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गुरुवार को होगी पंच कुण्डीय गायत्री महायज्ञ की पूर्णाहुति

अबतक इंडिया न्यूज बीकानेर 20 मई।लूणकरनसर तहसील के चक 303 स्थित नख्त बन्ना मन्दिर में पांच कुण्डीय गायत्री यज्ञ और प्रज्ञा पुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है। गायत्री प्रज्ञा मंडल के वरिष्ठ कार्यकर्ता हनुमान सिंह ने बताया कि प्रतिदिन 60 से अधिक परिजन यज्ञ में वैश्विक शांति एवं जनकल्याणार्थ आहुतियां दे रहे हैं। यज्ञस्थल पर गुरु दीक्षा, पुसंवन, जन्मदिवस तथा विद्यारंभ संस्कार निःशुल्क करवाये गये।
गायत्री परिवार ट्रस्टी व मीडिया प्रभारी देवेन्द्र सारस्वत ने बताया कि गायत्री यज्ञ और प्रज्ञा पुराण कथा का आयोजन गायत्री शक्तिपीठ पुरानी गिन्नानी बीकानेर के मुख्य प्रबंध ट्रस्टी पंडित पवन कुमार ओझा एवं यज्ञाचार्य जगजीत सिंह के सान्निध्य में किया जा रहा है।
प्रज्ञा पुराण कथावाचक पंडित पवन कुमार ओझा ने व्यक्ति निर्माण के सूत्र बताते हुए कहा कि व्यक्ति निर्माण का अर्थ है स्वयं के स्वभाव और चिंतन में सकारात्मक बदलाव लाना। जो साधना, स्वाध्याय, संयम, सेवा के माध्यम से समाज के वंचित वर्गों की सहायता करने और निष्काम भाव से जनकल्याण के कार्यों में अपना सहयोग देेने से उत्पन्न होते हैं। इसी प्रकार से परिवार निर्माण के सूत्र अर्थात पारिवारिक अनुशासन बताते हुए आगे कहा कि परिवार को स्वर्ग जैसा बनाने और बच्चों में संस्कार डालने के लिए पाँच स्वर्णिम सूत्र यथा बलि-वैश्व दिए गए हैं जिनमें पूजा स्थान में नमन और वंदन करना। जिससे दिन की शुरुआत घर के सभी सदस्य पूजा स्थल पर 5 या 24 बार गायत्री मंत्र का जप करके करें। बच्चे जब स्कूल जाएं तो बड़ों का आशीर्वाद लेकर निकलें। बलिवैश्व यज्ञ अर्थात अन्न का संस्कार जिसमें भोजन करने से पहले अग्नि में या थाली के प्रथम ग्रास के रूप में आहुति दें यानि ईश्वर को भोग लगाएं। इसके प्रसाद को ही पूरे परिवार के साथ ग्रहण करे। प्रातः उठकर छोटों द्वारा बड़ों को प्रणाम करने और आशीर्वाद लेने की परंपरा को जीवित रखें। सामूहिक प्रार्थना में परिवार के सभी सदस्य मिलकर सप्ताह में कम से कम एक बार विशेषकर रविवार या पर्व के दिन पाँच दीपक जलाकर सामूहिक प्रार्थना करें। पारिवारिक गोष्ठी में महीने में एक बार परिवार के सब लोग साथ बैठें, घर की समस्याओं पर चर्चा करें और आपसी मतभेदों को प्रेम से सुलझाएं। इन सूत्रों का दैनिक जीवन में पालन करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा, प्रेम और दिव्यता का संचार होता है। पंचकुण्डीय गायत्री यज्ञ एवं प्रज्ञा पुराण कथा की पूर्णाहुति गुरुवार को की जायेगी। कथा-यज्ञ कार्यक्रम की सम्पूर्ण व्यवस्थाओं में गायत्री प्रज्ञा मण्डल लूनकरनसर के कार्यकर्तागण राज कुमार गोगिया, मदन बोहरा, हनुमान सिंह बीका, महावीर सिंह बीका, पूर्णाराम प्रजापत तथा ओम प्रजापतआदि द्वारा विशेष सहयोग किया गया।

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