अबतक इंडिया न्यूज 12 मई । राजस्थान की मेवाड़ यूनिवर्सिटी के फर्जी डिग्री मामले में एसओजी की बड़ी कार्रवाई हुई है. फर्जी डिग्री प्रिंट करने वाले आरोपी वीरेंद्र सिंह को गाजियाबाद से गिरफ्तार कर अजमेर लाया गया है. वीरेंद्र सिंह की गिरफ्तारी के बाद कई बड़े खुलासे होने की संभावना है. जांच एजेंसी गिरोह के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए नेटवर्क की जांच में जुटी है. वीरेंद्र पर आरोप है कि उसने ही फर्जी डिग्रियां प्रिंट कर आरोपियों को दी थीं.
2022 की भर्ती परीक्षा के बाद खुला मामला
मामले की जांच लोकसेवा आयोग की शिकायत के बाद शुरू हुई थी. आयोग ने बताया था कि स्कूल लेक्चरर (हिंदी) प्रतियोगी परीक्षा-2022 में चयनित दो युवतियों ने आवेदन के समय वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय की डिग्री बताई, लेकिन बाद में मेवाड़ यूनिवर्सिटी की डिग्री प्रस्तुत की. जांच में सामने आया कि दोनों ने एमए की फर्जी डिग्री के जरिए नौकरी हासिल की.
पूर्व प्रेसिडेंट समेत कई आरोपियों की हो चुकी है गिरफ्तारी
एसओजी ने सरकारी शिक्षक दलपत सिंह और डॉक्टर सुरेश विश्नोई सहित अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया. इसके बाद तार मेवाड़ यूनिवर्सिटी के पूर्व प्रेसिडेंट कौशल किशोर चन्द्रूल से भी जुड़े, जो जेल की सलाखों के पीछे है.










