अबतक इंडिया न्यूज 3 जुलाई जोधपुर। रेलवे स्टेशनों पर लिफ्ट,एस्केलेटर,फुटओवर ब्रिज और पाथ वे जैसी सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद ट्रैक पार कर नियमों का उल्लंघन करने वाले यात्रियों के खिलाफ जोधपुर मंडल ने सख्ती बढ़ा दी है। रेलवे सुरक्षा बल की ओर से विशेष अभियान चलाकर ऐसे यात्रियों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है।
जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि मंडल के विभिन्न स्टेशनों पर यात्री जल्दबाजी में अपनी जान जोखिम में डालकर ट्रैक पार करते हुए पाए जा रहे हैं। इस पर अंकुश लगाने के लिए आरपीएफ नियमित कार्रवाई कर रही है। प्रमुख स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से भी निगरानी रखी जा रही है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने बताया कि चालू वित्त वर्ष 2026-27 की प्रथम तिमाही में रेलवे सुरक्षा बल ने रेलवे अधिनियम 1989 की धारा 147 के तहत पटरी पार करने के 350 से अधिक मामले दर्ज किए हैं। इनमें करीब 45 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया है,जबकि 36 मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं।
धारा 147 के तहत होती है कार्रवाई
रेलवे अधिनियम 1989 की धारा 147 के अनुसार रेलवे ट्रैक,यार्ड अथवा अन्य गैर-यात्री क्षेत्र में अनधिकृत प्रवेश करना दंडनीय अपराध है। इसके लिए छह माह तक का कारावास, पांच सौ रुपए तक का जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान है। जन विश्वास अधिनियम के तहत निर्धारित जुर्माना मौके पर जमा कराया जा सकता है। जुर्माना जमा नहीं कराने पर संबंधित व्यक्ति को सक्षम न्यायालय में पेश कर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।
यात्रियों से नियमों की पालना की अपील
मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक हितेश यादव ने यात्रियों से अपील की कि वे अपनी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म पर जाने के लिए केवल फुटओवर ब्रिज,लिफ्ट या एस्केलेटर का ही उपयोग करें। उन्होंने कहा कि कई बार एक्सप्रेस एवं सुपरफास्ट ट्रेनें बीच के स्टेशनों पर बिना रुके तेज गति से गुजरती हैं। ऐसे में ट्रैक पार करने का प्रयास जानलेवा साबित हो सकता है। यात्रियों को किसी भी परिस्थिति में शॉर्टकट अपनाने के बजाय अधिकृत मार्ग का ही उपयोग करना चाहिए।











