अबतक इंडिया न्यूज 7 नवंबर । भगवान राम की नगरी अयोध्या में आज 7 नवंबर 2026 को भव्य दीपोत्सव मनाया जाएगा. सरयू के 56 घाटों पर 30 लाख से अधिक दीये जलाने की तैयारी है. वहीं 2100 ड्रोन आसमान में रामायण के प्रसंग दिखाएंगे. इस बार पहली बार श्रद्धालु मोबाइल पर 3D रामायण का अनुभव भी कर सकेंगे.

अयोध्या में दीपोत्सव का यह दसवां आयोजन है. वर्ष 2017 में लगभग 1.71 लाख दीयों से शुरू हुआ यह उत्सव अब 30 लाख दीयों तक पहुंच गया है. पिछले साल 26.17 लाख दीये जलाकर विश्व रिकॉर्ड बनाया गया था. इस बार नया रिकॉर्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है.
अयोध्या में आज कितने बजे जलेंगे 30 लाख दीये?

राम की पैड़ी और सरयू के 56 घाटों पर लगभग 35 हजार छात्र और स्वयंसेवक दीये जलाने की तैयारियों में जुटे हैं. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शाम 6 बजे से 7:35 बजे के बीच दीप प्रज्ज्वलन और संबंधित आयोजन होंगे. कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, मुख्यमंत्री योगी और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के शामिल होने का कार्यक्रम है.
2100 ड्रोन से आसमान में दिखेगी रामायण:
इस बार दीपोत्सव का बड़ा आकर्षण 2100 स्वदेशी ड्रोन का शो होगा. करीब 15 मिनट तक आसमान में भगवान राम की जीवनगाथा से जुड़े दृश्य दिखाई देंगे. पिछले साल 1100 ड्रोन इस्तेमाल हुए थे, जबकि इस बार संख्या लगभग दोगुनी कर दी गई है.

पहली बार मोबाइल पर दिखेगी 3D रामायण:
दीपोत्सव में पहली बार ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा. श्रद्धालु मोबाइल फोन के जरिए रामायण के पांच प्रमुख प्रसंगों को 3D रूप में देख सकेंगे. इसके लिए राम की पैड़ी पर विशेष स्थान निर्धारित किए गए हैं. इसके अलावा आठ मिनट का लेजर शो, प्रोजेक्शन मैपिंग और संगीतमय आतिशबाजी भी आकर्षण होंगे.

2147 लोग करेंगे सरयू महाआरती:
सरयू तट पर 2147 प्रतिभागियों के साथ भव्य महाआरती का आयोजन प्रस्तावित है. रामायण के सात कांडों पर आधारित 22 झांकियां निकाली जाएंगी. पांच देशों के कलाकार रामलीला प्रस्तुत करेंगे, जबकि करीब 2500 कलाकार सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे.

धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान राम के 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या लौटने की खुशी में नगरवासियों ने दीप जलाए थे. इसी परंपरा को दीपोत्सव के रूप में मनाया जाता है. इस बार आयोजन 9 नवंबर तक चलेगा. स्थानीय निवासियों के लिए 9 नवंबर को अलग ड्रोन शो भी प्रस्तावित है.







