अबतक इंडिया न्यूज 13 जून बीकानेर । बीकानेर। जिले में बाल अधिकारों की सुरक्षा के लिए कार्यरत अग्रणी संगठन ‘राजस्थान महिला कल्याण मंडल’ ने विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर बाल श्रम के खिलाफ एक बड़ी मुहिम की शुरुआत की है। ‘एक्शन मंथ’ के रूप में चलाए जा रहे ‘उमंग-7’ अभियान के तहत किशोर न्याय बोर्ड और बाल कल्याण समिति के संयुक्त तत्वावधान में बाल श्रम निषेध से संबंधित विशेष पोस्टर का विमोचन किया गया।
अभियान के दौरान कार्यकर्ताओं ने शहर के विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और दुकानों पर पोस्टर चस्पा किए। साथ ही दुकानदारों को ‘बाल श्रम (निषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986’ के प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बच्चों से मजदूरी न करवाने का संकल्प दिलाया।
हेल्पलाइन नंबरों पर दें सूचना
कार्यक्रम में आमजन को जागरूक करते हुए अपील की गई कि यदि कहीं भी बाल श्रम या बच्चों के शोषण का मामला सामने आता है, तो तुरंत नीचे दिए गए हेल्पलाइन नंबरों पर सूचना दें:
जे.आर.सी. हेल्पलाइन: 18001027222, चाइल्ड हेल्पलाइन: 1098
”बच्चों की जगह ढाबों और फैक्ट्रियों में नहीं, बल्कि स्कूल में है। बाल दुर्व्यापार (ट्रैफिकिंग) ही बाल मजदूरी का मुख्य कारण है, जो बच्चों को उनके बचपन और मूल अधिकारों से महरूम कर देता है। इस समस्या से तत्काल निपटने की जरूरत है।”
— अमित कुमार, जिला समन्वयक (राजस्थान महिला कल्याण मंडल)
साझा नेटवर्क से टूटेगा ट्रैफिकिंग का जाल
जिला समन्वयक अमित कुमार ने जिला प्रशासन और कानून लागू करने वाली एजेंसियों को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। उन्होंने बताया कि ‘जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन’ नेटवर्क के देशभर में फैले सहयोगी संगठन आपस में खुफिया सूचनाएं साझा कर ट्रैफिकिंग के शिकार बच्चों की पहचान करने और उन्हें मुक्त कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। संगठन बच्चों को मुक्त कराने के साथ-साथ उनके समुचित पुनर्वास और सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए भी प्रतिबद्ध है।
यह रहे उपस्थित
पोस्टर विमोचन के इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान किशोर न्याय बोर्ड से: अरविंद सेंगर एवं राजेश कुमार,बाल कल्याण समिति से: सदस्य जनमेजय व्यास, सुनीता, हाजरा बानो एवं कमल ,राजस्थान महिला कल्याण मंडल से: बाबूलाल, पिंकी जनागल सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।











