अबतक इंडिया न्यूज 29 जुलाई नई दिल्ली: केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में भारतीय रेलवे में भर्ती और परीक्षाओं के आंकड़ों का ब्यौरा दिया। उन्होंने बताया कि रेलवे पदों की आवश्यकता और परिचालन की महत्ता को देखते हुए भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी, तीव्र और सुलभ बनाने के लिए लगातार काम कर रहा है।
सालाना भर्ती कैलेंडर से युवाओं को फायदा रेल मंत्रालय ने 2024 से ग्रुप ‘C’ पदों की भर्ती के लिए वार्षिक कैलेंडर प्रणाली शुरू की है। इससे युवाओं को समय पर परीक्षा की गारंटी, नियमित अवसर और त्वरित नियुक्ति का लाभ मिल रहा है। वर्तमान में वार्षिक कैलेंडर (2024, 2025 और 2026) के तहत नॉन-गजटेड कर्मचारियों की 1,61,889 वैकेंसी के लिए भर्ती प्रक्रिया चल रही है।
तुलनात्मक आंकड़े:
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2004-05 से 2013-14: कुल 4.11 लाख भर्तियां।
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2014-15 से 30 जून 2026 तक: कुल 5.56 लाख भर्ती (जिसमें दक्षिण रेलवे के 50,485 पद शामिल हैं)।
परीक्षाओं की प्रमुख विशेषताएं:
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विशाल भागीदारी: 2024 और 2025 के एग्जाम साइकिल में लगभग 4.5 करोड़ परीक्षार्थियों ने कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट (CBT) दिया।
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क्षेत्रीय भाषाओं में परीक्षा: रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) की ये परीक्षाएं 150 से अधिक शहरों में 15 विभिन्न भाषाओं में आयोजित की गईं ताकि उम्मीदवारों को अधिक से अधिक सुविधा मिल सके।
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2024 CENs की स्थिति: 92,116 पदों (जैसे ALP, टेक्नीशियन, RPF, JE, NTPC आदि) के लिए पहले चरण/सिंगल स्टेज CBT में 3.58 करोड़ से ज्यादा अभ्यर्थी शामिल हुए।
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2025 CENs की स्थिति: 51,970 वैकेंसी के तहत विभिन्न पदों के लिए 90 लाख से अधिक परीक्षार्थियों ने प्रथम चरण परीक्षा दी।
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2026 भर्ती योजना: साल 2026 के भर्ती कैलेंडर के तहत असिस्टेंट लोको पायलट, टेक्नीशियन और सेक्शन कंट्रोलर जैसे पदों की 17,803 रिक्तियों के लिए 3 केंद्रीय रोजगार अधिसूचनाएं (CENs) जारी की जा चुकी हैं।
रेल मंत्री ने स्पष्ट किया कि सेफ्टी और ऑपरेशनल आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए भर्तियों को पारदर्शिता और तय दिशानिर्देशों के साथ पूरा किया जा रहा है।












