अबतक इंडिया न्यूज बीकानेर 25 जून । संभाग के सबसे बड़े पीबीएम अस्पताल की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्थाओं, संसाधनों की भारी किल्लत और फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहा “पीबीएम सुधारो जनआंदोलन” अब बड़ा सियासी रूप लेने जा रहा है। पिछले 15 दिनों से लगातार जारी इस आंदोलन को अब प्रदेश कांग्रेस का सीधा समर्थन मिल गया है। कांग्रेस जिला संगठन महासचिव प्रहलाद सिंह मार्शल ने जानकारी देते हुए बताया कि आगामी 30 जून को राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली खुद बीकानेर में मोर्चा संभालेंगे और उनके नेतृत्व में जिला कलेक्ट्रेट का ऐतिहासिक घेराव किया जाएगा।
प्रशासन की बेरुखी पर फूटा गुस्सा
आंदोलनकारियों का आरोप है कि पीबीएम अस्पताल को सुधारने के लिए लंबे समय से संघर्ष किया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन, जिला कलेक्टर और संभागीय आयुक्त को 10 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन भी सौंपा गया, लेकिन प्रशासन के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। किसी भी मांग पर अब तक कोई ठोस या संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे आम जनता और कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है।
मुख्य मांग:
आंदोलनकारियों की प्रमुख मांग है कि पीबीएम अस्पताल में व्याप्त भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं की जांच किसी भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी की अध्यक्षता में निष्पक्ष रूप से करवाई जाए, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।
महाघेराव की तैयारियां तेज, जुटेगी भारी भीड़
गोविन्द सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के बीकानेर आगमन को लेकर स्थानीय कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कमर कस ली है। इस कलेक्ट्रेट घेराव कार्यक्रम में बीकानेर शहर जिलाध्यक्ष मदगोपाल मेघवाल व देहात जिलाध्यक्ष बिशना राम सियाग ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, अग्रिम संगठनों के कार्यकर्ता और पीड़ित आम नागरिक शामिल होंगे। राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि डोटासरा और जूली के इस कदम से “पीबीएम सुधारो जनआंदोलन” को एक नई धार और राष्ट्र-व्यापी विस्तार मिलेगा, जिससे स्थानीय प्रशासन पर दबाव बेहद बढ़ गया है।











