अबतक इंडिया न्यूज 26 अक्टूबर बीकानेर। रबी सीजन के दौरान किसानों को गुणवत्ता युक्त उर्वरक (खाद) उपलब्ध कराने और वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कृषि विभाग ने जिले में विशेष गुण नियंत्रण अभियान शुरू किया है। सोमवार को कृषि विभाग की टीमों ने जिले के 402 उर्वरक विक्रेताओं के रिकॉर्ड का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान अनियमितताएं पाए जाने पर 6 विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक मदनलाल ने बताया कि आयुक्त कृषि नरेश कुमार गोयल के निर्देशों के अनुसार, निरीक्षण की यह पूरी प्रक्रिया ‘राज एग्री क्यूसी मोबाइल ऐप’ के जरिए ऑनलाइन की जा रही है। इसका उद्देश्य निगरानी को पारदर्शी और प्रभावी बनाना है। उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि जिले में खाद की पर्याप्त उपलब्धता है और घबराने की आवश्यकता नहीं है।

जबरन दूसरा सामान (टैगिंग) बेचने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
उद्यान विभाग के सहायक निदेशक मुकेश गहलोत ने स्पष्ट किया कि यूरिया या डीएपी जैसे अनुदानित उर्वरकों के साथ किसानों को जबरन जिंक, सल्फर, कीटनाशक या जैव उर्वरक खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। यदि कोई विक्रेता ऐसा करता है, तो उसके साथ-साथ थोक विक्रेता और संबंधित कंपनी के खिलाफ भी नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
24 घंटे में होगी शिकायत पर कार्रवाई
उर्वरकों से जुड़ी अनियमितताओं और जबरन टैगिंग की शिकायत दर्ज कराने के लिए जिले में एक उर्वरक शिकायत प्रकोष्ठ का गठन किया गया है।
- हेल्पलाइन/शिकायत नंबर: 0151-2230140
- कार्रवाई की समयसीमा: शिकायत मिलने के 24 घंटे के भीतर प्रारंभिक कार्रवाई शुरू की जाएगी।
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों से खिलवाड़ और उर्वरक बिक्री में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।












