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पीएचईडी कॉन्ट्रेक्टर्स यूनियन की राजस्थान में पेयजल सप्लाई बंद करने की चेतावनी ,3500 करोड़ का भुगतान अटका

अबतक इंडिया न्यूज 20 अप्रैल राजस्थान ।  राजस्थान जलदाय विभाग के कॉन्ट्रैक्टर्स ने राजस्थान में पेयजल सप्लाई बंद करने की चेतावनी दी है. महीनों से पैमेंट अटकने से पीएचईडी कॉन्ट्रेक्टर्स यूनियन ने लामबंद हो गई है. जल भवन में अनिश्चितकालीन धरना दिया जा रहा है. उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि भुगतान नहीं होता है तो 22 अप्रैल से पेयजल सप्लाई रोक दी जाएगी.

22 अप्रैल से पेयजल सप्लाई बंद करने की चेतावनी
जलदाय विभाग के पीएचईडी कॉन्ट्रेक्टर्स यूनियन ने करोड़ों के बकाया भुगतान को लेकर सभी काम बंद करने की चेतावनी दी है. 8 दिन से जलदाय मुख्यालय पर कॉन्ट्रेक्टर्स अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे है. यूनियन का आरोप है कि पिछले 33 महीनों से जल जीवन मिशन में करीब 3500 करोड़ रुपए का भुगतान अटका हुआ है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है और अब हालात गंभीर हो चुके हैं.

 

धरने में राजस्थान कॉन्ट्रैक्टर्स एसोसिएशन संघर्ष समिति के बैनर तले प्रदेशभर के ठेकेदार शामिल हो रहे हैं. उनके साथ जुड़ी इंडस्ट्री के लोग भी समर्थन में आ गए हैं. यूनियन ने 22 अप्रैल तक का अल्टीमेटम दिया है और साफ कहा है कि अगर भुगतान नहीं हुआ तो 2 घंटे पानी की सप्लाई रोक दी जाएगी. पेयजल से संबंधित सभी प्रोजेक्ट्स ठप होंगे. इसके बाद भी मांगे नही मानी तो पूर्ण रूप से सप्लाई बंद कर दी जाएगी.

 

पाइप इंडस्ट्री पर भी गंभीर
भुगतान अटकने से पाइप इंडस्ट्री पर भी गंभीर असर पड़ा है. करीब 1000 करोड़ रुपए इस सेक्टर में फंसे हुए हैं, जिससे उत्पादन और सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है और हजारों लोगों के रोजगार पर असर पड़ रहा है. यूनियन के संरक्षक पप्पू राम डारा का कहना है कि संकट का असर करीब 5 लाख लोगों के रोजगार पर पड़ रहा है. प्रदेश में करीब 3 हजार कॉन्ट्रेक्टर्स है. भुगतान नहीं होने से मजूदरों पर भी असर देखा जा रहा है. हम पेयजल सप्लाई ठप नहीं करना चाहते लेकिन भुगतान नहीं होने से हालात खराब हो गए है.

 

आम जनता पर सीधे असर
गर्मी में पेयजल सप्लाई रुकी तो इसका असर आम जनता पर सीधे पड़ेगा. हालांकि जलदाय विभाग इस संबंध में प्रयास कर रहा है. मांगों को लेकर उच्च अफसरों से भी बातचीत हुई लेकिन अभी तक नतीजा नहीं निकला. ऐसे में आने वाले दिनों में उम्मीद है कि विभाग से वार्ता हो ताकि आम जनता को पेयजल समस्या का सामना नहीं करना पड़े.

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