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देशनोक में बिजली-पानी का संकट चरम पर: बेलगाम प्रशासन के आगे ‘नतमस्तक’ नेता, जनता बेहाल

अबतक इंडिया न्यूज देशनोक 23 जून । धार्मिक नगरी देशनोक में इन दिनों बिजली, पानी और सफाई जैसी मूलभूत और दैनिक समस्याएं अपने चरम पर पहुंच चुकी हैं। भीषण गर्मी के इस दौर में अघोषित बिजली कटौती और अनियमित पेयजल आपूर्ति ने पिछले सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। स्थानीय प्रशासन की कथित मनमानी और बेलगाम कार्यशैली के कारण आम जनता त्रस्त है। हालांकि सरकार की ओर से ऑनलाइन शिकायतों का प्रावधान किया गया है, लेकिन धरातल पर इसका परिणाम ‘ऊंट के मुंह में जीरा’ साबित हो रहा है।
अघोषित बिजली कटौती और अनियमित पेयजल सप्लाई ने तोड़े रिकॉर्ड; समाधान के बजाय ‘फोटो सेशन’ और ‘टाइम पास’ राजनीति में व्यस्त हैं स्थानीय दल
विपक्ष की चुप्पी पर उठ रहे सवाल: जिला मुख्यालय पर संघर्ष, देशनोक में खामोशी क्यों?
​स्थानीय राजनीतिक परिदृश्य पर नजर डालें तो सत्ता पक्ष हो या विपक्ष, दोनों ही प्रमुख दलों (भाजपा और कांग्रेस) के स्थानीय नेताओं में जनता की समस्याओं का स्थायी समाधान करवाने या इसके लिए संघर्ष करने का माद्दा नजर नहीं आ रहा है।
​आश्चर्य की बात यह है कि जहां एक ओर कांग्रेस बीकानेर जिला मुख्यालय पर जन समस्याओं को लेकर सड़कों पर मुखर होकर संघर्ष करती दिखती है, वहीं देशनोक में स्थानीय कांग्रेस प्रशासन के सामने पूरी तरह नतमस्तक नजर आ रही है। पिछले ढाई वर्षों से स्थानीय कांग्रेस की इस रहस्यमयी खामोशी को लेकर अब आमजन के बीच भी सवाल उठने लगे हैं।
​भाजपा में ‘जी-हजूरी’ और ‘फोटो सेशन’ का दौर
​दूसरी ओर, सत्ताधारी दल भाजपा की स्थिति भी इससे जुदा नहीं है। इक्का-दुक्का नेताओं को छोड़ दिया जाए, तो अधिकांश स्थानीय नेता जनता की आवाज बनने के बजाय अपने बड़े नेताओं की ‘जी-हजूरी’ और ‘फोटो सेशन’ कराने में ही मस्त हैं। देशनोक का यह दुर्भाग्य ही कहा जाएगा कि आज धरातल पर जनता के हक के लिए लड़ने वाला कोई मजबूत नेतृत्व दिखाई नहीं दे रहा है।
सोशल मीडिया के ‘कागजी शेर’ देख रहे मुंगेरीलाल के हसीन सपने
​चुनावी सुगबुगाहट के बीच इन दिनों सोशल मीडिया पर कई ‘स्वयंभू पार्षद उम्मीदवार’ सक्रिय हो गए हैं। धरातल से गायब रहने वाले ये ‘कागजी शेर’ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं। वर्तमान परिस्थितियों को देखकर आमजन का कहना है कि जनता की समस्याओं से दूरी बनाने वाले इन नेताओं का आगामी चुनावों में क्या हश्र होगा, यह तो वक्त ही बताएगा, लेकिन फिलहाल ये भावी उम्मीदवार ‘मुंगेरीलाल के हसीन सपने’ देखने में व्यस्त हैं।

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