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खाटूश्यामजी ,देशनोक और पुष्कर में बनेंगी ‘मॉडल रोड’, भरतपुर को ₹100 करोड़ के कन्वेंशन सेंटर की सौगात, पढ़ें राजस्थान बजट के बड़े ऐलान

अबतक इंडिया न्यूज 11 फरवरी । राजस्थान की डिप्टी सीएम और फाइनेंस मिनिस्टर दिया कुमारी (Diya Kumari) आज विधानसभा (Rajasthan Assembly) में भजनलाल सरकार का तीसरा पूर्ण बजट (Rajasthan Budget 2026-27) पेश  कर रही हैं. ‘विकसित राजस्थान @2047’ के विजन को धरातल पर उतारने के लिए तैयार इस बजट से प्रदेश के युवाओं, किसानों और महिलाओं को भारी उम्मीदें हैं. डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा (Prem Chand Bairwa) ने पहले ही संकेत दे दिए हैं कि यह बजट न केवल प्रदेश के विकास की रफ्तार को तेज करेगा, बल्कि यह मुख्य रूप से आम आदमी की सुरक्षा और सुविधा पर केंद्रित होगा।

खाटू श्याम जी ,देशनोक और पुष्कर में बनेंगी ‘मॉडल रोड’, भरतपुर को मिला कन्वेंशन सेंटर

भजन लाल सरकार ने आस्था के प्रमुख केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने के लिए बड़ा कदम उठाया है:-

  1. राजस्थान के प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक नगरों— पुष्कर, खाटू श्याम जी, देशनोक, पोकरण, डिग्गी और मंडावर के मुख्य प्रवेश मार्गों को ‘मॉडल रोड’ के रूप में विकसित किया जाएगा. इसके लिए ₹30 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है. इन सड़कों पर लाइटिंग, फुटपाथ और सौंदर्यीकरण के विशेष काम होंगे.
  2. भरतपुर में पर्यटन और बड़े आयोजनों को बढ़ावा देने के लिए ₹100 करोड़ की लागत से एक भव्य ‘बृज कन्वेंशन सेंटर’ का निर्माण किया जाएगा.

इन घोषणाओं से हर साल आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को जाम और टूटी सड़कों से निजात मिलेगी और शहरों का लुक पूरी तरह बदल जाएगा.

जैसलमेर बनेगा ‘अल्ट्रा लग्जरी’ टूरिज्म हब, पर्यटन के लिए ₹5000 करोड़ का मेगा प्लान

राजस्थान को दुनिया का सबसे बड़ा सांस्कृतिक और इको-टूरिज्म केंद्र बनाने के लिए वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बड़ा रोडमैप पेश किया है:-

  1. प्रदेश में पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए ‘राजस्थान टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर और कैपेसिटी बिल्डिंग अथॉरिटी’ बनाई जाएगी. इसके तहत ₹5,000 करोड़ से अधिक के काम होंगे.
  2. जैसलमेर के कुड़ी (Khuri) में एक ‘अल्ट्रा लग्जरी स्पेशल टूरिज्म जोन’ विकसित किया जाएगा, जो वैश्विक पर्यटकों को आकर्षित करेगा.
  3. रहस्यमयी गांव कुलधरा (जैसलमेर) में पर्यटकों की सुविधा के लिए आधुनिक ‘पर्यटक सुविधा केंद्र’ विकसित किया जाएगा.
  4. राजस्थान को साल 2047 तक वैश्विक ग्रामीण और इको-टूरिज्म के सबसे बड़े केंद्र के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है.
  5. प्रदेश की विरासत और लोक कलाओं को पर्यटन के जरिए नई पहचान दिलाने के लिए विशेष गलियारे विकसित किए जाएंगे.

सहरिया-कथौड़ी परिवारों को हर महीने ₹1200 सीधे खाते में

  1. जनजाति परिवारों को घी और तेल वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए अब राशन के बजाय महिला मुखिया के खाते में ₹1200 प्रति माह (DBT) जमा किए जाएंगे. इससे 38,000 परिवार लाभान्वित होंगे.
  2. श्रमिकों के लिए क्रांतिकारी ‘श्रम सेतु मोबाइल ऐप’ लॉन्च होगा. इसके जरिए डिजिटल लेबर चौक की सुविधा मिलेगी. श्रमिक अपना रजिस्ट्रेशन, पहचान पत्र और रोजगार की मांग-आपूर्ति घर बैठे कर सकेंगे. कल्याणकारी योजनाओं का भुगतान भी ऑनलाइन होगा.
  3. पालनहार योजना के लाभार्थी बच्चों को अब स्कूल के बाद उच्च शिक्षा और उनकी रुचि के अनुसार प्रोफेशनल ट्रेनिंग के विकल्प मुहैया कराए जाएंगे.
  4. वन संपदा को बढ़ावा देने और स्थानीय रोजगार के लिए बांसवाड़ा और उदयपुर जिला मुख्यालयों पर ‘माइनर फॉरेस्ट प्रोसेसिंग सेंटर’ स्थापित किए जाएंगे.

आंगनबाड़ी बनेंगे ‘नंद घर’, 18 हजार केंद्रों को मिलेगा बिजली कनेक्शन

  1. प्रदेश की 7,500 आंगनबाड़ियों को आधुनिक ‘नंद घर’ के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए ₹225 करोड़ का प्रावधान किया गया है.
  2. 17,895 आंगनबाड़ी केंद्रों को पहली बार बिजली कनेक्शन से जोड़ा जाएगा.
  3. 11,924 केंद्रों की मरम्मत के लिए ₹246 करोड़ के काम प्रगति पर हैं.
  4. बच्चों और किशोरियों के लिए IIT दिल्ली के सहयोग से 24 घंटे चलने वाली AI आधारित लाइव मेंटरिंग सेवा शुरू होगी.
  5. करौली, धौलपुर, बारां, जैसलमेर और सिरोही के साथ अब प्रदेश के सभी 27 एस्पिरेशनल ब्लॉक्स में किशोरी बालिकाओं को पूरक पोषाहार मिलेगा. इससे 50,000 से ज्यादा बालिकाएं लाभान्वित होंगी.
  6. भरतपुर और कोटा में ‘महिला अधिकारिता एवं बाल संकुल परिसर’ बनाए जाएंगे, जहां एक ही छत के नीचे विभाग से जुड़ी सभी सेवाएं मिलेंगी.
  7. जामडोली स्थित बाल गृह की क्षमता 125 से बढ़ाकर 250 की जाएगी.

लखपति दीदियों को अब ₹1.5 लाख का लोन, ग्रामीण महिलाओं के लिए खुलेंगे ‘वूमेन BPO’

वित्त मंत्री दिया कुमारी ने महिला सशक्तिकरण और ‘लखपति दीदी’ अभियान को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए बड़ी घोषणाएं की हैं:-

  1. लखपति दीदी श्रेणी की महिलाओं को आर्थिक मजबूती देने के लिए ब्याज अनुदान पर मिलने वाले ऋण (Loan) की सीमा ₹1 लाख से बढ़ाकर ₹1.5 लाख करने का ऐलान किया गया है.
  2. ग्रामीण क्षेत्र की शिक्षित महिलाओं को उनके घर के पास ही रोजगार देने के लिए जिला स्तर पर ‘रूरल वूमेन BPO’ (Rural Women BPO) स्थापित किए जाएंगे.
  3. इन BPO सेंटर्स की स्थापना और संचालन पर राज्य सरकार ₹100 करोड़ खर्च करेगी.
  4. अब तक 16 लाख से ज्यादा महिलाओं को लखपति दीदी की श्रेणी में लाया जा चुका है, अब इस दायरे को और व्यापक बनाया जाएगा.
  5. सरकार का लक्ष्य ग्रामीण महिलाओं को न केवल आत्मनिर्भर बनाना है, बल्कि उन्हें डिजिटल और आईटी सेक्टर से जोड़कर मुख्यधारा में लाना है.

मरीजों के परिजनों को बड़ी राहत: 6 शहरों में बनेंगे हाई-टेक विश्रामगृह और ‘अटल आरोग्य फूड कोर्ट’

वित्त मंत्री दिया कुमारी ने अस्पतालों में इलाज के साथ-साथ मरीजों के परिजनों की सुविधाओं और सम्मानजनक अंतिम विदाई के लिए बड़ी घोषणाएं की हैं:-

  1. जयपुर, अजमेर, बीकानेर, उदयपुर, कोटा और जोधपुर के मेडिकल कॉलेजों से जुड़े अस्पतालों में अत्यधुनिक विश्रामगृह (Shelter Homes) बनाए जाएंगे. इससे दूर-दराज से आने वाले परिजनों को ठहरने के लिए दर-दर नहीं भटकना पड़ेगा.
  2. अस्पताल परिसर में ही मरीजों, स्टाफ और विद्यार्थियों को सस्ती दर पर पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए ‘अटल आरोग्य फूड कोर्ट’ स्थापित किए जाएंगे. इसके लिए ₹100 करोड़ का बजट आवंटित.
  3. सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले मृतकों के पार्थिव शरीर को अस्पताल की मोर्चरी से उनके घर तक सम्मानपूर्वक पहुँचाने के लिए सरकार निशुल्क ‘मोक्ष वाहिनी’ सेवा शुरू करेगी.
  4. प्रदेश के आयुर्वेद अस्पतालों में आधारभूत ढांचे (Infrastructure) को मजबूत करने के लिए विशेष कार्य करवाए जाएंगे.

RUHS में बनेगा नियोनेटल ICU और ₹500 करोड़ के नए उपकरण

वित्त मंत्री दीया कुमारी ने मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों को आधुनिक बनाने के लिए बड़े बजट का प्रावधान किया है:-

  1. बच्चों की दिमागी बीमारियों के इलाज के लिए विशेष पीडियाट्रिक न्यूरोलॉजी विभाग बनाया जाएगा.
  2. जयपुर के RUHS अस्पताल में 200 बेड का पीडियाट्रिक IPD और आधुनिक नियोनेटल ICU विकसित किया जाएगा.
  3. ₹300 करोड़ की लागत से ‘राजमा’ (RAJ-MA) के तहत विभिन्न मेडिकल इक्विपमेंट उपलब्ध कराए जाएंगे.
  4. ₹200 करोड़ की लागत से अस्पतालों में बिल्कुल नए मेडिकल उपकरण स्थापित होंगे.
  5. हाल ही में अस्पतालों में आग लगने की घटनाओं को देखते हुए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. प्रदेश के सभी अस्पतालों में फायर डिटेक्शन सिस्टम लगाए जाएंगे.
  6. पहले चरण में फायर सेफ्टी इक्विपमेंट के लिए ₹300 करोड़ खर्च किए जाएंगे.

दस्तावेज नहीं तो भी मिलेगा इलाज,

  1. बच्चों के प्रमुख अस्पताल JK लोन में ₹75 करोड़ की लागत से 500 बेड क्षमता वाला नया IPD टावर बनाया जाएगा. इससे गंभीर बीमार बच्चों को बेहतर इलाज और ज्यादा जगह मिल सकेगी.
  2. जिन पात्र परिवारों के पास दस्तावेजों की कमी है, उन्हें भी मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना और निरोगी राजस्थान योजना के तहत निशुल्क इलाज सुनिश्चित किया जाएगा.
  3. योजना से वंचित पात्र परिवारों को जोड़ने के लिए हर पंचायत स्तर पर विशेष ‘आरोग्य शिविरों’ का आयोजन होगा.
  4. सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी व्यक्ति आर्थिक तंगी या कागजों की कमी के कारण इलाज से वंचित न रहे.

जिला अस्पतालों में मिलेंगे काउंसलर

  1. अब जिला अस्पतालों में केवल मनोरोग चिकित्सक (Psychiatrist) ही नहीं, बल्कि साइकोलॉजिकल काउंसलर भी नियुक्त किए जाएंगे.
  2. सभी हायर सेकेंडरी स्कूलों में हर महीने स्ट्रेस कम मेंटल हेल्थ काउंसलिंग सेशन आयोजित करना अनिवार्य होगा. यह प्रशिक्षित काउंसलर्स के माध्यम से किया जाएगा.
  3. सरकार का मुख्य फोकस इस बात पर है कि रोगों की पहचान शुरुआत में ही हो सके, ताकि आत्महत्या जैसे आत्मघाती कदमों को रोका जा सके.

‘राज ममता’ योजना का ऐलान, SMS में बनेगा मेंटल हेल्थ एक्सीलेंस सेंटर

बजट भाषण के दौरान दिया कुमारी ने मानसिक स्वास्थ्य का मुद्दा उठाते हुए विपक्ष की ओर इशारा कर चुटकी ली और कहा- ‘यह सबको सुनना चाहिए.’

  1. अवसाद (Depression), चिंता (Anxiety) और आत्महत्या जैसी गंभीर समस्याओं की रोकथाम के लिए ‘राज मेंटल अवेयरनेस मेंटरिंग एंड ट्रीटमेंट फॉर ऑल’ कार्यक्रम शुरू होगा.
  2. जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज में ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन मेंटल हेल्थ’ की स्थापना की जाएगी। यहाँ टेलीमेडिसिन और आधुनिक उपचार की सुविधा मिलेगी.
  3. राज्य की नई ट्रॉमा और इमरजेंसी पॉलिसी के तहत सेवाओं के सुधारीकरण के लिए ₹150 करोड़ का भारी निवेश होगा.
  4. बदलती जीवनशैली और कॉम्पिटिशन के दौर में युवाओं और आमजन को मानसिक संबल देने के लिए मेंटरिंग और काउंसलिंग पर विशेष जोर.

हाईवे पर तैनात होंगी एम्बुलेंस, ड्राइविंग लाइसेंस के लिए CPR ट्रेनिंग अब अनिवार्य

सरकार ने सड़क हादसों में होने वाली मौतों को रोकने के लिए ‘गोल्डन ऑवर’ (हादसे के तुरंत बाद का समय) मैनेजमेंट पर बड़ा फैसला लिया है:-

  1. अब राजस्थान में ड्राइविंग लाइसेंस (DL) बनवाने के लिए CPR (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) का प्रशिक्षण लेना अनिवार्य होगा. इससे आम नागरिक भी आपात स्थिति में जान बचा सकेंगे.
  2. प्रदेश के बेड़े में 250 आधुनिक एम्बुलेंस चरणबद्ध तरीके से शामिल की जाएंगी.
  3. हाईवे पर बने ‘रेस्ट एरिया’ में एम्बुलेंस तैनात की जाएंगी ताकि एक्सीडेंट होने पर रिस्पांस टाइम कम से कम हो.
  4. राज्य की नई ट्रॉमा और इमरजेंसी पॉलिसी लाई जाएगी। इसके तहत ट्रॉमा सेवाओं को सुधारने के लिए ₹150 करोड़ का निवेश होगा.
  5. संभाग स्तर पर सभी डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को ‘कार्डियक लाइव सपोर्ट सर्टिफिकेशन’ की ट्रेनिंग दी जाएगी.

राज सुरक्षा’ योजना का ऐलान, अब CHC पर भी होगा हार्ट अटैक का इलाज

वित्त मंत्री दीया कुमारी ने ‘स्वस्थ राजस्थान-समृद्ध राजस्थान 2047’ के विजन के साथ चिकित्सा क्षेत्र के लिए क्रांतिकारी घोषणाएं की हैं:-

  1. सड़क दुर्घटनाओं और इमरजेंसी में जान बचाने के लिए RAJ-SURAKSHA (Rajasthan System for Urgent Response, Accident Stabilization and Hospital Access) योजना शुरू होगी.
  2. एक्सीडेंट के समय नजदीकी अस्पताल और एम्बुलेंस की सटीक जानकारी देने के लिए एक 24 घंटे सक्रिय रहने वाला कमांड सेंटर बनेगा.
  3. अब गांवों में भी जीवन बचेगा! सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) पर ही हार्ट अटैक की पहचान और प्राथमिक उपचार के लिए ‘टैली एक्स थ्रांबोसिस’ (Tele-Thrombolysis) की सुविधा मिलेगी.
  4. सरकार का लक्ष्य राजस्थान में औसत आयु (Life Expectancy) को 77 वर्ष से अधिक करना और मातृ-शिशु मृत्यु दर (MMR/IMR) में भारी कमी लाना है.
  5. साल 2047 तक प्रदेश के हर नागरिक को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाओं के दायरे में लाने का संकल्प.

कारगिल शहीदों के बच्चों की स्कॉलरशिप बढ़ी, राजस्थान में खुलेंगे ‘इन्नोवेटिव स्कूल’

वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बजट में सैनिक परिवारों, अल्पसंख्यक छात्रों और खेल प्रतिभाओं के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं:-

  1. 1 अप्रैल 1999 (पोस्ट कारगिल) के बाद शहीद हुए या स्थाई निःशक्त हुए सैनिकों के बच्चों (कक्षा 1 से 12वीं) की वार्षिक छात्रवृत्ति बढ़ाकर ₹2,500 करने का प्रस्ताव.
  2. जोधपुर, टोंक, शेरगढ़, फलोदी, खैरथल, ब्यावर, झुंझुनू और श्रीगंगानगर में एकीकृत सैनिक परिसर बनेंगे। प्रथम चरण में जोधपुर, टोंक, शेरगढ़ और झुंझुनू में ₹36 करोड़ की लागत से निर्माण होगा.
  3. प्रदेश के 400 स्कूलों को ‘राइज’ (Rajasthan Innovative School of Excellence) के रूप में विकसित किया जाएगा. ₹1,000 करोड़ की लागत से यहां स्मार्ट क्लास, करियर काउंसलर और आधुनिक लैब जैसी सुविधाएं मिलेंगी.
  4. खेलो राजस्थान यूथ गेम्स का आयोजन ब्लॉक से पंचायत स्तर तक होगा (₹50 करोड़ का बजट).
  5. राज्य स्तरीय स्कूली खेल प्रतियोगिताओं के लिए प्रति खेल मिलने वाली राशि ₹50,000 से बढ़ाकर ₹1 लाख की गई.
  6. अल्पसंख्यक समुदाय के छात्रों द्वारा तकनीकी शिक्षा लोन समय पर चुकाने पर ब्याज दर में 2% की अतिरिक्त छूट दी जाएगी.

भजनलाल सरकार के तीसरे पूर्णकालिक बजट की बड़ी बातें

  • जलदाय विभाग में 3 हजार संविदा तकनीकी कर्मचारियों की भर्ती की घोषणा.
  • राजस्थान की नई जल नीति लाई जाएगी.
  • सीएम जल जीवन मिशन के तहत 6500 गांवों को हर घर नल से जोड़ा जाएगा, इस पर 4500 करोड़ रुपये खर्च होंगे.
  • शहरों में पेयजल सुविधाओं के लिए 2300 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.
  • अगले साल 3 लाख नए पेयजल कनेक्शन दिए जाएंगे.
  • देशनोक में 24 घंटे पानी उपलब्ध कराने के लिए 750 करोड़ रुपये खर्च होंगे.
  • 1092 गांवों तक बिसलपुर योजना का पानी पहुंचाने के लिए 650 करोड़ रुपये खर्च होंगे.
  • गर्मी में पर्याप्त पेयजल के लिए 600 ट्यूबवेल लगाए जाएंगे.
  • समर कंटिजेंसी के लिए हर कलेक्टर को 1 करोड़ रुपये दिए जाएंगे.
  • जयपुर में 10 करोड़ की लागत से पानी पर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस खोला जाएगा.
  • मोबाइल वाटर टेस्टिंग लैब शुरू की जाएगी.
  • इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में 1800 करोड़ रुपये की लागत से नई सड़कें और ब्रिज बनाए जाएंगे.
  • अगले साल 15 नए रेलवे ओवर ब्रिज और अंडर ब्रिज बनाए जाएंगे.
  • नॉन पैचेबल सड़कों के लिए 1400 करोड़ रुपये और मिसिंग लिंक सड़कों के लिए 600 करोड़ रुपये खर्च होंगे.
  • 250 अटल प्रगति पथ के 500 करोड़ रुपये के काम अगले साल शुरू होंगे.
  • बारिश से टूटी सड़कों की मरम्मत के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान.
  • एक्सीडेंट रोकने के लिए 100 करोड़ रुपये की लागत से प्रदेश भर में 2 हजार कैमरे लगाए जाएंगे.
  • सभी संभागीय सड़कों पर फ्लाईओवर, अंडरपास और पार्किंग संबंधी कार्य, जयपुर सहित 2300 करोड़ रुपये से अधिक खर्च.
  • ऊर्जा क्षेत्र में दो नए सोलर पार्क, बीकानेर और जैसलमेर में 2950 करोड़ रुपये खर्च.
  • 220 केवी के 6, 132 केवी के 13 और 33 केवी के 110 नए जीएसएस बनाए जाएंगे.
  • बिजली सिस्टम की रीयल टाइम मॉनिटरिंग के लिए अजमेर डिस्कॉम सेंटर को एआई से जोड़ा जाएगा.
  • 3427 करोड़ रुपये का पूंजीगत खर्च इंफ्रास्ट्रक्चर पर, अब तक का सर्वाधिक.
  • 16,430 किलोमीटर नई सड़कों को जोड़कर कुल 42 हजार किलोमीटर सड़कों का विकास.
  • राज्य की अर्थव्यवस्था में 41.39 प्रतिशत वृद्धि, 2026–27 में 21 लाख करोड़ रुपये से अधिक होने का

स्पेस गैलरी से सैनिक परिसर तक

  1. अंतरिक्ष विज्ञान में रुचि बढ़ाने के लिए जोधपुर के ‘स्टेट रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर’ में स्पेस गैलरी बनाई जाएगी. साथ ही, जयपुर साइंस पार्क में भी स्पेस और चिल्ड्रन गैलरी का निर्माण होगा.
  2. वीर जवानों और उनके परिवारों के लिए जोधपुर, टोंक, शेरगढ़, फलोदी, खैरथल, ब्यावर, झुंझुनू और श्रीगंगानगर में ‘इंटीग्रेटेड सैनिक परिसर’ स्थापित होंगे, जहाँ सभी सुविधाएँ एक ही छत के नीचे मिलेंगी.
  3. पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं और उनके आश्रितों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मेजर शैतान सिंह कौशल विकास एवं प्रशिक्षण केंद्र की सौगात दी गई है.
  4. संस्कृत शिक्षा प्रशिक्षण और शिक्षा शास्त्री कोर्स में 500 सीटों की बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया गया है.
  5. विद्यार्थियों में विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) विषयों के प्रति रुचि जगाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे.

शिक्षा में ‘राज पहल’ का आगाज: ‘स्कूल ऑन व्हील्स’ से AI लैब तक, संस्कृत शिक्षा भी होगी हाई-टेक

वित्त मंत्री दीया कुमारी ने शिक्षा के क्षेत्र में आधुनिकता और परंपरा के संगम वाली कई बड़ी घोषणाएं की हैं:-

 

  1. शिक्षा को सुलभ बनाने के लिए ‘पोर्टेबल एक्सेस फॉर हॉलिस्टिक और एसिस्टेड लर्निंग’ कार्यक्रम शुरू होगा.
  2. प्रदेश के प्रत्येक जिले में एक स्कूल ऑन व्हील्स (चलता-फिरता स्कूल) स्थापित किया जाएगा, जो दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुंचेगा.
  3. पलायन करने वाले परिवारों के बच्चों के लिए अस्थाई शिक्षण शिविर और संभागीय मुख्यालयों पर 6 महीने के स्कूल रेजोनेंस कैंप आयोजित होंगे.
  4. सरकारी स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित पर्सनलाइज्ड लैब खुलेंगी। कक्षा 6 से 8वीं तक के बच्चों के लिए गणित और भाषा के लर्निंग गैप को स्मार्ट सिस्टम से सुधारा जाएगा.
  5. राजस्थान संस्कृत अकादमी को अब संस्कृत शिक्षा विभाग के अधीन लाया जाएगा। खास बात यह है कि अब वेद विद्यालयों में ज्योतिष की शिक्षा भी अनिवार्य रूप से दी जाएगी.

आंगनबाड़ी और बच्चों के लिए बड़ी सौगात

प्रदेश के 22,746 आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के समग्र विकास के लिए ‘जादुई पिटारा’ (खेल सामग्री और किट) उपलब्ध कराया जाएगा. इस योजना पर राज्य सरकार ₹323 करोड़ खर्च करेगी. बच्चों को खेल-खेल में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ना और आंगनबाड़ी केंद्रों को आधुनिक बनाना.

सदन में भारी हंगामा: दिया कुमारी ने गहलोत के ‘जादू’ पर ली चुटकी

बजट भाषण के दौरान उस समय माहौल गरमा गया जब स्कूल शिक्षा विभाग की घोषणाएं शुरू हुईं. स्कूल भवनों की मरम्मत और नई घोषणाओं पर कांग्रेस विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया. शोर-शराबा बढ़ता देख विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने विपक्ष को फटकार लगाई. उन्होंने दो टूक कहा- ‘जब आपका मौका आए तब बोलिएगा, अभी बैठ जाइए.’

इस दौरान पूर्व सीएम अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए दिया कुमारी ने कहा- ‘हमारे पास वह जादू तो नहीं है जो बिना बजट कुछ भी कह दें. आपके नेता कहते थे कि आप मांगते-मांगते थक जाओगे, मैं देते-देते नहीं थकूंगा.’

वित्त मंत्री ने कटाक्ष करते हुए कहा कि हमारा ‘जादुई पिटारा’ बच्चों के भविष्य के लिए है, न कि राजनीति के लिए.

10वीं-12वीं के मेधावी स्टूडेंट्स को ₹20,000 का ई-वाउचर और युवाओं के लिए 10 लाख का बिजनेस लोन

वित्त मंत्री दीया कुमारी ने राजस्थान के युवाओं और छात्रों के लिए घोषणाओं की झड़ी लगा दी है:-

  1. युवाओं को खुद का काम शुरू करने के लिए 10 लाख रुपये तक का लोन मिलेगा. इस योजना के लिए ₹1,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे 30,000 युवाओं को सीधा लाभ मिलेगा.
  2. कक्षा 10वीं और 12वीं के मेधावी छात्रों को टैबलेट/लैपटॉप के लिए ₹20,000 का ई-वाउचर दिया जाएगा, ताकि वे अपनी पसंद का डिवाइस खरीद सकें.
  3. अगले सत्र (2026-27) से 500 नए स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा (Vocational Education) शुरू होगी.
  4. प्रत्येक जिले में एक स्कूल को उच्च माध्यमिक विद्यालय में क्रमोन्नत किया जाएगा.
  5. टॉयलेट सुविधा से वंचित सभी स्कूलों में नए टॉयलेट बनाए जाएंगे.
  6. प्रदेश में 14 नए मानव संसाधन संस्थान खुलेंगे.
  7. हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के लिए युवाओं को अंग्रेजी, जापानी, फ्रेंच, जर्मन और कोरियन भाषाओं की ट्रेनिंग दी जाएगी.
  8. आउटकम स्किल बेस्ड बोर्ड का गठन होगा, जो युवाओं को ‘एम्प्लॉयबल’ (रोजगार योग्य) बनाएगा.
  9. अजमेर, भरतपुर और कोटा में Data Lab और AI Lab जैसे नेक्स्ट जेनरेशन टेक्नो हब स्थापित होंगे. इस पर ₹20 करोड़ खर्च होंगे.
  10. 150 और कॉलेजों में रानी लक्ष्मीबाई केंद्र स्थापित होंगे, जिससे कुल 50,000 छात्राओं को आत्मरक्षा की ट्रेनिंग मिलेगी.
  11. युवाओं की मेंटरिंग के लिए ‘डिजिटल रेजिडेंस एंड एंपावरमेंट मेंटरिंग’ (DREAM) प्रोग्राम चलाया जाएगा.

राजस्थान बजट 2026 में दिया कुमारी ने किया बड़ा ऐलान

  1. NTA की तर्ज पर प्रदेश में राजस्थान स्टेट टेस्टिंग एजेंसी की स्थापना की जाने की घोषणा.
  2. ऑनलाइन टेस्टिंग सुविधायुक्त टेस्ट सेंटर का निर्माण किया जाएगा.

 युवाओं के लिए राजस्थान के बजट में बड़ा ऐलान

1 लाख युवाओं को 10 लाख तक के कर्ज पर शत प्रतिशत ब्याज अनुदान दिया जाएगा.

प्रवासियों के लिए नया विभाग और उद्यमियों को ‘मार्जिन मनी’ की सौगात

  1. देश-विदेश में बसे राजस्थानियों को जोड़ने के लिए ‘डोमेस्टिक एंड ओवरसीज राजस्थानी अफेयर्स विभाग’ का गठन.
  2. प्रवासियों से संवाद के लिए वर्तमान में राजस्थान फाउंडेशन के 26 चैप्टर्स सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं.
  3. नई इकाइयों की स्थापना और विस्तार के लिए ऋण लेने वाले सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों (MSME) को ₹15 करोड़ की मार्जिन मनी उपलब्ध कराई जाएगी.
  4. कुचामन के पर्वतसर में औद्योगिक विकास के लिए भूमि आवंटित.
  5. निजी क्षेत्र के सहयोग से मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब और इनलाइन कंटेनर डिपो की स्थापना होगी.
  6. उद्यमियों को पूंजी की कमी न हो, इसके लिए मार्जिन मनी का विशेष प्रावधान गेम-चेंजर साबित होगा.

वित्त मंत्री दिया कुमारी ने बताए 10 संकल्प

राजस्थान बजट 2026 पेश करते हुए वित्त मंत्री दिया कुमारी ने कहा, ‘विकसित राजस्थान के कार्य योजना के लिए हमारी सरकार ने 10 संकल्प लिए थे. इन संकल्पना को विकास स्तंभों के रूप में स्थापित किया गया है.

राजस्थान बजट 2026 का ऐतिहासिक आकार, पिछले साल से 41% बड़ा बजट!

वित्त मंत्री दिया कुमारी ने सदन में बजट का कुल आकार पेश कर सबको चौंका दिया है. इस बार राजस्थान बजट की कुल राशि 21 लाख 52 हजार 100 करोड़ रुपये है. यह आंकड़ा पिछले वर्ष के बजट के मुकाबले 41.39 फीसदी की भारी-भरकम बढ़ोतरी है.

सड़क सुरक्षा के साथ औद्योगिक क्रांति, ERCP और उद्योगों के लिए भी खुला बजट का पिटारा

 

  1. 2027 तक सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को 90% कम करने का टारगेट.
  2. ₹100 करोड़ की लागत से प्रदेश में 2000 नए CCTV कैमरे लगेंगे.
  3. हाईवे और शहरों में दुर्घटना प्रबंधन के लिए ₹2,090 करोड़ का भारी बजट.
  4. दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (Black Spots) को चिन्हित कर उन्हें तुरंत दुरुस्त किया जाएगा.
  5. स्टेट हाईवे पर 20,000 किलोमीटर सड़क के काम प्रस्तावित.
  6. ₹100 करोड़ से ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक ऑटोमेटेड होंगे; लाइसेंस प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी.
  7. ट्रैफिक मैनेजमेंट और मॉनिटरिंग के लिए नया डिजिटल सिस्टम लागू होगा.
  8. ERCP के तहत नवनेरा और अन्य बांध के लिए 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा आवंटित किए गए हैं.
  9. मुख्यमंत्री जल स्वास्थ्य योजना का दायरा बढ़ाते हुए 6245 गांव को इस योजना में शामिल किया जाएगा.
  10. मुख्यमंत्री लघु उद्यमों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से 22 शहरों में औद्योगिक प्रोत्साहन कार्यक्रम लागू किए जाएंगे.
  11. इन शहरों में बुनियादी सुविधाओं और अवसंरचना विकास पर 2 हजार 850 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का प्रस्ताव.
  12. 83 शहरों में औद्योगिक स्थलों के उन्नयन और विस्तार के कार्य करवाए जाएंगे.
  13. अमृत शहर योजना के तहत आगामी वर्ष के लिए नए कनेक्शन जारी किए जाएंगे.
  14. बीकानेर, जोधपुर, झालावाड़, शहरों में औद्योगिक अंतराल को कम करने के लिए त्वरित कार्य योजना लागू की जाएगी.
  15. औद्योगिक विकास और निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से विशेष पैकेज प्रस्तावित.
  16. बीकानेर में एमपी-457 परियोजना के लिए भूमि उपलब्ध कराने का प्रस्ताव.

बजट में वित्त मंत्री दिया कुमारी ने अब तक की ये बड़ी घोषणाएं

 

  1. औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिए ₹400 करोड़ का प्रावधान.
  2. 11 BOT सड़कों (435 किमी) का कायाकल्प, ₹435 करोड़ होंगे खर्च.
  3. बारिश से टूटी सड़कों-पुलियाओं की मरम्मत के लिए ₹500 करोड़ आवंटित.
  4. 15 नए ROB/RUB बनेंगे (लागत ₹920 करोड़); 26 नए स्थानों की DPR बनेगी.
  5. 1000 किमी सड़कें राजमार्ग और 2000 किमी सड़कें मुख्य जिला मार्ग बनेंगी.
  6. स्टेट हाईवे पर 500 किमी के दायरे में नए पुल और बाईपास प्रस्तावित.
  7. रेलवे क्रॉसिंग पर जाम मुक्ति और सुरक्षित सफर के लिए बड़ा निवेश.

संभाग मुख्यालयों पर ‘प्लग एंड प्ले’ सुविधा और नए औद्योगिक पार्क

  1. छोटे और सूक्ष्म उद्यमियों (MSME) को राहत देने के लिए प्रदेश के सभी संभाग मुख्यालयों पर ‘प्लग एंड प्ले’ सुविधा शुरू होगी. इसके लिए आगामी वर्ष ₹350 करोड़ का बजट प्रस्तावित.
  2. औद्योगिक विकास के लिए जमीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु सरकार ‘लैंड एग्रीगेशन’ के लिए आवश्यक कानूनी (विधिक) प्रावधान लाएगी.
  3. दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के तहत जोधपुर-पाली-मारवाड़ क्षेत्र को औद्योगिक हब के रूप में विकसित किया जाएगा.
  4. प्रथम चरण में सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए अगले 2 वर्षों में ₹600 करोड़ खर्च किए जाएंगे.
  5. प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर नए औद्योगिक पार्क स्थापित किए जाएंगे, जिनका विवरण सदन के पटल पर रखा गया है.
  6. छोटे उद्योगों के लिए स्थापना प्रक्रिया को आसान बनाने और उन्हें आधारभूत ढांचा उपलब्ध कराने पर सरकार का विशेष फोकस.

उद्योगों के लिए ‘डायरेक्ट अलॉटमेंट’ पॉलिसी अब दिसंबर 2026 तक

  1. उद्योगों के लिए जमीन आवंटन की ‘डायरेक्ट अलॉटमेंट पॉलिसी’ की सफलता को देखते हुए इसे दिसंबर 2026 तक बढ़ाने की घोषणा. पिछले 1 साल में हर दिन औसतन 8 उद्योगों को जमीन दी गई.
  2. नगर निकायों में रोड लाइट का लक्ष्य बढ़ाते हुए ₹500 करोड़ की लागत से 7 लाख रोड लाइट लगाने का प्रावधान.
  3. जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए सभी नगर निकायों का अपना ‘मास्टर ड्रेनेज प्लान’ होगा.
  4. बाढ़ सुरक्षा कार्यों के लिए ₹75 करोड़ और आपदा प्रबंधन संसाधनों की खरीद के लिए ₹7 करोड़ का प्रावधान.
  5. सेवाओं के विकास और उनकी क्वालिटी बढ़ाने के लिए ₹93 करोड़ की अनुदान राशि.
  6. बजट में कृषि विकास के लिए विशेष प्रावधान किए जाने की घोषणा.

टोंक की जनता के लिए बड़ा ऐलान

टोंक जिले के निवाई टोडारायसिंह डूंगरी सहित लगभग 20 लाख आबादी को बीसलपुर किस पेयजल का आपूर्ति स्तर बेहतर करने के लिए सूरजपुर से 650 करोड़ रुपये की लागत से करवाए जाएंगे.1200 हैंड पंप लगाए जाने प्रस्तावित है.

जयपुर के लिए 1000 करोड़ रुपये के फंड का ऐलान

राजस्थान बजट में वित्त मंत्री दिया कुमार ने बजट 2026 पेश करते हुए जयपुर के लिए 1000 करोड़ रुपये के फंड का ऐलान किया है.

शहरों का कायाकल्प, ₹3000 करोड़ से संवरेगा राजस्थान

 

  1. ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाया जाएगा.
  2. सभी संभागीय मुख्यालयों पर ‘कंप्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान’ लागू होगा. चिन्हित सड़कों और चौराहों पर IPMS और ट्रैफिक सॉल्यूशंस के जरिए ट्रैफिक को सिग्नल फ्री किया जाएगा.
  3. प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण, पुनरुद्धार और उन्नयन (Beautification & Upgradation) के लिए ₹3,000 करोड़ के कार्यों की घोषणा.
  4. मास्टर प्लान के आधार पर शहरों का विकास और आमजन को किफायती आवास व नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने का संकल्प.
  5. शहरी यातायात को सुगम बनाने के लिए आधुनिक तकनीक और बेहतर सड़क कनेक्टिविटी पर विशेष जोर

28 लाख परिवारों को घर, जयपुर समेत अन्य शहरों के लिए बड़ा बजट

 

  1. आवास योजना के तहत 28 लाख परिवारों के लिए आवास निर्माण का कार्य स्वीकृत; लाभार्थियों को किस्तों का भुगतान समय पर किया जाएगा.
  2. राज्य के नगर निकायों में 4 लाख नई स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी, जिस पर ₹500 करोड़ से अधिक खर्च होंगे.
  3. राजधानी जयपुर में जलभराव और बाढ़ से मुक्ति के लिए नालों के सुदृढ़ीकरण पर ₹500 करोड़ का प्रावधान.
  4. जयपुर के अलावा अन्य शहरों में बेहतर जल निकासी (Drainage System) विकसित करने के लिए ₹200 करोड़ आवंटित.
  5. जलभराव जैसी समस्याओं के स्थायी समाधान और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर सरकार का विशेष फोकस.

2000 पदों पर अतिरिक्त संविदा भर्ती का ऐलान

राजस्थान बजट 2026 पेश करते हुए वित्त मंत्री दिया कुमार ने कहा, ‘आमजन को पेयजल उपलब्ध कराने तथा पेयजल योजनाओं के समुचित ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस के लिए हमारे द्वारा पिछले बजट में घोषित 1050 तकनीकी अधिकारियों कर्मचारियों के संविदा काडर में वृद्धि करते हुए 3000 पदों पर भर्ती की जाएगी.’

जलवायु नीति और ऊर्जा क्षेत्र के लिए ₹2 लाख करोड़ के निवेश का रोडमैप

  1. जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए प्रदेश में पहली बार समग्र जलवायु नीति लाने की तैयारी.
  2. जल स्रोतों के पुनर्भरण के लिए मोबाइल मॉनिटरिंग और आधुनिक तकनीक आधारित सिस्टम लागू होगा.
  3. ऊर्जा क्षेत्र में ₹2 लाख करोड़ का निवेश आकर्षित करने का बड़ा लक्ष्य.
  4. सौर संयंत्रों के जरिए 1400 मेगावाट बिजली उत्पादन की व्यवस्था; 550 मेगावाट के प्लांट पहले ही स्थापित.
  5. 1 लाख 30 हजार से अधिक घरों पर रूफटॉप सोलर से 518 मेगावाट क्षमता विकसित.
  6. प्रदेश में 400 KV के 2, 220 KV के 5 और 132 KV के 45 नए GSS के साथ 379 सब-स्टेशन स्थापित किए गए.
  7. अक्षय ऊर्जा में आत्मनिर्भरता के साथ हर घर तक विश्वसनीय बिजली पहुँचाने पर फोकस.
  8. दूरदराज के क्षेत्रों में जल उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रादेशिक जल अनुकूलन रणनीति होगी तैयार.

 ‘सामाजिक सुरक्षा और किसानों के हित हमारी प्राथमिकता’

राजस्थान विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026–27 का बजट पेश करते हुए उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दिया कुमारी ने सामाजिक सुरक्षा और किसानों के हितों को सरकार की प्राथमिकता बताया.

दिया कुमारी ने कहा कि अल्प समय में ही राज्य सरकार ने सामाजिक सुरक्षा के तहत 91 लाख से अधिक लाभार्थियों को लगभग 28 हजार 400 करोड़ रुपये की पेंशन वितरित की है. उन्होंने इसे सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण बताते हुए कहा कि कमजोर वर्गों तक सीधी आर्थिक सहायता पहुंचाना सरकार का प्रमुख लक्ष्य रहा है.

वित्त मंत्री ने किसानों के लिए चलाई जा रही योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि किसान सम्मान निधि के तहत प्रदेश के किसानों को 10 हजार 900 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है. उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों की आय को सुदृढ़ करना और कृषि क्षेत्र को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है.

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