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टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग मामले में कोटा रेलवे स्टेशन पर तीनों आरोपियों को पुलिस ने दबोचा ,

अबतक इंडिया न्यूज 19 अक्टूबर । बॉलीवुड के एक्शन हीरो टाइगर श्रॉफ पर हुए जानलेवा हमले के बाद मुंबई पुलिस ने जो फिल्मी और ताबड़तोड़ एक्शन लिया, उसने अच्छे-अच्छे थ्रिलर उपन्यासों को भी पीछे छोड़ दिया है. रविवार शाम को जुहू के एक फुटबॉल क्लब के बाहर टाइगर की कार पर अंधाधुंध गोलियां बरसाने के बाद ये शातिर हमलावर अंधेरी में अपनी बाइक छोड़कर हवा हो गए थे. पुलिस को चकमा देने के लिए ये बदमाश सीधे ट्रेन पकड़कर नेपाल भागने की फिराक में थे और रास्ते भर सिग्नल और टेलीग्राम एप्स पर अपनी लोकेशन बदल रहे थे. इस बीच सूरत रेलवे स्‍टेशन का एक सीसीटीवी पुलिस के हाथ लगा, जिसमें वो भागते हुए ट्रेन पकड़ते नजर आ रहे हैं. लेकिन मुंबई क्राइम ब्रांच और राजस्थान पुलिस का खुफिया नेटवर्क इनसे भी दो कदम आगे निकला. पुलिस ने टेक्निकल सर्विलांस के जरिए इनका पीछा करते हुए पुणे-जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस के जनरल डिब्बे में ऐसा तगड़ा जाल बिछाया. जैसे ही ट्रेन सोमवार सुबह कोटा स्टेशन पर रुकी, पुलिस ने तीनों आरोपियों को धर दबोचा. इस धमाकेदार और फिल्मी रफ्तार वाले एक्शन ने साबित कर दिया कि कानून के लंबे हाथों से बचना नामुमकिन है.

टाइगर की लोकेशन ट्रेस करने में पैपराजी वीडियो का इस्‍तेमाल
घटना रविवार शाम की है जब टाइगर श्रॉफ अपनी कार की खिड़कियों से फैंस को हाथ हिला रहे थे. तभी अचानक एक वीडियो में दिखाई दिया कि कैसे दो हमलावरों ने आगे और साइड से कार पर गोलियों की बौछार कर दी. ताबड़तोड़ 5 से 6 राउंड गोलियां चलाई गईं. वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों हमलावर तुरंत बाहर पहले से तैयार खड़ी एक बाइक पर सवार होकर फरार हो गए. पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पिछले 10 दिनों से टाइगर श्रॉफ की हरकतों की पूरी रेकी की थी. उन्हें पता था कि एक्टर हर रविवार को जुहू के फुटबॉल ग्राउंड जाते हैं. यहां तक कि पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या पैपराजी के वीडियोज से इन हमलावरों ने टाइगर के रूटीन का पता लगाया था.
मुंबई से सूरत और फिर राजस्थान तक का पीछा
वारदात के बाद हमलावर एसवी रोड से होते हुए विले पार्ले और अंधेरी तक भागे. उन्होंने अंधेरी वेस्ट रेलवे स्टेशन के पास अपनी इस्तेमाल की हुई मोटरसाइकिल लावारिस हालत में छोड़ दी और बोरिवली की तरफ ट्रेन पकड़ ली. शुरुआत में शक था कि वे गुजरात की तरफ भागे हैं, लेकिन तकनीकी जांच और पुख्ता सुरागों से पता चला कि आरोपी ट्रेन से राजस्थान की तरफ निकल चुके हैं. जांच को आगे बढ़ाते हुए मुंबई क्राइम ब्रांच ने बिना एक पल गंवाए राजस्थान पुलिस के साथ कोऑर्डिनेशन किया. आरोपियों के मैसेज और लोकेशन ‘सिग्नल’ और ‘टेलीग्राम’ ऐप के जरिए आपस में शेयर हो रहे थे, जिससे पुलिस को उन्हें ट्रैक करने में मदद मिली.
सूरत रेलवे स्टेशन  का सच 
मुंबई के जुहू इलाके में रविवार रात बॉलीवुड एक्टर की कार पर अंधाधुंध गोलियां बरसाने के बाद ये शातिर हमलावर सड़क मार्ग से महाराष्ट्र नंबर की टैक्सी बदलकर सीधा सूरत रेलवे स्टेशन पहुंचे थे. सामने आए सीसीटीवी वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे ये आरोपी रात करीब 1:31 बजे एग्जिट गेट से स्टेशन पर दाखिल हुए और फिर चलती हुई ट्रेन में कूदकर जनरल कोच में सवार हो गए. जब आरोपी सूरत रेलवे स्टेशन पर पहुंचे, तो वे सामान्य तरीके से आराम से ट्रेन में नहीं चढ़े. वे प्लेटफॉर्म पर तेजी से दौड़ते हुए आए और ट्रेन पहले ही चल चुकी थी. ऐसे में वे चलती हुई ट्रेन के जनरल कोच में दौड़कर अंदर कूद पड़े, ताकि किसी भी तरह पुलिस की गिरफ्त में आने से बच सकें.
पुणे-जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस में मारी रेड
पुलिस और एंटी-गंगस्टर टास्क फोर्स की खुफिया टीमों ने मिलकर ऐसा जाल बिछाया कि हमलावरों का बचना नामुमकिन हो गया. आरोपी पुणे-जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस के जनरल डिब्बे में बैठकर दिल्ली होते हुए नेपाल भागने की फिराक में थे. जैसे ही ट्रेन सोमवार सुबह करीब 10:17 बजे राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन पर रुकी, कोटा पुलिस ने पूरी मुस्तैदी के साथ तीनों आरोपियों को धर दबोचा.पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए संदिग्धों की पहचान हरियाणा के सोनीपत निवासी रेहान उर्फ सुक्का, बिहार के बेगूसराय का मूल निवासी और मुंबई में रहने वाले ऋतिक कुर्मी उर्फ रोशन  है ।
पुलिस अधीक्षक के अनुसार, ऋतिक रैपिडो ड्राइवर है, जबकि बाकी दो मजदूरी करते हैं. शुरुआती जानकारी में यह भी सामने आया है कि तीन में से दो आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट और बाइक चोरी से जुड़े मामले दर्ज हैं. हालांकि, उनके आपराधिक रिकॉर्ड और फायरिंग में उनकी अलग-अलग भूमिका की विस्तृत जानकारी पूछताछ के बाद सामने आएगी.तेजस्वनी गौतम ने बताया कि तीनों को आगे की जांच के लिए मुंबई पुलिस को सौंपा जाएगा, क्योंकि फायरिंग के मामले की मुख्य जांच मुंबई पुलिस कर रही है. इस मामले में गैंगस्टर अनिल पंडित का नाम भी सामने आया है. कोटा पुलिस के मुताबिक, शुरुआती पूछताछ में पता चला कि अनिल पंडित रेहान के संपर्क में था. पुलिस का दावा है कि रेहान को टाइगर श्रॉफ पर हमला करने के लिए कहा गया था.
मुंबई पुलिस के डीसीपी राज तिलक रोशन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलासा किया कि पकड़े गए तीनों आरोपियों में से कोई भी नाबालिग नहीं है. एक आरोपी की उम्र 18 साल और बाकी दो की 22 साल है. इनमें से दो हरियाणा के और एक बिहार का रहने वाला है. शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि इस खतरनाक हमले को अंजाम देने के लिए इन्हें कुल 50,000 रुपये एडवांस में मिले थे. हालांकि, पुलिस को अभी तक आरोपियों के पास से फायरिंग में इस्तेमाल हथियार बरामद नहीं हुआ है.
अब आगे क्या?
मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी-एक्सटॉर्शन स्क्वाड इस पूरे मामले की तह तक जाने में जुटी है. आरोपियों को राजस्थान से ट्रांजिट कस्टडी में मुंबई लाया जा रहा है. पुलिस अब उनसे आमने-सामने की पूछताछ कर रही है ताकि यह साफ हो सके कि इस खौफनाक साजिश के पीछे असली मास्टरमाइंड कौन था और हमलावरों का वास्तविक मकसद क्या था. फिलहाल, इस सनसनीखेज मामले ने एक बार फिर सेलिब्रिटी सिक्योरिटी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

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