अबतक इंडिया न्यूज अलवर 23 मार्च । चैत्र नवरात्रि 2026 चल रहा है. ऐसे में राजस्थान के अलवर जिले के करणी माता मंदिर में रविवार को एक ऐसी घटना घटी जो लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है. नवरात्र में बफर रेंज की बाघिन एसटी-2302 करणी माता मंदिर तक जा पहुंची. बाघिन के साथ दो शावक भी मौजूद थे. नवरात्र में मंदिर के पास बाघिन को देखकर लोग अचंभित रह गए.
मंदिर के पास बाघ का पहुंचने की चर्चा क्यों?
हिंदुओं में मां दुर्गा को शक्ति का प्रतीक माना जाता है. धार्मिक ग्रंथों में उल्लेख जानकारी के मुताबिक मां दुर्गा की सवारी शेर या बाघ को बताया गया है. यही वजह है कि अक्सर मंदिरों में विराजमान प्रतिमा में मां दुर्गा शेर या बाघ की सवारी करती हुई दर्शायी जाती हैं.
करणी माता को भी मां दुर्गा का एक रूप माना जाता है. ऐसे में नवरात्र के मौके पर करणी माता मंदिर के नजदीक बाघ के पहुंचने की घटना को लोग दैवीय शक्ति से जोड़कर भी देख रहे हैं. लोग इस घटना को लेकर अलग-अलग तरह की बातें कर रहे हैं.
नवरात्र और मेला होने के चलते करणी माता मंदिर परिसर में इस वक्त भक्तों का रेला है. रोजाना हजारों श्रद्धालु पहुंच रहे करणी माता मंदिर. ऐसे में बाघिन का मंदिर के पास पहुंचना चिंता का भी विषय है. सरिस्का टाइगर रिजर्व प्रशासन ने लोगों को इस बारे में अलर्ट किया है. बाघिन एसटी-2302 करनी माता मंदिर से 100 मीटर दूर बने ऐतिहासिक करणी सागर के आसपास देखी गई है.अलवर बफर रेंजर शंकर सिंह शेखावत ने कहा कि मेले में जाने वाले श्रृद्धालुओं को सावधानी बरतने की जरूरत है. बाघिन का मंदिर के आसपास मूवमेंट वनकर्मी लगातार उस पर लगातार नजर बनाए हुए हैं. एहतियातन दो वनकर्मियों को करणी सागर पर तैनात कर दिया गया है.









