अबतक इंडिया न्यूज 11 नवंबर । धर्मेंद्र ने 2004 में बीकानेर लोकसभा सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था और कांग्रेस प्रत्याशी रामेश्वर डूडी को 57,175 वोटों से हराया था।उन्होंने अपने चुनाव प्रचार का आगाज देशनोक से किया था । मां करणी के दर्शन व पूजा -अर्चना कर चुनावी प्रचार का शंखनाद किया था । तत्कालीन देशनोक पालिका अध्यक्ष ओमप्रकाश जीनगर व वरिष्ठ भाजपा नेता शिवकिशन परिहार उर्फ टिमल जी की अगुवाई मे देशनोक में जनसभा को संबोधित किया था । मतदान के दिन भी धर्मेन्द्र अपने बेटे के साथ देशनोक आए थे ।

वरिष्ठ भाजपा नेता शिवकिशन परिहार ने अबतक इंडिया न्यूज के साथ अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि धर्मेंद्र अद्वितीय अभिनेता होने के साथ साथ एक अच्छे इंसान भी थे। बॉलीवुड स्टार होने के बावजूद भी वो लोगो से सादगी के साथ मिलते थे।उनके साथ चुनावी प्रचार के दौरान बिताए गए पल मेरे लिए अविस्मरणीय है।
धर्मेंद्र की नाजुक हालत की खबर फैलते ही सोमवार को बीकानेर में उनके प्रशंसकों और समर्थकों में बेचैनी बढ़ गई। एक दिन पहले से शहर के कई इलाकों में लोग उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे थे। सोशल मीडिया पर भी ‘धर्मेंद्र जल्दी ठीक हो जाओ’ ट्रेंड करने लगा था। बीकानेर के लोगों ने सोशल मीडिया और स्थानीय मंदिरों में उनके लिए दुआएं मांगी। कई राजनीतिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं ने भी कहा कि धर्मेंद्र ने भले ही राजनीति छोड़ दी हो, लेकिन बीकानेर के लोगों के दिलों में वे आज भी बसे हुए हैं ।
बीकानेर की राजनीति में छोड़ चुके हैं गहरी छाप
धर्मेंद्र ने 2004 में बीकानेर लोकसभा सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था और कांग्रेस प्रत्याशी रामेश्वर डूडी को 57,175 वोटों से हराया था। सांसद रहते हुए वे अधिकतर समय मुंबई में व्यस्त रहते थे, जिससे उनकी आलोचना भी हुई। शहर में उनकी गुमशुदगी के पोस्टर भी लगे थे। इसके बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति से दूरी बना ली।









