अबतक इंडिया न्यूज दिल्ली 26 अक्टूबर । वोट चोरी व SIR को लेकर एकबार फिर भाजपा -कांग्रेस आमने -सामने है । वोट चोरी और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच सियासी टकराव तेज हो गया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोमवार को ऐलान किया कि पार्टी 1 नवंबर को दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ नाम से बड़ी रैली करेगी।
कांग्रेस इस प्रदर्शन के जरिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया तत्काल रोकने की मांग उठाएगी। इसके जवाब में बीजेपी तेलंगाना में 2 नवंबर को पदयात्रा निकालेगी, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शामिल होंगे। तेलंगाना बीजेपी अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने पदयात्रा की थीम ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ बताई है।
खरगे का आरोप- वोट देने का अधिकार खतरे में
खरगे ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर वीडियो शेयर कर आरोप लगाया कि देश में बड़े पैमाने पर वोटों की चोरी हुई है और यह सिलसिला अब भी जारी है। उन्होंने कहा कि भारतीय नागरिकों का वोट देने का संवैधानिक अधिकार खतरे में है और इसके लिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार जिम्मेदार हैं।
- खरगे ने आरोप लगाया कि चुनाव आयुक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर काम कर रहे हैं। उन्होंने महंगाई को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा।
- खरगे के मुताबिक, त्योहारों के मौसम में लोग कमरतोड़ महंगाई से जूझ रहे हैं, जबकि सरकार को उनकी परेशानी की चिंता नहीं है। उन्होंने लोगों से संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए 1 नवंबर की रैली में शामिल होने की अपील की।
BJP का पलटवार, SIR पर कांग्रेस को चुनौती
बीजेपी ने कांग्रेस पर SIR प्रक्रिया को लेकर गलत जानकारी फैलाने और लोगों के बीच भ्रम पैदा करने का आरोप लगाया है। राव ने कहा कि कांग्रेस राज्य और देश में अराजकता पैदा करने की कोशिश कर रही है, इसलिए पार्टी ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ के संदेश के साथ पदयात्रा निकालेगी। उन्होंने तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी को चुनौती दी कि वे ऐसे मतदाताओं की पहचान करें, जिनके नाम गलत तरीके से मतदाता सूची से हटाए गए हैं।
- राव ने कहा कि वह मुख्यमंत्री के पैतृक गांव कोंडारेड्डीपल्ले जाने के लिए तैयार हैं, ताकि वहां हटाए गए नामों की स्थिति देखी जा सके। उन्होंने कांग्रेस के मंत्रियों से भी कम से कम 10 ऐसे मतदाताओं के नाम बताने को कहा, जिनके नाम हटाए गए हों, और इसकी वजह स्पष्ट करने की मांग की।
13 करोड़ नाम हटने के आरोप पर आंकड़ों का हवाला
SIR के दौरान 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने के आरोपों पर राव ने दावा किया कि ये नाम अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या एक से ज्यादा जगह दर्ज मतदाताओं (ASDD) की श्रेणियों में आते हैं। उनके मुताबिक, इनमें 2.8 करोड़ मृत मतदाता, 3 करोड़ ऐसे लोग शामिल हैं जो अनुपस्थित थे या बूथ-स्तरीय अधिकारियों के दौरे के समय नहीं मिले, 6.3 करोड़ स्थायी रूप से दूसरी जगह चले गए और करीब 1 करोड़ नाम कई स्थानों पर दर्ज थे।
उन्होंने हैदराबाद के एक व्यक्ति का उदाहरण भी दिया, जिसने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसका नाम तीन अलग-अलग जगहों की मतदाता सूचियों में दर्ज था। राव ने कहा कि वास्तविक मतदाता, जिनके नाम गलती से हटे हैं, उन्हें दोबारा सूची में शामिल कराने का विकल्प उपलब्ध है। ये आंकड़े और दावे राव ने रखे हैं; इन्हें स्वतंत्र रूप से सत्यापित आंकड़ों के रूप में नहीं माना जाना चाहिए।
खरगे की टिप्पणी, राहुल गांधी और पानी के संकट पर भी हमला
राव ने प्रधानमंत्री मोदी पर खरगे की टिप्पणी की आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस यह स्वीकार नहीं कर पा रही कि एक ‘चायवाला’ देश का प्रधानमंत्री बन गया। उन्होंने दावा किया कि 2014 के बाद लगातार चुनावी हार के बावजूद कांग्रेस किसी भी तरह सत्ता में लौटना चाहती है।












