अबतक इंडिया न्यूज 5 मई देशनोक । युवा पीढ़ी को नशे की बढ़ती प्रवृत्ति से बचाने के उद्देश्य से क्षेत्र में एक अभिनव पहल की शुरुआत की गई है। राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय देशनोक में “Say No to Drugs” अभियान के तहत विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया गया।

कार्यक्रम विद्यालय के प्राचार्य संतोष बाच्छल के निर्देशन में आयोजित हुआ, जिसमें शिक्षक मांगी लाल दैया ने गूगल फॉर्म आधारित वस्तुनिष्ठ प्रश्न पत्र के माध्यम से विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित की।शाला में कुल 800 छात्राए नामांकित है ।ऑफलाइन परीक्षा में 170 छात्राओं ने भाग लिया l सुभाष पंवार ,श्रीमती शारदा , सवाई सिंह चारण, मुलाराम मेघवाल ने परीक्षा व्यवस्था में सहयोग किया ।’say no to Drugs ‘अभियान के तहत 20 वस्तुनिष्ठ प्रश्नों की ऑफलाइन परीक्षा आयोजित की गई ।जिसमे प्रथम स्थान कक्षा ग्यारहवीं की छात्रा दिव्या चारण , द्वितीय स्थान सयुंक्त रूप से निहारिका सोनी एवं धापू सेवग ने तथा तृतीय स्थान सिया मारू ने प्राप्त किया।जिन्हें ‘ say no to Drugs ‘ अभियान के तहत प्रतीक चिह्न प्रधानाचार्य श्रीमती संतोष बाच्छल उप प्रधानाचार्य शिवनारायण गोयल श्रीमती प्रीति,वीणा गेरा ने प्रदान किये l परीक्षा में भाग लेने वाली प्रत्येक प्रतिभागी को भी सान्त्वना पुरस्कार दिया गया l

इस अभियान की शुरुआत राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भीनासर के प्राचार्य करनीदान कच्छवाह द्वारा की गई है । उन्होंने बताया कि नशे से ना केवल स्वास्थ्य का नुकसान होता है बल्कि परिवार , तथा देश भी प्रभावित होता है । उन्हें इस अभियान की प्रेरणा पुलिस अधीक्षक श्री मृदुल कच्छावा द्वारा नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान ऑपरेशन नीलकंठ से मिली ।इस नवाचार को बीकानेर पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छवाह ने प्रेरक कदम बताया ।उन्होंने इस पहल को समाज के लिए उपयोगी बताते हुए इसकी सराहना की।
डॉ. कच्छवाह ने बताया कि ऑनलाइन फॉर्म में विद्यार्थियों के लिए 11 प्रश्न निर्धारित किए गए हैं, जिनमें प्रत्येक सही उत्तर पर 10 अंक मिलेंगे। प्रश्नावली पूर्ण करने के तुरंत बाद विद्यार्थियों को उनके ईमेल पर प्रमाण पत्र भी प्राप्त होगा। यह पहल सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से तैयार की गई है।
अभियान को सफल बनाने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। साथ ही एनसीसी, एनएसएस एवं विभिन्न संस्थाओं का सहयोग लिया जाएगा। स्कूटी और बाइक पर “नशे को ना कहें” के लोगे लगाकर जन-जागरूकता बढ़ाई जाएगी। यह प्रयास युवाओं को सशक्त समाज की ओर प्रेरित करने में महत्वपूर्ण साबित हो रहा है।वरिष्ठ अध्यापक मांगीलाल दैया ने बताया कि सार्वजनिक स्थानों पर हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा ।










