अबतक इंडिया न्यूज बीकानेर, 26 अगस्त। विप्र फाउंडेशन के संस्थापक संयोजक सुशील ओझा के बीकानेर आगमन पर विप्र फाउंडेशन के प्रदेश एवं जिला संगठन के पदाधिकारियों तथा कार्यकर्ताओं द्वारा बीकानेर एयरपोर्ट पर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। कार्यकर्ताओं ने दुपट्टा पहनाकर उनका अभिनंदन किया तथा भगवान परशुराम के जयघोष के साथ गर्मजोशी से स्वागत किया। ओझा के आगमन को लेकर संगठन के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं में विशेष उत्साह दिखाई दिया।
एयरपोर्ट से आगमन के पश्चात विप्र फाउंडेशन की संगठनात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में संगठन के आगामी कार्यक्रमों, संगठन विस्तार, सामाजिक सरोकारों तथा समाजहित में संचालित गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने सहित विभिन्न संगठनात्मक विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत बनाने, समाज के अधिक से अधिक लोगों को संगठन से जोड़ने तथा युवाओं एवं महिलाओं की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने को लेकर भी विचार-विमर्श हुआ।
अपने उद्बोधन में सुशील ओझा ने कहा कि किसी भी संगठन का परिणाम ही उसकी वास्तविक पहचान और सफलता का सर्वोच्च मापदंड होता है। उन्होंने कहा कि विप्र फाउंडेशन के माध्यम से वर्तमान में शिक्षा एवं संस्कार के क्षेत्र में दस से अधिक प्रकल्प देशभर में संचालित किए जा रहे हैं। किसी भी समाज को सर्वोच्च स्तर तक पहुंचाने तथा उसके सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा एवं संस्कार सबसे महत्वपूर्ण आधार हैं। इसी उद्देश्य को केंद्र में रखकर देशभर में विभिन्न प्रकल्पों का संचालन किया जा रहा है।
ओझा ने जयपुर स्थित परशुराम ज्ञान पीठ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह आज पूरे देश में समाज के लिए शिक्षा एवं संस्कार का उत्कृष्ट केंद्र बन चुका है, जहां नारी शिक्षा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। उन्होंने कहा कि बीकानेर में भी इसी प्रकार के प्रकल्प का निर्माण शीघ्र पूरा किया जाएगा, जिससे बीकानेर सहित आसपास के क्षेत्र के समाजबंधुओं को शिक्षा एवं संस्कार के क्षेत्र में बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकें।
ओझा ने सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन करते हुए एकजुटता, संगठनात्मक अनुशासन एवं समाजहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निरंतर कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती सामूहिक प्रयासों से ही संभव है तथा प्रत्येक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता को अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा, समर्पण एवं सक्रियता के साथ निभानी चाहिए।
बैठक के पश्चात सुशील ओझा ने संगठन के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के साथ गांधी नगर में विप्र फाउंडेशन को आवंटित भूमि का अवलोकन किया। इस दौरान प्रस्तावित परशुराम ज्ञान पीठ भवन के निर्माण को लेकर विस्तार से चर्चा की गई तथा आगामी दो वर्षों में भवन निर्माण पूर्ण कर इसे समाज को समर्पित करने का संकल्प दोहराया गया।
ओझा ने कहा कि बीकानेर में प्रस्तावित यह प्रकल्प शिक्षा, संस्कार एवं सामाजिक गतिविधियों के क्षेत्र में समाज के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने भवन निर्माण से जुड़े कार्यों को गति देने तथा सभी पदाधिकारियों एवं समाजबंधुओं के सहयोग से इस संकल्प को समयबद्ध रूप से पूरा करने पर जोर दिया।

इसी क्रम में बैठक के दौरान बीकानेर में प्रस्तावित परशुराम ज्ञान पीठ भवन निर्माण समिति का गठन भी किया गया। राजेश चूरा को सर्वसम्मति से भवन निर्माण समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। समिति में कुल 11 सदस्यों को शामिल किया गया है, जो भवन निर्माण की आगामी प्रक्रिया को गति देने, विभिन्न कार्यों के समन्वय तथा निर्माण संबंधी गतिविधियों को आगे बढ़ाने में अपनी भूमिका निभाएंगे।
कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सचिव भंवर पुरोहित ने किया।
बैठक में राष्ट्रीय महामंत्री पवन पारीक, राष्ट्रीय संरक्षक दीपक पारीक, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अशोक पारीक, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेश चूरा, भवन निर्माण कमेटी के शिव सारस्वत, प्रदेश अध्यक्ष धनसुख सारस्वत, प्रदेश संगठन महामंत्री दीपक हर्ष, महिला प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकला आचार्य, महिला प्रदेश संगठन महामंत्री मोनिका गौड़, पूर्व युवा प्रदेश संगठन महामंत्री दिनेश ओझा, युवा प्रदेश महामंत्री एडवोकेट पंकज पीपलवा, जिला अध्यक्ष सुभाष जोशी, जिला संगठन महामंत्री अमित व्यास, युवा जिला अध्यक्ष दिनेश कुमार व्यास, प्रदेश सचिव नारायण पारीक, प्रदेश सचिव भंवरलाल सूरावत, महिला प्रदेश पदाधिकारी मीनाक्षी कल्ला, प्रदेश सचिव अरुण कल्ला, युवा संगठन महामंत्री अश्विनी शर्मा, युवा महामंत्री युवराज व्यास, युवा उपाध्यक्ष सौरभ शर्मा, सचिव विकास शर्मा, उपाध्यक्ष केशव सांखी, मीडिया प्रभारी सुशील आचार्य, उपाध्यक्ष गिरिराज आचार्य, रामस्वरूप हर्ष, गणेश जाजड़ा, युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष वेद व्यास, पूर्व मंडल अध्यक्ष मुकेश ओझा, मोहन पुरोहित, भूपेंद्र जोशी, अभिषेक व्यास, नवरतन ओझा, शिवम श्रीमाली, खेमाराम, नितेश शर्मा, संजय राजपुरोहित, ताराचंद , सुशील कल्ला, वेणुगोपाल रांगा एवं निखिल आचार्य सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
बैठक का वातावरण आत्मीय, सकारात्मक एवं ऊर्जावान रहा। उपस्थित पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने संगठन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने, समाजहित के कार्यों को नई गति प्रदान करने तथा विप्र फाउंडेशन के उद्देश्यों को प्रभावी रूप से आगे बढ़ाने के लिए एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।
सुशील ओझा के बीकानेर आगमन एवं संगठनात्मक बैठक से विप्र फाउंडेशन के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ। साथ ही संगठन के आगामी कार्यक्रमों एवं सामाजिक प्रकल्पों को लेकर नई दिशा, गति एवं सकारात्मक ऊर्जा का वातावरण बना।












