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UGC RollBack :देशनोक से दिल्ली तक 600 किमी की पदयात्रा का शंखनाद: ‘यूजीसी के काले कानून’ के खिलाफ महासंघर्ष की तैयारी

अबतक इंडिया न्यूज 9 जुलाई देशनोक । राजस्थान की पावन धरा देशनोक से आज देश के युवाओं के भविष्य से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के गलियारों तक गूंजने वाले एक बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार हो चुकी है। यूजीसी (UGC) के हालिया ‘काले कानून’ और फैसलों के विरोध में, युवाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए आगामी 11 जुलाई को करणी माता मंदिर, देशनोक से एक विशाल और ऐतिहासिक ‘600 किलोमीटर पैदल यात्रा’ का शंखनाद किया जाएगा।

मां करणी के आशीर्वाद से ‘युवा शक्ति’ का आह्वान

आंदोलन का आधिकारिक पोस्टर  जारी करते हुए आयोजकों ने स्पष्ट किया कि इस संघर्ष की शुरुआत मां करणी के पवित्र धाम से होगी। पोस्टर के अनुसार, इस पैदल यात्रा का उद्देश्य ‘युवाओं के अधिकार और यूजीसी के काले कानून के विरोध में’ आवाज उठाना है। यह यात्रा किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ नहीं, बल्कि युवाओं के साथ हो रहे ‘अन्याय’ के खिलाफ है। पोस्टर पर प्रमुखता से लिखा है, “युवा शक्ति एकजुट होगी, तभी भविष्य सुरक्षित होगा।”

राजपूत-ब्राह्मण की जोड़ी का ‘महा-गठबंधन’

इस आंदोलन को जो बात सबसे खास और शक्तिशाली बनाती है, वह है दो प्रमुख सामाजिक संगठनों राजपूत करणी सेना व राष्ट्रीय हिंदू महासभा का एक मंच पर आना। इस 600 किमी लंबी पदयात्रा का नेतृत्व राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना व राष्ट्रीय हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार कौशिक दो दिग्गज हस्तियां करेंगी।

इस ‘राजपूत-ब्राह्मण’ गठजोड़ को राजनीतिक और सामाजिक हलकों में एक बड़े रणनीतिक घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है, जिससे आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन मिलने की उम्मीद है।

संवैधानिक और धारदार रणनीति: देशनोक से दिल्ली तक

यह पैदल यात्रा देशनोक से शुरू होकर विभिन्न राज्यों और शहरों से गुजरते हुए करीब 600 किलोमीटर का सफर तय कर देश की राजधानी दिल्ली में संपन्न होगी। आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी यात्रा पूरी तरह से संवैधानिक, अनुशासित और शांतिपूर्ण दायरे में आयोजित की जाएगी। लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करते हुए, यह यात्रा युवाओं के अधिकारों के लिए एक ‘धारदार और असरदार’ रणनीति के तहत आगे बढ़ेगी।

राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन की गूंज

पोस्टर के माध्यम से देशवासियों से आह्वान किया गया है, “आओ, इस ऐतिहासिक यात्रा का हिस्सा बनें! एक कदम आपका, युवाओं के भविष्य की ओर!” इस बड़े ऐलान के बाद से ही बीकानेर और आसपास के क्षेत्रों में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं और इसे राष्ट्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण आंदोलन के रूप में देखा जा रहा है।

 

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