बड़ा सवाल:इतने बड़े अग्निकांड के बाद भी न तो केंद्रीय भंडारण निगम ने कोई सबक लिया और न ही स्थानीय प्रशासन की नींद टूटी। आज भी लापरवाही का यही दौर बेखौफ जारी है। आखिर प्रशासन और निगम प्रबंधन किसी बड़ी जनहानि या लाशों के ढेर का इंतजार क्यों कर रहे हैं?
दो महीने पहले पांच दिन तक धधकी थी आग, फिर भी बेपरवाही जारी
गौरतलब है कि इसी गोदाम परिसर में महज दो महीने पहले ही एक ऐसा भीषण अग्निकांड हुआ था, जिसने पूरे कस्बे को हिलाकर रख दिया था। उस भीषण आग पर काबू पाने में दमकल विभाग और प्रशासन को 5 दिन से ज्यादा का समय लगा था। इस हादसे से पूरा देशनोक कस्बा थर्रा उठा था।
खतरे के साए में व्यापार
ओवरब्रिज के पास व्यस्त इलाका होने के कारण यहाँ हमेशा लोगों और वाहनों की आवाजाही रहती है। ऐसे में अगर किसी ओवरलोड ट्रक की वजह से बिजली का पोल उखड़ता है या तार टूटकर नीचे गिरते हैं, तो भीषण जनहानि से इंकार नहीं किया जा सकता। कस्बे के लोगों ने अब चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इन ओवरलोड ट्रकों की एंट्री और बिजली के तारों की ऊंचाई को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो वे आंदोलन की राह पकड़ने को मजबूर होंगे।











