अबतक इंडिया न्यूज 13 अगस्त बीकानेर। भक्ति और आस्था के पवित्र माह सावन में बीकानेर के गोपेश्वर बस्ती स्थित मोदी कुआं के जंगलेश्वर महादेव मंदिर में एक अनूठी और ऐतिहासिक धार्मिक परंपरा की शुरुआत हुई है। राजस्थान में पहली बार माता पार्वती के प्रतीक ‘जिलैरी’ सहित सवा लाख पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण किया जा रहा है। इस महाअनुष्ठान में 5 वर्ष के बच्चों से लेकर 80 वर्ष तक के बुजुर्गों समेत लगभग 250 शिवभक्त प्रतिदिन 12 घंटे सेवा दे रहे हैं।

उज्जैन से लाए गए खास सांचे, प्रतिदिन बन रहे 7,100 शिवलिंग
आयोजक किशन मोदी ने बताया कि शास्त्रों के अनुसार शिवलिंग के साथ जिलैरी (पार्वती स्वरूप) की पूजा अत्यंत फलदायी मानी जाती है। जिलैरी सहित शिवलिंग बनाने में समय अधिक लगने के कारण उज्जैन से विशेष सांचे मंगवाए गए और फिर बीकानेर में 225 सांचे तैयार करवाए गए। निर्माण के लिए पवित्र मिट्टी कोलायत से मंगवाई गई है।

शुरुआत में जहां प्रतिदिन 1,100 शिवलिंग बनते थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर रोज़ाना 7,100 हो गई है। प्रतिदिन निर्मित शिवलिंगों का 11 आचार्यों द्वारा सामूहिक रुद्राभिषेक किया जाता है।
15 अगस्त को तिरंगा और हरियाली अमावस्या पर विशेष श्रृंगार अनुष्ठान के तहत शिवलिंगों का विशेष तिथियों पर अलग-अलग स्वरूपों में श्रृंगार किया जा रहा है:
- विशेष श्रृंगार: 15 अगस्त को तिरंगा स्वरूप तथा हरियाली अमावस्या पर प्राकृतिक हरियाली श्रृंगार।
- दैनिक रुद्राभिषेक: हर दिन सुबह 8:00 बजे और रात 11:00 बजे सामूहिक रुद्राभिषेक।
- कांवड़ यात्रा: सावन के तीसरे सोमवार को युवा श्रद्धालु कोलायत से कांवड़ में जल लेकर आएंगे।
- विसर्जन: 30 अगस्त को सभी सवा लाख शिवलिंगों का कपिल सरोवर (कोलायत) में ससम्मान विसर्जन किया जाएगा।
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में अविनाश मोदी, वैभव मोदी, सावित्री मोदी, झंवर लाल मोदी, महेश शर्मा, पंकज व्यास और ऋषिकेश से आए शिव मंगल गिरी सहित सैकड़ों श्रद्धालु पूरी निष्ठा से जुटे हुए हैं।












