अबतक इंडिया न्यूज 8 अगस्त जयपुर। गोपालन निदेशालय में निदेशक श्रीमती कश्मी कोर की अध्यक्षता में गौ ग्राम सेवा संघ राजस्थान और राजस्थान गौ सेवा समिति की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश की गौशालाओं के सुदृढ़ीकरण, लंबित अनुदान, बिजली बिल में छूट और नंदीशाला योजना समेत विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर विस्तृत चर्चा कर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

बैठक के प्रमुख निर्णय एवं मुख्य बिंदु:
- 15 अगस्त से पहले अनुदान: जिन गौशालाओं के इकजाई बिल अपलोड और वित्तीय स्वीकृति (FS) हो चुकी है, उन्हें 15 अगस्त से पूर्व अनुदान जारी किया जाएगा। राज्य सरकार ने 2000 गौशालाओं को स्वतंत्रता दिवस से पहले भुगतान देने की प्रतिबद्धता जताई है।
- भगवा रंग का डिजिटल टैग: भारत पशुधन ऐप (इनाफ) में 100% टैगिंग एंट्री की सहमति बनी है। गौशालाओं के लिए 12 अंकों के डिजिटल टैग का रंग ‘भगवा’ होगा। सितंबर 2026 तक सभी गौशालाओं में डिजिटल टैगिंग का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।
- बिजली बिल में 50% की छूट: गौशालाओं को बिजली बिल में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी, जिसके लिए गोपालन विभाग जल्द ही सभी डिस्कॉम को पत्र जारी करेगा।
- पेयजल संकट का समाधान: उच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत 740 बिन-पानी वाली गौशालाओं में से प्रथम चरण में 200 गौशालाओं में नलकूप लगाए जाएंगे। इसमें 90% खर्च विभाग और 10% संस्था वहन करेगी।
- नंदीशाला एवं भूमि आवंटन: नंदीशालाओं के लिए 20 बीघा भूमि और 3 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान रखा गया है। वहीं भूमि लीज व आवंटन के लिए जिला कलेक्टर्स को पत्र लिखा जाएगा।
इसके अतिरिक्त, प्रत्येक तीन माह में जिला स्तर पर संयुक्त निदेशक की अध्यक्षता में गौशाला संचालकों के साथ संवाद व प्रशिक्षण बैठकें आयोजित होंगी। महालेखाकार (AG) ऑडिट में 38 गौशालाओं पर प्रस्तावित रिकवरी की पुनर्जांच कर राहत देने का आश्वासन भी दिया गया।
बैठक में गौ ग्राम सेवा संघ के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष सूरजमल सिंह नीमराणा, प्रदेश महामंत्री प्रकाश व्यास, तथा राजस्थान गौ सेवा समिति के प्रदेशाध्यक्ष संत श्री गोविंदराम शास्त्री (खेड़ापा धाम) सहित दोनों संगठनों के अनेक पदाधिकारी और संत-महंत उपस्थित रहे।











