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सुप्रीम कोर्ट पहुंचा भोजशाला विवाद, मुस्लिम पक्ष ने हाई कोर्ट के फैसले को दी चुनौती

अबतक इंडिया न्यूज 22 मई । मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित भोजशाला मामले में मुस्लिम पक्ष ने MP हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी. पिछले दिनों अपने फैसले में MP हाई कोर्ट ने कहा था कि राज्य के धार जिले में स्थित विवादित भोजशाला परिसर देवी सरस्वती को समर्पित मंदिर है.हिंदू समुदाय भोजशाला को देवी सरस्वती का मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम समुदाय इस परिसर को कमाल मौला मस्जिद कहता है. धार जिले में स्थित यह विवादित परिसर का संरक्षण भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) करती है. मस्जिद के कार्यवाहक काजी मोइनुद्दीन की ओर से दायर अपील में हाई कोर्ट के 15 मई के आदेश को चुनौती दी गई है.

देवी सरस्वती को समर्पित मंदिर

हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि विवादित भोजशाला परिसर देवी सरस्वती को समर्पित एक मंदिर है. केंद्र और एएसआई इसके प्रशासन और प्रबंधन पर कोई फैसला ले सकते हैं. हाई कोर्ट ने ASI के 7 अप्रैल, 2003 के उस आदेश को भी रद्द कर दिया, जिसमें मुसलमानों को भोजशाला परिसर के अंदर हर शुक्रवार को नमाज अदा करने की अनुमति दी गई थी.

मामले की सुनवाई कर रही हाई कोर्ट की बेंच ने अपने फैसले में यह भी कहा कि मुस्लिम समुदाय मस्जिद बनाने के लिए जिले में अलग से जमीन के लिए मध्य प्रदेश सरकार से संपर्क कर सकता है.

हिंदू पक्ष की ओर से SC में कैविएट दाखिल

हाई कोर्ट के फैसले के इतर हिंदू पक्ष के एक याचिकाकर्ता जितेंद्र सिंह विशेन की ओर से 15 मई को सुप्रीम कोर्ट में एक कैविएट दाखिल की गई, जिसमें अनुरोध किया गया कि भोजशाला परिसर विवाद मामले में हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ किसी भी अपील पर कोई भी आदेश उसका पक्ष सुने बिना पारित नहीं किया जाए.

विशेन की ओर से कहा गया कि नीचे हस्ताक्षर करने वाले व्यक्ति को नोटिस दिए बिना उपरोक्त मामले में कोई आदेश न दिया जाए. कैविएट कोर्ट को दी गई एक तरह की पूर्व सूचना या अनुरोध होता है. विशेन उस मामले में छठे याचिकाकर्ता थे, जिसमें हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने अपना फैसला सुनाया.

धार में कड़ी सुरक्षा-व्यवस्था, ड्रोन से नजर

इस बीच धार में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. हाई कोर्ट के शुक्रवार का दिन जिला प्रशासन के लिए बेहद अहम है. भोजशाला को लेकर हाई कोर्ट के आदेश के बाद यह पहला शुक्रवार है, इस वजह से प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क है. करीब 1500 जवानों को परिसर के आसपास तैनात किया गया है. साथ ही आसपास के इलाके की निगरानी के लिए ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है.

हिंदू संगठन की ओर से आज भोजशाला में बड़े स्तर पर पूजा-अर्चना का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. इसके लिए अलग-अलग हिंदू संगठन दोपहर एक बजे अखंड ज्योति मंदिर में एकत्रित होंगे, फिर सामूहिक धार्मिक आयोजन शुरू होगा. 1 बजे से 3 बजे तक मां वाग्देवी की विशेष पूजा-अर्चना भी की जाएगी. कार्यक्रम के दौरान भोजशाला आंदोलन से जुड़े उन लोगों का भी सम्मानित किया जाएगा, जो संघर्ष के दौरान मारे गए या फिर घायल हुए या उन्हें जेल भेजा गया.

नए आदेश के बाद भोजशाला के अंदर का नजारा बदला हुआ दिखेगा क्योंकि नए आदेश के मुताबिक, अब भोजशाला में नमाज अदा नहीं की जा सकेगी.

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