ठ स्वच्छता वाले को ए श्रेणी, संतोषजनक वाले को बी, डांवाडोल स्थिति वाले सी और जीरो सफाई वाले को डी श्रेणी में रखा जाएगा। मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश है कि स्वच्छता के कार्यों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और लापरवाही करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध भी त्वरित कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री द्वारा स्वयं निगरानी रखी जा रही है वहीं विभाग के उच्च स्तर तक भी मॉनिटरिंग रखते हुए प्रत्येक छोटे-बड़े निकाय के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप में जुड़े हुए हैं, इनके द्वारा प्रतिदिन कार्यों की समीक्षा की जा रही है। श्री गुप्ता ने श्री श्याम पंचारिया और जिले के एसबीएम संयोजक व सह संयोजक को सफाई कार्यों की मॉनिटरिंग करने व समस्याओं को सीधे वाट्सअप पर भेजने हेतु कहा।

गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री ने मुझे स्वच्छता अभियान का ब्रांड एंबेसेडर बनाकर समूचे राजस्थान को विश्व पटल पर विशिष्ट एवं गौरवमयी पहचान दिलाने प्रत्येक जिले में भेजा है। अब तक 32 जिलों की यात्रा कर स्वच्छता के अनुभव साझा किए है। डूंगरपुर मॉडल की तर्ज पर अब देशभर में राजस्थान मॉडल की तैयारी चल रही है। उन्होंने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार स्वच्छता को लेकर अत्यंत गंभीर है। प्रधानमंत्री स्वयं इस मिशन को लेकर अत्यंत गंभीर हैं और स्वच्छता को जनआंदोलन के रूप में स्थापित करने के लिए निरंतर देशवासियों को प्रेरित कर रहे हैं। साथ ही कहा कि स्वच्छ भारत मिशन शहर और ग्रामीण में राजस्थान प्रदेश को उत्कृष्ट स्थान पर देखने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी दृढ़ संकल्पित है।

पेट्रोल पंप की तरह बैंक, प्राइवेट अस्पताल इत्यादि के टॉयलेट इस्तेमाल की मिले अनुमति

कार्यशाला में आवर फोर नेशन के फाउंडर व सीए  सुधीश शर्मा ने भी पेट्रोल पंप की तरह ही बाजार में बैंक, प्राइवेट अस्पताल, सरकारी कार्यालय इत्यादि के शौचालयों का आमजन को उपयोग के लिए अनुमति होने व सफाई का कार्य सरकारी व निजी दोनों यानी हाइब्रिड मोड पर करने के सुझाव दिए। वहीं इंफ्लूएंसर सुश्री डॉली अग्रवाल ने भी सुझाव दिए। कार्यक्रम में मंच संचालन जिला परिषद के आईईसी कोऑर्डिनेटर  गोपाल जोशी ने किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *