अबतक इंडिया न्यूज 21 अगस्त । देशनोक में अब नगरपालिका चुनाव अपने परवान पर हैं। वार्ड आरक्षण लॉटरी से धरासायी हुए दिग्गज अब अन्य सुरक्षित वार्ड की जुगत में जुट गए हैं।हालांकि संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने साफ किया कि वार्ड का भाजपा सदस्य वार्ड में ही चुनाव लड़ेगा. वार्ड के बाहर नहीं जाकर लड़ने का सामान्यत इस नीति का भाजपा अनुशरण करेगी। देशनोक में सत्ता के मुहाने पर खड़ी भाजपा के सामने विपक्ष के इतर अंदरखाने बड़ी चुनौतियां हैं।
पिछले पालिका चुनाव में भाजपा से बगावत कर चुनाव में ताल ठोक कर भाजपा को शिकस्त देने वाले बागियों को लेकर पार्टी क्या रणनीति अपनायेगी…जन भावना की कद्र करेगी या फिर जीत का हर मुमकिन हथकंडा अपनायेगी…चौपालों पर जन चर्चाएं जोरो पर हैं। खासकर उन बागियों को लेकर जो भाजपा से बागी होकर चुनाव लड़े व जीतकर कांग्रेस की गोद में जा बैठे।
वहीं दूसरी ओर भाजपा की टिकट पर जीतकर जिन पार्षदों ने कांग्रेस के शुभचिंतक बनकर 5 साल सत्ता सुख का लुफ्त उठाया व जन समस्याओं एवं जनहित की जिम्मेदारी से परे “निजहित ” में मशगूल रहे । पार्टी का रवैया क्या रहेगा यह तो पार्टी जाने, पर जनता उनको सबक सिखाने के लिए अति व्याकुल हैं।कब मैदान उतरे कब सबक सिखाए ।
भ्रष्टाचार व कथाकथित सरकारी संपत्ति चोरी के आरोपी भी भाजपा से अपनी दावेदारी की ताल ठोक रहे हैं।अब टिकट को लेकर अपने-अपने राजनीतिक आकाओं के दरबार हाजरी लगानी शुरू कर दी हैं।येन केन प्रकरण टिकट हासिल करने के लिए अपने राजनीतिक आकाओं को मनाने व प्रसन्न करने के लिए हर मुमकिन चापलूसी की सीमाएं लांघने से भी कोई परहेज नहीं कर रहे।हालांकि स्थानीय भाजपा संगठन का मुखिया स्वयं अपनी ही सरकार की महत्वकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना में भ्रष्टाचार का आरोपी हैं।यह अलग बात है कि इतने बड़े मुद्दे पर स्थानीय कांग्रेस की खामोशी भी खासी चर्चित हैं।जनता कांग्रेस से भी जवाब तलबी तो करेगी ।











