अबतक इंडिया न्यूज देशनोक 16 सितंबर । देशनोक नगरपालिका अध्यक्ष पद का मुकाबला अब महज एक राजनीतिक जंग न रहकर कानूनी दांव-पेंच, रणनीति और जबरदस्त सस्पेंस की पटकथा बन चुका है। नामांकन प्रक्रिया के अंतिम दिन एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की पट्टा जांच का खौफ साफ तौर पर नजर आया। कानूनी शिकंजे से बचने के लिए कांग्रेस ने अंतिम समय में मास्टर स्ट्रोक खेलते हुए गैर-पार्षद सरिता मूंधड़ा पर दांव खेला है, वहीं घोषित प्रत्याशी ओमप्रकाश मूंधड़ा ने निर्दलीय पर्चा दाखिल कर स्थानीय राजनीति में थ्रिलर बढ़ा दिया है। कुल मिलाकर आने वाले दिनों में देशनोक की राजनीति में थ्रिलर,सस्पेंस व लीगल एक्शन का रोमांच भरपूर देखने को मिलेगा।नामांकन वापसी के बाद तस्वीर साफ होगी।
नामांकन का गणित: 6 पर्चे, कई दांव

अंतिम दिन कुल 6 नामांकन पत्र दाखिल किए गए। इस पूरे घटनाक्रम में कांग्रेस की बैकअप रणनीति और कानूनी अयोग्यता का डर केंद्र में रहा:
- सरिता मूंधड़ा (कांग्रेस अधिकृत):
- कानूनी पेचीदगियों से बचने के लिए कांग्रेस ने गैर-पार्षद सरिता मूंधड़ा को अपना अधिकृत उम्मीदवार बनाया है।
- ओमप्रकाश मूंधड़ा (निर्दलीय व कांग्रेस): ओमप्रकाश ने दो पर्चे भरे हैं—एक कांग्रेस से और दूसरा निर्दलीय। हाईकोर्ट से भले ही उन्हें अंतरिम राहत मिल गई हो, लेकिन गिरफ्तारी और अयोग्यता की तलवार अब भी लटकी हुई है।
- चंदा देवी (भाजपा अधिकृत): भाजपा की ओर से चंदा देवी ने पर्चा दाखिल किया है।
आंकड़ों में भारी कांग्रेस, पर जांच का साया
25 वार्डों वाली देशनोक नगरपालिका में बहुमत का जादूई आंकड़ा 13 है। आंकड़ों के लिहाज से कांग्रेस का बोर्ड बनना लगभग तय माना जा रहा है, लेकिन राह आसान नहीं है।
- संख्या बल: भाजपा के पास केवल 8 पार्षद हैं, जो बहुमत के आंकड़े से काफी दूर हैं।
- जांच की आंच: पिछले कांग्रेस बोर्ड के दौरान हुए कथित भ्रष्टाचार और पट्टा प्रकरण की ACB जांच ने चुनावी माहौल को गरमा दिया है। सत्ता पक्ष के लिए यह जांच गले की फांस बनी हुई है।
नामांकन वापसी तक टिका रोमांच
देशनोक का यह चुनाव अब कानूनी लड़ाई और राजनीतिक शह-मात के खेल में बदल चुका है। ओमप्रकाश मूंधड़ा पर्चा वापस लेते हैं या मैदान में डटे रहते हैं, इसका फैसला नामांकन वापसी के दिन ही होगा। बहरहाल, देशनोक की सियासत में आने वाले दिन लीगल एक्शन और हाई-वोल्टेज ड्रामे से भरे रहने वाले हैं।












