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बजरी माफिया से सांठगांठ, पांच एसएचओ सस्पेंड एवं छह लाइन हाजिर

अबतक इंडिया न्यूज 22 दिसंबर जयपुर: राजस्थान में बजरी माफिया से थाना पुलिस की मिलीभगत की शिकायतों को लेकर पुलिस मुख्यालय ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया. एडीजी विजिलेंस एस सेंगाथिर की मॉनिटरिंग में पुलिस मुख्यालय ने 11 टीमें बनाकर प्रदेशभर में बजरी के अवैध खनन, भंडारण और परिवहन की हकीकत और पुलिसकर्मियों की लापरवाही को लेकर डिकॉय ऑपेरशन किया. दो दिन किए डिकॉय ऑपेरशन में कई थानाधिकारियों की लापरवाही सामने आई. इस पर पांच थानाधिकारियों को निलंबित किया, जबकि छह थानाधिकारियों को लाइन हाजिर कर दिया.

दो दिन चला डिकॉय ऑपेरशन

डीजीपी राजीव कुमार शर्मा के अनुसार, एडीजी (विजिलेंस) एस. सेंगाथिर की मॉनिटरिंग में जिलों में पुलिस की कार्यप्रणाली, बजरी के अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर रोक लगाने के लिए 11 अधिकारियों के नेतृत्व में 11 टीमों का गठन किया. इन टीमों ने 18 और 19 दिसंबर को डिकॉय ऑपेरशन किया. इस दौरान लापरवाही सामने आने पर पांच थानाधिकारियों को निलंबित किया. वहीं छह एसएचओ को लाइन हाजिर कर दिया.

लापरवाही आई सामने

 उन्होंने बताया कि जयपुर (दक्षिण) के शिवदासपुरा, टोंक जिले के पीपलू, बरौनी, अजमेर के पीसांगन और धौलपुर के कोतवाली थानाधिकारी को निलंबित किया है. भीलवाड़ा के गुलाबपुरा, कोटा शहर के कुन्हाड़ी एवं नांता, दौसा के लालसोट, चित्तौड़गढ़ के गंगरार और जोधपुर के लूणी थानाधिकारी को लाइन हाजिर किया. इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी. डीजीपी ने साफ किया कि बजरी के अवैध खनन, परिवहन और भंडारण में पुलिसकर्मियों की लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

11 थानों के 15 पुलिसकर्मियों को चार्जशीट

डीजीपी ने बताया कि इससे पहले नवंबर में विभिन्न थानों में जीरो एफआईआर एवं ई-एफआईआर दर्ज करने, पीड़ितों की सुनवाई, स्वागत कक्ष की कार्यप्रणाली, साइबर क्राइम संबंधी शिकायत दर्ज करने, नाकाबंदी और यातायात व्यवस्था में लगे पुलिसकर्मियों के आमजन से बर्ताव और महिला डेस्क पर आने वाली महिलाओं से बर्ताव को लेकर भी डिकॉय ऑपेरशन किया. इसमें कई जगह अनियमितता और लापरवाही सामने आई थी. इस पर 11 थानों के 15 पुलिसकर्मियों को चार्जशीट दी जाएगी.

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