अबतक इंडिया न्यूज जयपुर 15 अप्रैल । प्रदेश में बिजली कनेक्शन लेने की प्रक्रिया को आसान बनाया गया है. इसके लिए सरकार ने नई गाइडलाइन जारी की है. अब 33 KV तक के विद्युत कनेक्शन और 1 MVA तक की उत्पादन इकाइयों के लिए विद्युत निरीक्षक से अनिवार्य जांच की जरूरत नहीं होगी. यह प्रावधान केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण के 2023 के सुरक्षा विनियमों के तहत लागू किया गया है और इसका उद्देश्य ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देना है.

ऊर्जा विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक अब 1 एमवीए क्षमता तक की उत्पादन इकाइयों, जिनमें सोलर और पवन ऊर्जा जैसी नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं भी शामिल हैं, का स्व-प्रमाणीकरण किया जा सकेगा. उपभोक्ता, परिसर का मालिक या आपूर्तिकर्ता खुद यह प्रमाणित कर सकेंगे कि उनका प्लांट सुरक्षा मानकों के अनुरूप है. हालांकि इच्छुक उपभोक्ता विभागीय पोर्टल के जरिए विद्युत निरीक्षक से जांच भी करवा सकते हैं.
1 MVA से अधिक वाली इकाइयों का होगा निरीक्षण
अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि जब तक विभागीय पोर्टल पर स्व-प्रमाण पत्र या विद्युत निरीक्षक का प्रमाण पत्र अपलोड नहीं किया जाता, तब तक कोई भी विद्युत प्रतिष्ठान विद्युतीकृत नहीं किया जाएगा. वहीं 1 MVA से अधिक क्षमता वाली उत्पादन इकाइयों के लिए विद्युत निरीक्षक से प्रमाणीकरण अनिवार्य रहेगा.
इसी तरह 33 केवी तक के कनेक्शनों के लिए भी स्व-प्रमाणीकरण की सुविधा दी गई है. परिसर मालिक, आपूर्तिकर्ता और उपभोक्ता अपने प्रतिष्ठानों की विद्युत फिटिंग को खुद प्रमाणित कर सकेंगे. हालांकि 33 केवी से अधिक और हाई वोल्टेज कनेक्शनों के लिए विद्युत निरीक्षक से जांच अनिवार्य होगी.
कुछ स्थानों को छूट से रखा गया है बाहर
सुरक्षा के लिहाज से कुछ स्थानों को इस छूट से बाहर रखा गया है. 15 मीटर से अधिक ऊंचाई वाली बहुमंजिला इमारतों, बेसमेंट, सिनेमा हॉल, अस्पतालों, थिएटर, बड़े सार्वजनिक स्थलों, शैक्षणिक संस्थानों, मॉल और वीआईपी विजिट वाले स्थानों पर विद्युत निरीक्षक द्वारा ही अनिवार्य जांच की जाएगी.
सरकार का कहना है कि इस फैसले से आम उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी और उन्हें छोटे कनेक्शनों के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, जबकि संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा.









