अबतक इंडिया न्यूज 7 अक्टूबर जयपुर । राजस्थान जल बोर्ड को हाईकोर्ट से बडा झटका लगा है.वाटर सप्लाई संशोधित नियमों का सकुर्लर कोर्ट ने रद्द कर दिया. PHED ने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर बदलाव किए. बिना नोटिफिकेशन के सर्कुलर जारी किया. अब कोर्ट फैसले के बाद पीएचईडी को फिर से पेयजल कनेक्शन नीति बनानी होगी.
बिना गजट नोटिफिकेशन सर्कलर निकाला
प्रदेश में डेढ साल पहले लागू हुई पेजयल कनेक्शन नीति को हाईकोर्ट से बडा झटका लगा है. राजस्थान वाटर सप्लाई संशोधित नियमों के सकुर्लर को हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया. हाईकोर्ट ने ये भी कहा कि जलदाय विभाग ने अधिकार क्षेत्र के बाहर जाकर सकुर्लर जारी कर नियमों में बदलाव किया. इसके साथ ही बिना गजट नोटिफिकेशन के परिपत्र जारी किया. यदि नियमों में बदलाव करना होता है तो पहले गजट नोटिफिकेशन जारी किया जाता है. उसी के बाद वो नियम लागू होता है, लेकिन जलदाय विभाग ने 1967 के नियमों को संशोधित कर दिया.
क्या है विवादित संशोधित नियम
पीएचईडी ने पिछले साल फरवरी में वाटर सप्लाई नियमों में संशोधन किया था, जिसके तहत प्लम्बर्स की बजाय संवेदको को कनेक्शन करने का अधिकार दिए गए. इस सकुर्लर जारी होने के बाद रजिस्टर्ड प्लम्बर्स बेरोजगार हो गए. उन्हें सी फॉर्म के जरिए पानी के कनेक्शन करने का अधिकार समाप्त हो गया. इसके बाद पीएचईडी कॉन्ट्रेक्टर्स कल्याण समिति ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की. जिसके बाद अब कोर्ट ने सुकर्लर को रद्द कर दिया. सकुर्लर में 1967 के तहत नियम 8, 9, 12, 15, 16 में संशोधन किया गया था. अब प्लम्बर्स फिर से प्लंबिंग, मीटर, रोड कट, रेस्टोरेशन का काम कर पाएंगे. संशोधित सकुर्लर के तहत जलदाय विभाग पेयजल कनेक्शन के लिए फिक्स 8100 रु ले रहा था. अब पीएचईडी को फिर से पेयजल कनेक्शन नीति बनानी होगी.
पीएचईडी को फैसला बदलना होगा
कॉन्ट्रेक्टर्स कल्याण समिति का कहना है कि पुराने सकुर्लर से पीएचईडी के ठेकेदारो को सीधा फायदा हो रहा था, जबकि राजस्थान के हजारों प्लम्बर्स इससे बेरोजगार हो गए थे. लेकिन हाईकोर्ट से राहत के बाद पीएचईडी को फैसला बदलना होगा. फिर से प्लम्बर्स पहले ही तरह काम कर पाएंगे.









